भाभर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]भाभर संज्ञा पुं॰ [सं॰ वप्र]
१. वह जंगल जो पहाड़ों के नीचे और तराई के बीच में होते हैं । यह प्रायः साखू आदि के होते हैं ।
२. एक प्रकार की घास जिसकी रस्सी बटी जाती है । यह पर्वतों पर होती है । इसे बनकस, बभनी, बबरी, बबई, आदि कहते हैं ।