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विक्षनरी:भारतीय भाषा कोश ०१

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भारतीय भाषा कोश

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1अंकपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंगक्रोड़, गोद;संख्या के सूचक चिह्न;परीक्षा आदि में सफलता की सूचक इकाइयां (नंबर);नाटक का एक खंड या भाग जिसमें कई दृश्य हो सकते है;पत्र-पत्रिकाओं का किसी निश्चित समय पर होने वाला प्रकाशन।कुच्छड़अंकअंकअंकअंकआग़ोश (गोद)अ़दद, हिंदसानम्बरबाब (एक्ट)शुमाराक़ॅछअंक, हिंदसु॑नंबरपा॑थुरनम्बर, शुमारु॑गोदिअंगुमार्कअंकुअंकु, पर्चोमांडीअंकअंक, मार्क, नंबरअंक (नाटकाचा)अंक (पत्र-पत्रिकांचा)अंक, गोद, खोळोआंकडोगुण, नंबरनाटक नो विभागअंकक्रोड़, कोल अंङूकआँकनम्बरअङ्कसंख्या (खा)कोलासंख्यामूल्यांक, नम्बरनाटकर अंकसंख्याक्रोड़, कोळसंख्यानंबरनाटक का एक खंडपत्रिका का अंकअंकमु, ओडिअंके, संख्यगुणांकमु, मार्कुलुअंकमुसंचिकमडिऎण्णिक्कैमदिप्पॆण् (मार्क्कु), ऎण्नाडगत्तिन् कऴ्म/अंगम्पत्तिरिगैकळिन इदळ्मटिअक्कंमार्क्कुअङ्कंलक्कंतॊडॆअंकिनंबर, गुणांकअंकसंचिकॆ
2अंकुरपुंलिंग----गुठली, बीज आदि से निकलने वाला नया डंठल, जड़ या डाल से निकलने वाला नया पत्ता;----अंगूर, अंक----अंखुआ----ब्योल, तर----सलो----कोंब, अँकुर----अंकुर, फणगो----आँकुड़, अंड्कुर----अंकुर, गाज----अंकुर, गजा----अंकुरमु----विदैयिन् मुळै----म़ुळ, अंकुरं----मॊळकॆ----
3अंकुशपुंलिंगपुंलिंग---लोहे का कांटा जिससे हाथी को चलाया और वश में किया जाता है;नियंत्रण, दबाव या रोक।---अंकसअंकस---आंकसइख़्तियार, रोक---टोंग----अंकुशु, कुंढोरोक, पाबंदी---अंकुशनियंत्रण, अडथळा, आडकाठी---अंकुशदाब, काबू---डाङ्गश अङ्कुशनियन्त्रण॒ (न)---अंकुश, आँकुहिनिषेध, बाधा, नियन्त्रण---अंकुशनियन्त्रण, रोकिबा---अंकुशमुअंकुशमु---अंकुशम्कट्टुप्पाडु---अंकुशं, तोट्टिअंकुशं, तटस्सं---अंकुशतडॆ---
4अंगपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--शरीर के विभिन्न अवयव;शरीर, देह;भाग।--अंगअंगअंग--अ़ज़ू, अ़ज़्वजिस्महिस्सा--अंग-हिसु॑--अंगु, उज़्वोसरीरु, देहिअंगु, हिसो--अवयवशरीर, देह, अंगभाग, प्रभाग--अवयवशरीर, देहभाग--अवयवदेह, अङ्ग, शरीरविभाग, भाग--अंगदेह, शरीरभाग, बिभाग--अबयवशरीर, देहभाग, बिभाग--अंगमुशरीरमुभागमु--अवयवम्/उडलिन् उरु॒प्पुगळ्उडल्बागम्, पगुदि--अवयवं, अंगंशरीरंभागं, अंगं--अंगमैभाग--
5अंचलपुंलिंगपुंलिंग---सीमा के आसपास का प्रदेश;आंचल या पल्ला।---अंचलप़ल्ला, लड़---अंचलआंचल (दामन)---हद, बनु॑----आस-पास जो प्रदेशुपलउ, आंचलु---अंचलपदर---सीमानी आसपासनो प्रदेश, आंचलअंचल, पालव---एलाका, अञ्चलअञ्चल, आँचल, खुँट---अंचलआँचल---अंचलआंचल, मुहे---अंचलमुकोंगु---ऎल्लै ओरप्पगुदिमुंदानै---अतिर्त्तिप्रदेशं, अंचलंअंचलं, कर---गडिअंचु---
6अंडापुंलिंग----कुछ विशिष्ट मादा जीवों के गर्भाश्य से निकलने वाला एक पिंड।----आंडा, अंडा----अंडा----ठूल----अंडो, आनो, बेदो----अंडे----इंडु----डिम, आण्डा----कणी, डिम----अंडा----ग्रुड्डु----मुट्टै----मुट्ट, अंडं----मॊट्टॆ----
7अंतपुंलिंग----समाप्ति, अवसान।----अंत----ख़ातिमा----अंद----अंतु, पछाड़ी----शेवट, आखेर, अंत----अंत, छेवट----शेष, समाप्ति, अवसान, अन्त----अंत, शेष----समाप्ति, अबसान----अंतमु----मुडिवु----अवसानं, अन्तं----कॊनॆ, मुकताय----
8अंतरंगविशेषणविशेषण---घनिष्ठ, आत्मीय;भीतरी।---आपणाअंदरला---दिली, जिगरीबातिनी---दिलुक, जिगरुकदिली---घाटो, गहिरोअंदिर्यों---घनिष्ठ, आत्मीया, अंतरंगआँतील---अंतरंग, आत्मीयअंदरनुं---अन्तरङ्ग, घनिष्ठ, आत्मीयअभ्यन्तरगत, भितरेर---घनिष्ठ, अंतरंगमितरुबा---घनिष्ठ, आत्मीयभितरी---आंतरंगिकमुआंतरंगिकमु---नॆरुंगिय, आप्तमानअंतरंगमान---उट॒ट॒, आत्मअकत्तॆ---आत्मीयऒळगिन---
9अंतरपुंलिंगपुंलिंग---दो वस्तुओं के बीच की दूरी, फासला;भेद, भिन्नता।---वित्त्थ, अन्तरभेद---फ़ास्लाफर्क---फरु॑खफरूख---अंतरु तफ़ावतुफ़र्कु---अंतरफरक, भिन्नता---अंतरभेद, जुदाई; तफ़ावत---व्यावधानी, अन्तरभेद, भिन्नता, तफात्, पार्थक्य---माज, भाग, ब्यवधानभिन्नता, पार्थक्य---दूरता, अन्तर, फांकभेद, भिन्नता, पार्थक्य---अंतरमु, दूरमुभेदमु---इडैवॆळिवित्तियासम्---दूरंव्यत्यासं---दूरव्यत्यास---
10अंतरिक्षपुंलिंग----पृथ्वी तथा अन्य ग्रहों या लोकों के बीच का स्थान।----पुलाड़----ख़ला----ख़ला----अंतरिक्ष, आकाशु, पोलारु----अंतरिक्ष----अंतरिक्ष----अन्तरिक्ष (क्ख)----अन्तरिक्ष, महाकाश----अनतरिक्ष----अंतरिक्षमु----विण्-वॆळि----अंतरीक्षं----अंतरिक्ष----
11अंतर्राष्ट्रीयविशेषण----एक से अधिक राष्ट्रों से संबंध रखने वाला।----अंतरराशटरी----बैनलअक़्वामी----ब॑नुलअकवामी----अंतर्राष्ट्रीय, परडे॒ही----आन्तर्राष्ट्रीय----आंतरराष्ट्रीय----आन्त:राष्ट्रीय----आन्तर्जातिक---------अंतर्जातीयमु----सर्वदेशीय----अंताराष्ट्रीयं----अंतरराष्ट्रीय----
12अंतिमविशेषणविशेषण---सबसे पीछे का, आखिरी;चरम, परम।---अंतिमअंतिम---आख़िरीइन्तिहाई, आख़िरी---सारिवु॑य पा॑तुससारिवु॑य पा॑तुस---अंतिम, आख़िरी----अंतिमअंतिम, चरम, परम---अंतिम, छेल्लुं, छेवटनुंचरम, परम---आखेरअन्तिम, शेष, चरम---अंतिम, शेषचरम, परम---अंतिमचरम, परम---अंतिममु, आखरुपरम---मुडिवान----अवसानत्तॆचरममाय, परममाय---कॊनॆयचरम कॊनॆय---
13अंदरक्रिया विशेषण----भीतर।----अंदर----अंदर----अंदर----अंदरि----आंत----अंदर----अन्दर, भितर----भितरते----भितर----लोपल----उळ्ळे----अकत्तु----ऒळगॆ----
14अंधकारपुंलिंग----अंधेरा----हनेरा----अंधेरा, तारीकी----अनिगा॑ट----अंधकारु, ऊंदहि----अंधकार, अंधार----अंधकार, अंधारुं----अन्धकार, आँधार, तिमिर----एन्धार, अन्धकार----अंधार----अंधकारमु, चीकटि----इरुट्टु----इरुट्टु----कत्तलु----
15अंधाविशेषण----देखने की शक्ति से रहित।----अन्न्हा----अंधा----औन----अंधो----आंधळा----अंध, आंधळुं, आंधळो----अन्ध, दृष्टिहीन----अन्ध, कणा----अन्ध----गुड्डि, अंधुडु----कुरूडान----कुरुटन्, अंधन्----कुरुड----
16अंशपुंलिंग----भाग, हिस्सा, खंड, टुकड़ा।----अंश----हिस्सा, जुज़्व----हिसु॑----अंशु, हिसो, भागु॒----भाग, हिस्सा, खण्ड, तुकडा----अंश, हिस्सो----हिस्सा, खण्ड, टुकरा----अंश, खण्ड, भाग----भाग, हिस्सा, खण्ड, टुकड़ा----अंशमु----बागम्, पगुदि, तुंडु----भागं, अंशं----तुंडु, चूरु, पालु----
17अकड़नाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---कड़ा होना, ऐंठना;घमंड दिखाना या दुराग्रह करना।---आकड़नाआकड़ना---अकड़नाघमंड दिखाना---अकड करून, त्रकुरुन----आकिड़जणु, सख़्तु थियणुआकिड़जणु---आक्रसणे, संकोच पावणेंऐट दाखविणें, घमेंड करणें---अकडावुंअकडावुं---कड़ा हओया, टान हओयादेमाक देखानो---कोंच रवा, सिरामूरि धरदम्मालिकार, फिताहि मार---अकड़िबा----नीलुक्कोनुटमिडिसि पडुट---विरै॒त्तुप्पोगगर्वम् कॊळ्ळ---करुत्तनाकुक, निवरुकगर्वु काणिक्कुक, वाशि पिटिक्कुक---विरुसागुवुदुजंभ माडुवुदु---
18अकालपुंलिंगपुंलिंग---दुर्भिक्ष;कमी, अभाव।---काल, अकालकाल, अकाल---काल, क़हतक़िल्लत---द्राग़, कहत----अकालु, डु॒करुअकालु, खोटि, कहतु---दुष्काळन्यूनता, उणीव---दुकाळअछत, अभाव---दुर्भिझ (क्ख), आकालकमति, घाटति, अभाव---आकाल, दुर्भिझअभाव, नाटमि---दुर्भिख्य (दुर्भिख्य), अकाळकमि, अभाव---अकालमु, क्षाममु, करुवुकोरत---पंजम्कुरै॒वु---क्षामंकुर॒वु, अभावं---अकालकॊरतॆ---
19अकेलाविशेषण----बिना साथी का।----कल्ला, इकल्ला----अकेला----कुनुय, ज़ॉन----अकेलो----एकाकी, एकटा----एकलुं----एकला, निसङ्ग, एकाकी----अकलशरीया----एकाकी, एकुटिआ, एकला----ओंटरि----तनियान----एकनाय, तनिच्चुळ्ळ----ऒटिंग----
20अक्लस्त्रीलिंग----बुद्धि, समझ।----अकल----अक्ल----अकु॑ल----अकुलु----अक्कल समज, बुद्धि----अ॑कल----बुद्धि, समझदारी, आक्केल----बुधि, ज्ञान, चेतना----बुद्धि, समझ----तेलिवि----बुद्दि, अरि॒वु----बुद्धि, अरि॒वु----बुद्धि----
21अक्सरअव्यय----बहुधा, प्राय:।----अकसर----अक्सर----अकसर----अकसर----नेहमी, प्राय:, बहुधा----प्राय:, घणुं खरुं घणुं करीने----बहुधा, प्राय, आकछार----प्रायेइ, प्राय----बहुधा, प्राय:----तरचु----अडिक्कडि, पॆरम्बालुम्----मिक्कवारूं॒, साधारण----प्रायश: साधारणवागि----
22अक्षरपुंलिंगविशेषण---वर्ण।अविनाशी, नित्य।---अक्खरअवनाशी---हर्फ़लाफ़ानी, जावीद---अछुर ह॑रुफ----अखरुअबिनासी---स्वर, वर्ण, शब्दअविनाशी, अक्षय, नित्य---अक्षर, वर्णअविनाशी---वर्ण (र्न) अक्षर (क्ख)अक्षर, अविनाशी, नित्य (क्ख) (त्त)---बर्ण, आखर, अक्षरअक्षर, नित्य---बर्ण (अख्यर)अबिनाशी, नित्य---अक्षरमुअनश्वरमु, शाश्वतमु---ऎळुत्तुअ़ऴिवट॒ट॒---अक्षरंनशिक्कात्त, नित्यमाय---अक्षरअविनाशि---
23अखंडविशेषण----जिसके खंड न हुए हों, पूरा, समूचा।----अखंड----ग़ैरमुनक़सम (सालिम)----फुटु॑नय----अखंडु----पूर्ण, सम्पूर्ण----अखंड, आखुं----अखण्ड, पूरा----अखण्ड, पूर्ण, पूरा----पूरा, संपूर्ण----अखंडमु----तुण्डिक्क-पड़ाद, मुळु----अखंडमाय, पूर्णमाय----इडि, संपूर्ण----
24अखबारपुंलिंग----समाचार पत्र।----अखबार----अख़्बार----अखबार----अख़्बार इख्बार----वर्तमान पत्र वृत्तपत्र----छापुं----खबरेर कागज----बातरि काकत, खबरा कागच----समाचार पत्र----वार्ता पत्रिक----सॆय्दित्ताळ्----वर्तमान पत्रं----वृत्तपत्रिकॆ----
25अखरनाअकारात्मक क्रिया----बुरा या अप्रिय लगना, खलना, ख़टकना।----अक्खरना----अखरना, खलना----खॅश नु॑ करुन----खटिकणु----मनांस लागणे सलणें खटकणें----खटकवुं---------बेया लाग----अप्रिय लागिबा----कटुवुगा तोयुट----मनदै उरुत्त----अनिष्टमायि तोन्नुक----चुच्चुवुदु----
26अखाड़ापुंलिंगपुंलिंग---व्यायामशाला, कसरत करने का स्थान;साधुओं की साम्प्रदायिक मंडली या उनके रहने का स्थान।---खाड़ा अखाड़ा----अखाड़ाअखाड़ा---अखाडु॑अखाडु॑---आखाड़ोमठु---आखाडा, व्यायामशाळामठ---अखाडो, व्यायामशालामठ---आखड़ा, व्यायामशालाबैरागीर, आखड़ा---ब्यायामगार, ब्यायामशालामठ-मन्दिर---आखड़ा, ब्यायामशाला----व्यायामशाल, रंगस्थलमुमठमु---गुस्ति मैडै, गोदासादुक्कळिन् मड़म्---गोद, कळरिसंन्यासिमठं---गरडिमनॆशिबिर---
27अगरअव्ययपुंलिंग---यदि, जो।एक पेड़ जिसकी लकड़ी बहुत सुगंधित होती है।---जे, अगरअगर---अगरअगर---अगर, हरगाहअगर---अगरि, जेकड॒हिंअगरु---जर, जरीअगर बृक्ष---जो, अगरअगर---यदि (ज)अगुरु---यदि, एने हेलेअगुरु गछ---जदि----अयितेअगरु---आल्अगर (वासनैयुळ्ळ ऒरू मरत्तिन कट्टै)---ऎङ्किल्अकिल् मरं---ऒन्दु वेळॆगंदद मर---
28अगरबत्तीस्त्रीलिंग----वह बत्ती जो सुगंधि के निमित्त जलाई जाती है।----अगरबत्ती----अगरबत्ती----मुशुक॑तुज----अगरबत्ती----उदबत्ती, अगरबत्ती----अगरबत्ती----धूपकाठि, आगरबाति----धूप, धूप काठि----आगरबाति, धूपकाठि----ऊदुकड्डी----अगर्बत्ति (ऊदुवत्ति)----सांप्राणित्तिरि----ऊदुबत्ति----
29अगलाविशेषणविशेषण---सबसे आगे, सबसे पहले या सामने वाला;भविष्य में आने वाला।---अगलाअगला---अगलाअगला---सरिवु॑य ब्रोहं----अगि॒योंईंदड़ु---पुढचाआगामी---सौथी आगलोहवे पछी कनार---अग्रवर्तीआगामी---पहिला, प्रथमआगामी, आगत्तुक---अगिला----मुंदुन्नरानुन्न---मुन्दिय, ऎतिरिलुळ्ळवरुगिर, अडुत्त---मुन्पिलुळ्ळवरुन्न, अटुत्त---ऎदुरिन, मुंदिनमुंबरुब---
30अगाधविशेषणविशेषणविशेषण--अथाह;बहुत अधिक (प्रेम आदि);अपार।--अगाध, अथाह----अथाहगहरा---हदु॑ खौतु॑ ज़्यादु॑हदु॑ खौतु॑ ज़्यादु॑हदु॑ खौतु॑ ज़्यादु॑--अथाहुतमाम घणोअपारु--अगाध अथांगअत्यधिक (प्रेम वग़ैरे)अपार--अगाध-अपार--अगाध, अथइ, अतलस्पर्शीप्रगाढ़ (प्रेम)अपार--आथाउनि, अगाधगभीरअपार, असीम--बहुत गभीर (अगाध)-अपार--अगाधमुगाढमुअपारमु--मिक्क आऴमानमिक्क आदिगमानकडक्क मुडियाद--अगाधंअगाधमायअपारं--अगाधअत्यधिकअपार--
31अग्निस्त्रीलिंग----आग।----अग्ग, अगनी----आग----अ॑गु॑न, नार----बाहि, आगि, अग्नी----अग्नि, आग----अग्नि, आग----अग्नि, आगुन----जुइ, अग्नि----निआँ----अग्नि, निप्पु----ती, नॆरुप्पु----ती, अग्नि----बॆकि----
32अग्रजपुंलिंग----बड़ा भाई----वड्डा भरा----बिरादरे-कलां----ज़्युठ बोये----बडो॒ भाउ----थोरला भाऊ, अग्रज----मोटो भाई----अग्रज, बड़भाई----अग्रज, क्काइदेउ----बड़ भाइ (अग्रज)----अग्रजुडु, अन्न----अण्णन्----ज्येष्ठन् अग्रजन्----अण्ण----
33अचलविशेषणविशेषण---जो अपने स्थान पर बना रहे, गतिहीन, स्थिर;सदा एक-सा बना रहने वाला।---अचल----ग़ैरमुतहर्रिक, साकिनजामिद---अकिसु॑य जायिअच़ल---अचलु, अडो॒लुअचलु, अटलु---गतिहीन, स्थिर, अचलअचल---अचलगतिहीन, अचळ---अचल, गतिहीन, स्थिरअटल---अचल, गतिहीन, स्थिरअलर, अचर, सुदृढ़---अचळ, स्थिर----अचलमु, कदलनिमारनि---नगराद, स्तिरमान, स्तावरमारा॒द---उर॒च्च, स्थिरमायमारा॒त्त---कदलद, निश्चलअचल, एकरूप---
34अचानकक्रिया विशेषण----बिना पूर्व सूचना के, एकाएक, सहसा।----चाणचक, चानक, अचानक----अचानक----अचानक----अचानक----अचानक, एकाएकी अकस्मात्----अचानक----आचमका, हठात, सहसा, अकस्मात----अकस्मात्, हठात् घपहकरे आचम्बिते----एकाएक, अकस्मात सहषा----हठात्तुगा----दिडीरॆन----पॆट्टॆन्नु, विचारिच्चिरिक्कातॆ----इद्दक्किद्दंतॆ----
35अच्छाविशेषणविशेषणअव्यय--ठीक, उपयुक्त;जो बुरा न हो, दोष-रहित।आश्चर्य, स्वीकृतिसूचक अव्यय।--चंगा, अच्छाचंगा, अच्छाचंगा, अच्छा--अच्छा-अच्छा--जान, ज़बर-अच्छा--सुठो, ठीकुदोषरहितसुठो, ठीक, वाह--चांगला ठीक, उपयुक्तदोषरहित, उत्तमखरं (आश्चर्य, स्वीकृतिसूचक अव्यय)--सारुंउत्तम, सरससारुं--अच्छा, ठिक उपयुक्त (जु)बेश, भालोआश्चर्य॒ (र्ज), स्वी॒कृति (सी)--ठिक, उपयुक्त, उचितभाल, निर्दोष, सुन्दरभाल! आच्छा, बढ़िया--आछा, ठीक, उपजुक्त----सरि अयिनम़ंचिअलागा, सरे--सरियाननल्ल, कुटट॒मिल्लादवियप्पूट्टुम शॊल् सरि (नल्लदु)--नल्ल, उपयुक्तमायदोषमिल्लात, चीत्तयल्लात्तकॊळ्ळां--सरियादऒळ्ळॆयहौदा, सरि--
36अजगरपुंलिंग----एक विशाल सर्प जो बकरी, हिरन आदि को निगल जाता है।----अजगर, सराल----अज़्दहा, अजगर----अ॑जदा----अजिगरु----अजगर----अजगर----अजगर----अजगरं----अजगर----कोंडचिलुव----मलैप्पांबु----मलंपांपु----हॆब्बावु----
37अजायबघरपुंलिंग----वह भवन जहां पर पुराकालीन कला-कौशल संबंधी विभिन्न प्रकार की अद्भुत और विलक्षण वस्तुएं संग्रहीत तथा प्रदर्शित की जाती हैं, संग्रहालय।----अजायबघर----अ़जाइबघर (अ़जाइबख़ाना)----अजा॑इबगर----अजायबघरु, भूतख़ानो----वस्तु संग्रहालय----अजायबघर----जादुघर----यादुघर, संग्रहालय----जादुघर----वस्तुप्रदर्शनशाल----पॊरुट्काटचिशालै, मियूसियम्----काऴ्चबंगळावु----वस्तु संग्रहालय----
38अटकनाअकारात्मक क्रिया----चलते-चलते या कोई काम करत-करते रुक जाना, रुकना।----अटकणा, रुकणा----अटकना----रोटु॑ गछुन----अटिकणु, रुकिजणु----अडणें, अडकून पडणें----अटकवु----आटकानो----रै या बन्धह----अटकिबा----आगुट, चिक्कुपडुट----तडैपड----तटस्सप्पॆटुक, तटयुक----निल्लिवुदु----
39अड़नाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---बीच में रुकना या फंसना;हठ करना।---अड़ना----अड़ना----अडुन----अड़िजणु, रयकिजणुहोड॒ करणु, अड़ी करणु---अडून बसणेंहट्ट करणें---अडवुं, अटकवुं, रोकावुंहठ करवो---आडिधरा----खुन्दा खा, ठेका खा, संघर्ष हबिबाद कर, काजिया कर---अड़िबा----आगुटहठमु चेयुट---इडक्कुशॆय्यअडम् पिडिक्क---तङ्ङुकशाठ्यं पिटिक्कुक---सिक्किकॊळ्ळुवुदुहटमाडुवुदु---
40अड्डापुंलिंग----टिकने, ठहरने या बैठने का स्थान।----अड्डा----अड्डा----अडु॑----अडो॒----अड्डा----अड्डो----आड्डा, आखड़ा----आड्डा----आड़ा, उकणा----निलयमु----तंगुमिडम्, निलैयम्----तावळं----निल्दाण, बीडु----
41अणुपुंलिंगपुंलिंग---किसी तत्व या धातु का वह बहुत छोटा अंश जिसमें उसके सभी संयोजक अंश वर्तमान हों;अत्यन्त सूक्ष्म मात्रा या वस्तु।---अणू----ज़र्रा (एटम)ज़र्रा---जरु॑----अणूज़रो, सूक्ष्म वस्तू---अणुअणु---अणुअणु---अणु (नु) कणा॒ (न)सूक्ष्माति सूक्ष्म---अणु, कण, कणिकाखुदकण कणिका---अणु----अणुवु.अणुमात्रमु---अणुमिगच्चिरि॒य वस्तु---अणुसूक्ष्म वस्तु---अणुअत्यंत सूक्ष्म वस्तु---
42अतिथिपुंलिंग----पाहुना, अभ्यागत, मेहमान।----प्रहुणा----मेहमान----पाछ़----महिमानु, मिज़्मानु----अतिथि, पाहुणा, अभ्यागत----अतिथि, मेहमान----अतिथि, अभ्यागत----अतिथि, आलही----अभ्यागत (कुणिआ) अतिथि----अतिथि----विरुन्दाळि----अतिथि----अतिथि----
43अदालतस्त्रीलिंग----न्यायालय।----कचहरी, अदालत----अ़दालत----अदालथ----अदालत----कचेरी, न्यायालय----अदालत, कोर्ट----अदालत, न्यायालय, काचारी----अदालत, न्यायालय----न्यायाळय, कचेरी, अदालत----न्यायस्थानमु, कोर्टु----नियायालयम्----नीतिपीठं, कच्चेरि----न्यायालय----
44अधिकविशेषणविशेषण---बहुत;अतिरिक्त।---बहुता, बहुतबहुता, बहुत---ज़ियादाज़ाइद---स्यठाहअलावु॑---वधीक, घणोवधीक---अधिक, जास्त, पुष्कळअतिरिक्त---अधिक, घणु, बहुवधारानुं---अधिक, बेशीअतिरिक्त---अधिकअतिरिक्त---बहुतअतिरिक्त---चाला, अधिकमुऍक्कुव, अधिकमु---अदिगअदिगप्पडियान---वळरॆ, अधिकंकविञ्ञ---बहळइन्नु---
45अधिवेशनपुंलिंग----किसी बड़ी सभा की लगातार होने वाली बैठकों का सामूहिक नाम।----अजलासा, अधिवेशन----इज्लास----जलसु॑----इज्लासु, अधिवेशनु----अधिवेशन, बैठक----अधिवेशन----अधिबेशन----अधिबेशन----अधिवेशन----समावेशमु----सबै----सम्मेळनं----अधिवेशन----
46अधिसूचनास्त्रीलिंग----किसी बात की ओर विशिष्ट रूप से ध्यान आकृष्ट करने के लिए दी जाने वाली सूचना (नोटीफिकेशन)।----अधिसूचना----इत्तिल़ा----अ॑लान, येलान----पधरनामो, सूचना----अधिकृत सूचना----जाहेरनामुं----अधिसूचना, नोटिश----बिज्ञापन----अधिसूचना, विज्ञापन----प्रकटन----विशेष अरि॒विप्पु----विज्ञापनं----अधिसूचनॆ----
47अधूराविशेषण----जो पूरा न हो या जो समाप्त न हुआ हो।----अधूरा----अधूरा----औंडुय----अधूरो----अर्धवट----अधूरुं----अपूर्ण॒ (र्न)----आधुरवा, आधाकरा----अधूर----असंपूर्णमु, मुगियनि----अरै कुरै॒ यान----अपूर्णं, पणि तीरात्त----मुगिदिल्लद, अपूर्ण----
48अध्यक्षपुंलिंगपुंलिंग---किसी संघ, संस्था, समिति आदि का प्रधान;स्पीकर, चेयरमैन।---मुखी, प्रधानमुखी, प्रधान---सद्रइस्पीकर, चेयरमैन---ज़्युठ, सदु॑रस्पीकर---सभापतीस्पीकरु---अध्यक्ष, मुख्य अधिकारीस्पीकर, चेयरमन---अध्यक्ष, प्रमुखस्पीकर, चेयरमेन---अध्यक्ष॒, (क्ख)स्पीकर, चेयरम्यान---सभापतिअध्यक्ष---सभापति, प्रधानस्पीकर, चेयारमान---अध्यक्षुडुसभापति---तलैवर्अवैत्तलैवर, मुदलवर्---अध्यक्षन्स्पीक्कर॒, अध्यक्षन्---प्रधानअध्यक्ष, सभापति---
49अध्यादेशपुंलिंग----वह आधिकारिक आदेश जो किसी कार्य, व्यवस्था आदि के संबंध में राज्य के प्रधान शासक द्वारा निकाला गया हो (आर्डिनेंस)।----अधिआदेश----सदारती फर्मान (आर्डिनेंस)।----सरका॑री, फरमान----आर्डिन्नसु, अध्यादेश----टहुकुम, (आर्डिन्नस)----वटहुकम----अध्यादेश, आर्डिन्यान्स----अध्यादेश----अध्यादेश (अड़िनान्स)----अध्यादेशमु----अवसरच्चट्टम्----आर्डिनॆन्स्----अध्यादेश----
50अध्यापकपुंलिंग----पढ़ाने वाला, शिक्षक।----अधिआपक----मुअ़ल्लिम, उस्ताद----माश्टर----मास्तरु, अध्यापकु----अध्यापक, शिक्षक----अध्यापक, शिक्षक----अध्यापक (शिक्ष॒क) (क्ख)----अध्यापक----शिख्यक, अध्यापक----उपाध्यायुडु, अध्यापकुडु----उबाद्दियायर्----अध्यापकन्----शिक्षक, मेष्टु----
51अध्यायपुंलिंगपुंलिंग---ग्रंथ या पुस्तक का खंड या विभाग;प्रकरण।---अधिआ, अधिआइ----बाब (फ़स्ल)----अद्याय, बाबबाब---अध्याउ, बाबुअध्याउ, बाबु---अध्याय, खंड, भागप्रकरण---अध्यायप्रकरण---अध्याय, खण्ड, विभागप्रकरण॒ (न)---अध्याय, आध्याप्रकरण---अध्यायप्रकरण---अध्यायमुसर्ग, प्रकरणमु---अद्दियायम्विषयम्---अध्यायंप्रकरणं---अध्यायप्रकरण---
52अनगिनतविशेषण----बहुत अधिक।----अनगिणत----बेशुमार, अनगिनत----बेशुमार----बेशुमार, अणग॒ण्यो----अगणित, अनंत----अगण्य, अगण, अगणित, असंख्य----अगुनति----अगणन----अगणित----लेक्कलेनि, अगणित----ऎण्णट॒ट॒----वळरॆयधिकं, ऎण्णमट॒ट॒----असंख्य----
53अनशनपुंलिंगपुंलिंग---आहार त्याग, उपवास;भूख-हड़ताल।---भुख-हड़ताल----फ़ाक़ाभूक हड़ताल---फाकु॑----उपवासु, व्रतुबुख-हड़ताल---अनशन आहार त्याग, उपवासभूक हरताळ, अन्न सत्याग्रह---अनशनभूक हडताल---उपोस, उपवासअनशन---उपवासधर्मघट, अनशन---उपबास (अनशन)भोक-हरताळ---उपवासमुनिराहार दीक्ष---उपवासम्उण्णाविरदम्---उपवासंपट्टिणिसत्याग्रहं, निराहार सत्याग्रहं---लंधन, उपवासउपवास, मुष्कर---
54अनाथपुंलिंगविशेषण---जिसका पालन-पोषण करने वाला कोई न हो।असहाय, अशरण, दीन, दुखी।---यतीम, अनाथ----यतीमबेसहारा---यतीमयतीम---अनाथुयतीमु, दीनु, दुखी---अनाथअसहाय, दीन, दु:खी---अनाथ, निराधारदीन---अनाथअसहाय, आश्रयहीन, दीन, दु:खी---अनाथअसहाय---अनाथअसहाय अशरण, दीन, दु:खी---अनाथुडुदीनुडु---अनादैदिक्कट॒ट॒वन्---अनाथन्अनाथनाय---तब्बलिअसहाय, दीन---
55अनाथालयपुंलिंग----वह स्थान जहां अनाथों का पालन-पोषण होता है।----यतीमखाना----यतीमख़ाना----यतीमखानु॑----अनाथालय----अनाथालय----अनाथालय, अनाथाश्रम----अनाथाश्रम----अनाथालय----अनाथाश्रम----अनाथशरणालयमु----अनादै विडुदि----अनाथालयं----अनाथालय----
56अनावरणपुंलिंग----किसी महापुरुष के चित्र, मूर्ति आदि से समारोहपूर्वक परदा हटा कर उसे सर्व-साधारण के लिए दर्शनीय किया जाना, उद्घाटन।----नकाब कुशाई----निक़ाबकुशाई----नकाब कुशाई----उद्घाटनु----अनावरण, उद्घाटन----अनावरण, उद्घाटन----उद्घाटन----उन्मोचन----उद्घाटन (अनाबरण)----आविष्करणमु----तिर॒न्दुवैत्तल्----अनाच्छादनं----अनावरण----
57अनिवार्यविशेषण----जिससे बचा न जा सके, अवश्यभावी।----लाज़मी, अनिवारी----नागुज़ीर----जरूरी, लाज़िमी----लाज़िमी, ज़रूरी----अनिवार्य, अवश्यंभाव, आवश्यक----अनिवार्य----अनिवार्य॒ (र्ज), अवश्यमभावी----अनिवार्य----अवश्यंभावी----अनिवार्यमु----तविर्क्क मुडियाद, कट्टायमाह----अनिवार्यं----अनिवार्य, अगत्यवाद----
58अनुकरणपुंलिंग----नकल, अनुसरण।----नकल, अनुकरण----पैरवी, नक़्ल----नकु॑ल----पोइल॒गी, पैरवी----अनुकरण, नक्कल, अनुसरण----अनुकरण; नकल----अनुकरण, अनुसरण॒ (न) नकल----अनुकरण, नकल----नकल, अनुसरण----अनुकरण----अनुसरित्तल, पिन् पट॒टु॒दळ्----अनुकरणं----अनुकरण, अनुसरण----
59अनुक्रमणिकास्त्रीलिंग----किसी विशेष क्रम के आधार पर बनाई गई सूची।----अनुक्रमणिका----इशारिया----फिहरिस्त----फ़हरिस्त, सूची----अनुक्रमणिका----अनुक्रमणिका, अनुक्रमणी, सांकळियुं----अनुक्रमणि॒का (नि)----अनुक्रमणिका----अनुक्रमणिक----अनुक्रमणिक----अट्टवणै----अनुक्रमणिक----अनुक्रमणिकॆ----
60अनुजपुंलिंग----छोटा भाई।----छोटा भरा----बिरादरे-ख़ुर्द----लॅकुट बोय----नंढो भाउ----अनुज, लहान भाऊ, धाकटा भाऊ----अनुज, नानो भाई, लघुबंधु----छोट भाइ, अनुज----भाइ----छोट भाइ (अनुज)----तम्मुडु----तंबि----अनुजन्----तम्म----
61अनुरागपुंलिंग----प्रेम, आसक्ति।----अनुराग----मुहब्बत, इ़श्क़----श्रेह, माय----प्रेमु, प्यारू----प्रेम, आसक्ति----प्रेम, आसक्ति----प्रेम, अनुराग----प्रेम----अनुराग----आपेक्ष----पिरियम्----अनुरागं----प्रेम----
62अनुवादपुंलिंग----एक भाषा में लिखि या कही हुई बात को दूसरी भाषा में कहने या लिखने की क्रिया, भाषांतर।----उलथा, अनुवाद----तर्जमा----तरजमु॑----तर्जुमो, अनुवादु----अनुवाद, भाषांतर----अनुवाद, तरजूमो, भाषांतर----अनुवाद, तरजमा, भाषान्तर----अनुवाद, भाषान्तर----भाषांतर (अनुबाद)----अनुवादमु, भाषांतरीकरण, तर्जुमा----मॊळि पॆयर्प्पु----परिभाष, तर्जम----अनुवाद----
63अनुसंधानपुंलिंग----खोज, अन्वेषण।----खोज, अनुसंधान----तहक़ीक़, दरयाफ़्त----खोज----खोज----अनुसंधान, शोध, अन्वेषण----चोकसाई, बारीक तपास----अनुसंधान, खोंज, अन्वेषण----अनुसंधान----खोज, अन्वेषण (अनुसंधान)----परिशोधन----आराय्च्चि----गवेषणं----शोधनॆ----
64अनुसारक्रिया विशेषण----किसी के ढंग या रूप से मिलता हुआ, अनुरूप।----अनुसार----मुताबिक़, बमूजिब----मुता॑ब्यक----अनूसार, मूजिबि----अनुसार, अनुरूप----अनुसार, मुजब----अनुसार, अनुरूप----अनुरूप----अनुरूप, अनुसार----प्रकारमु----अनुसरित्तु----अनुसरिच्चु----अनुरूप----
65अनुसूचितविशेषण----जिसे अनुसूची में स्थान मिला हो।----अनुसूचित----मुंदरिजाफ़ेहरिस्त----पथखोरि----अनुसूचित, सूची में दाख़िलु----वर्गीकृत, अनुसूचित----अनुसूचित----अनुसूचित----अनुसूचित----अनुसूचित----जाबितालो चेरिन----अट्टवणैयिल्----पट्टिकयिल् पॆट्ट----अनुसूचित----
66अनुसूचीस्त्रीलिंग----किसी लेख या ग्रंथ के अंत में परिशिष्ट के रूप में लगी हुई सूची (शैड्यूल)।----अनुसूची----जद्वल (फ़ेहरिस्त)----पोत फिहरिस्त----सूची, लिस्ट, ज़मींमो----यादी, शेडयूल----यादी, अनुसूचि----अनुसूचि, तफसील, तालिका----अनुसूची, तालिका----अनुसूची (शिड्युल)----जाबिता----अट्टवणै----पट्टिक----पट्टि अनुसूचि----
67अनेकविशेषण----एक से अधिक, कई, बहुत।----अनेक----मुतअ़द्दिद----वारयाह----अनेक, घणा----कित्येक, अनेक----अनेक, घणा----अनेक, बेशी, बहुत----अनेक----केतेक, बहुत, अनेक----अनेकमु च़ाला----अनेग, पल----अनेकं----अनेक, बहळ----
68अन्नपुंलिंग----अनाज।----अन्न----अन, अनाज----अन----अनु, अनाजु----धान्य----अन्न, अनाज, खोराक----शस्य----शस्य, खेति----खाद्य, अभ----धान्यमु----दानियम्----धान्यं----धान्य----
69अन्यविशेषण----दूसरा।----होर----दीगर----दोयुम----बि॒यो----दुसरा, अन्य----अन्य, बीजुं, परायुं----अन्य॒, अपर (न्न)----अन्य----दोसरा (अपर), अन्य----इतरमु, वेरे----मट॒ट॒, वेरु॒, अयल्----मट॒टॊ॒रु, अन्य----ब्रेरॆ, मिक्क----
70अन्यायपुंलिंगपुंलिंग---न्याय-विरुद्ध कार्य;अति अनुचित व्यवहार।---अनिआं, बेइनसाफ़ी----नाइंसाफ़ीइंतिहाई बदसुलूकी---अन्याय, ब्यबूज----अन्याउ, बेइन्साफ़ीअन्याउ, बेइन्साफ़ी---अन्यायअति अनुचित व्यवहार---अन्याय, गेरइन्साफअत्यंत अया॑ग्य व्यवहार---अन्याय----अन्यायअनुचित ब्यवहारं---अन्याय----अन्यायमुदौर्जिन्यमु---अनियायम्तगुदियट॒ट॒ नडवडिक्कै---अन्यायंअन्यायं---अन्यायअनौचित्य---
71अपनाविशेषणपुंलिंग---आत्मसंबंधी, निजका।आत्मीय, स्वजन।---आपणाआपणा---अपनाअपना---पनुनपनुन---पंहिंजोमिटुमाइटु---आपला स्वत:च॑स्वजन, आत्मीय---जातनुं, पोतानुंस्वजन, आत्मीय---निजस्व, निजेर आपन (स्स)आत्मीय, स् जन (आत्तीय), (स)---निजर, निजाआत्मीय, स्वजन---आपणा, आत्मसंबंधी, निजरआत्मीय, स्वजन---तनदितनवाळ्ळु---तन्नुडैयतन्नवर्---स्वन्तंबंधु, स्वन्तक्कार॒---तन्ननम्मा---
72अपनानासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---अपना बनाना;ग्रहण करना, स्वीकार करना।---अपनाउणाअपनाउणा---अपनानाइख़्तियार करना---पानु॑ नावुनपानु॑ नावुन---पंहिंजो बणाइणुअपनाइणु, कबूलणु---आपलेसे करणेंग्रहण करणें; स्वीकार करणें---अपनाववुंस्वीकारवुं, ग्रहण करवुं---ग्रहण करास्वीकार करा---निजर करि लग्रहण कर ल---आपणार करिबा----अंगीकरिंचुट, स्वीकरिंचुटग्रहिंचुट---तनदाक्किक्कॊळ्ळवांगिक्कॊळ्ळ---स्वन्तमाक्कुकस्वीकरिक्कुक---तन्नवरन्नागि माडिकॊळ्ळुवुदुस्वीकारिसुवुदु---
73अपने-आपक्रिया विशेषणक्रिया विशेषण---बिना किसी की प्रेरणा के;स्वत: खुद-बखुद।---आपणे-आप----अपने-आपख़ुद-बख़ुद---पा॑न्य पानयपा॑न्य पानय---पंहिंजो पाणखुदि, खुदि-बखुदि---आपोआपस्वत:, स्वयम्---पोतानी मेळे, पोतानी जातेखुद---निजे थेकेइ, आपना हतेइस्वत: स्फूर्ति, आपना-आपनि---निजे निजे, स्वयंस्वयं, निजे निजे---आपे-आपेस्वत:---स्वंतंगातनंतटतने---तानागवेताने---परप्रेरण कूटातॆस्वयं, तन्नॆत्तान्---तानेस्वत:---
74अपमानपुंलिंगपुंलिंग---मानहानि, अनादर;तिरस्कार।---अपमान, बेइज्ज़ती----तौहीन (हत्क)ज़िल्लत---हतख़हतख़---अपमानुबेइज़ती---अपमान, मानहानि, अनादरतिरस्कार---अपमान, अनादरतिरस्कार---अपमान, मानहानितिरस्कार---अपमाननिन्दा, तिरस्कार---मानहानि, अनादर, अपमानतिरस्कार---अवमानमुतिरस्कारमु---अवमरियादैअवमदित्तल्---अपमानंअवगणन---अवमानतिरस्कार---
75अपराधपुंलिंगपुंलिंग---अनुचित या दंडनीय कार्य;दोष, गलती।---अपराध, दोश, जुरमअपराध, दोश, जुरम---जुर्मग़लती (कुसूर)---अपराद----अपराधुडो॒हु गुनाहु---अपराधदोष, चूक, गुन्हा---अपराधं, गुनोभूल, दोष, पाप---अपराधदोष, गल्ति---अपराधदोष, त्रुटि---अपराधदोष, गलती---अपराधमु, नेरमुतप्पु---कुट॒ट॒म्पिऴै, तप्पु---अपराधं, कुट॒टं॒तॆट॒ट॒---अपराधतप्पु---
76अपराधीविशेषण----अपराध करने वाला।----अपराधी, दोशी, मुजरम----मुजिम----मुजरिम, कौसूर----अपराधी, डो॒ही, गुनहगारु----अपराधी, दोषी, गुन्हेगार----अपराधी, गुन्हेगार----अपराधी----अपराधी----अपराधी----नेरस्थुडु, अपराधि----कुट॒ट॒वाळि----अपराधि, कुट॒ट॒वाळि----अपराधि----
77अपराह्नपुंलिंग----दोपहर के बाद का काल, तीसरा पहर।----बाद दुपहिर, लौढा वेला----सिहपहर----दुपहरु॑ पतु॑----बि॒पहरीअखॉँ पोइ जो वक्तु----अपराह्न तिसरा प्रहर----अपराह्न; तीजो प्रहर----अपराह्न, तिनपर, बिकाल----आबेलि, भाटिबेला----अपराह्न----अपराह्नमु----पिर्पगल्----अपराह्नं----अपराह्न----
78अपाहिजपुंलिंग----लूला लंगड़ा, विकलांग।----अपाहज----अपाहज----मोज़ूर----अपाहिजु, जडो॒----अपंग, लुळा लंगड़ा, विकलांग----अपाहीज, अपंग, पांगळुं----विकलाङ्ग----विकलांग खोरा, पेङुरा----लंगड़ा बिकळांग----विकलांगुडु, अविटिवाडु----मुडमान----अंगहीनन्, विकलांगन्----अंगहीन----
79अफसरपुंलिंग----अधिकारी।----अफसर----अफ़सर----अफ़सर----आफ़ीसरु----आफिसर, अधिकारी----अफसर, अमलदार----अधिकारी, अफिसर----कर्मचारी, अफिछार----अधिकारी----अधिकारि, आफीसरु----अदिकारि, अलुवलर्----आफीसर॒----अधिकारि----
80अफीमस्त्रीलिंग----पोस्त के डंठलों से निकाला जाने वाला मादक पदार्थ।----अफीम----अफ़ीम----आ॑फीन----आफ़ीमु----अफू----अफीण----आफिम, आफिङ----आफिं, कानि----आफिम----नल्लमंदु----अबिन्----अवीन् करु॒प्पु----अफीमु----
81अभयदानपुंलिंग----सुरक्षा का वचन देना।----अभैदान----अमान, तहफ़्फुज़----तहफुज़----माफ़ी----अभयदान----अभयदान, अभयवचन----अभयदान----अभयदान----अभयदान----अभयदानमु----अबयमळित्तळ्----अभयं----अभयप्रदान----
82अभिनंदनपुंलिंग----किसी को पूज्य मान कर उसके प्रति शुभकामना और श्रद्धा प्रकट करना।----अभिनंदन----सिपासगुज़ारी, इस्तक़बाल----यज़थ द्युन----अभिनंदनु, साराह----अभिनंदन----अभिनंदन, धन्यवाद----अभिनंदन----अभिनंदन----अभिनंदन----सन्मानमु----पाराट्टु, मरियादै----अभिनन्दनं----प्रणाम, अभिवंदनॆ----
83अभिनयपुंलिंग----आंगिक चेष्ठा, हावभाव।----सांग, अदाकारी, अभिनै----अदाकारी----पा॑थु॑र करुन----अदाकारी----अभिनय----अभिनय----अभिनय----अभिनय, भाओ----अभिनय (आक्टिंग), हाव-भाव----अभिनयमु, नटन----अबिनयम्, नडिप्पु----अभिनयं----अभिनय----
84अभिनेतापुंलिंग----रंगमंच पर अभिनय या नाटक करने वाला।----सांगी, अदाकार, ऐकटर----अदाकार----पा॑थु॑र करन वोल----अदाकारु----अभिनेता, नट----अभिनेता----अभिनेता----अभिनेता, भावरीया----अभिनेता----नट्डु, अभिनेत----नडिगर्----अभिनेतावु, नटन्----नट, अभिनयगार----
85अभिप्रायपुंलिंगपुंलिंग---उद्देश्य, प्रयोजन;आशय, मतलब।---भाव, आशा----मंशामतलब---मकसदमकसद---मक्सदु, उदेशुमुराद, वीयारु---अभिप्राय, उद्देश्य, प्रयोजनआशय, अर्थ, मत---अभिप्रायमत---अभिप्राय, उद्देश्य, प्रयोजनआशय, मतलब---अभिप्रायअभिप्राय, मतलब---उद्देश्य, प्रयोजनआशय, मतलब---उद्देश्यमुआशयमु---अंबिप्पिरायम्करुत्तु---उद्देशं, आशयंअर्थं---अभिप्रायतार्त्पय---
86अभिभावकपुंलिंग----सरंक्षक (गार्जियन)।----वारस, वाली, सरपरसत----सरपरस्त----पालन वोल----संभालीवंडु----अभिभावक, पालक, गार्डियन----वाली----अभिभावक----अभिभावक----संरक्षक (गार्जियन), अभिभावक----पोषकुडु, संरक्षकुडु----काप्पाळर्, पोषकर्----रक्षकर्तावु----पालक, संरक्षक----
87अभिमानपुंलिंग----अहंकार, घमंड।----अभमान----गुरूर, तकब्बुर----अबिमान, गमंड----अभिमानु, हठु, घमंडु----अभिमान, गर्व, अहंकार, घमेंड----अभिमान, घमंड----अहंकार, गुमोर, देमाक, अभिमान----अभिमान, अहंकार----अहंकार, गर्ब----अहंकारमु, गर्वमु----गर्वम्----अभिमानं----गर्व, अहंकार----
88अभियानपुंलिंगपुंलिंग---किसी विशिष्ट कार्य की सिद्धि के लिए दल-बल सहित जाना;सैनिक आक्रमण, चढ़ाई।---मुहिम्ममुहिम्म---मुहिमफ़ौजी हमला---मुहिममुहिम---चढ़ाईकाह ह्मलो---प्रस्थानसैनिक-आक्रमण, मोहीम---आंदोलनआंदोलन---अभिया॒न (ज)आक्रमण॒ चड़ाओ (न)---अभियानयुद्ययाना, आक्रमण---अभिजान----उद्यममुदंडयात्र---मस्तीप्पुपडैयॆडुप्पु---प्रयाणंआक्रमणं---प्रयाणदाळि---
89अभियुक्तपुंलिंग----वह जिस पर न्यायालय में कोई अभियोग लगाया गया हो, मुलजिम, अपराधी।----मुल्ज़म----मुल्ज़म (मुल्ज़िम)----मुजरिम----मुलज़िमु, डो॒ही----अभियुक्त, अपराधी, आरोपी----अभियुक्त, आरोपी----अभियुक्त, अपराधी (जु)----अभियुक्त, अपराधी----अभिजुक्त, अपराधी----नेरस्थुडु----कुट॒ट॒म् शाट्टप्पट्टवर्----अपाराधि, कुट॒ट॒वाळि, अभियुक्तन्----आपादित----
90अभियोगपुंलिंगपुंलिंग---अपराध का आरोप;दंड दिलाने के लिए न्यायालय से की जाने वाली फरियाद, मुक़दमा।---इलज़ाम, मुकद्दमा----इल्ज़ाममुक़द्दमा (नालिश)---इलज़ाम----इल्ज़ामुमुकदमो---अभियोग, आरोपखटला---आरोपमुकदमो---अभियो॒ग दोषारोप (जो)मुकद्दमा, नालिश, फरियाद---अभियोग, गोचरगोचर, मोकर्द्दमा---अभिजोगफरियादि, मकदमां---नेरमु वेयुटनेरमु मोपुट, नेरारोपण---कुट॒ट॒च्चाट्टुकुट॒ट॒ वऴक्कु---कुट॒टा॒रोपणंअन्यायं, व्यवहारं---आपादनॆमॊकददमॆ---
91अभिलाषास्त्रीलिंग----इच्छा, कामना, आकांक्षा।----अभलाखा----तमन्ना (आर्ज़ू)----अभिलाषा----अभिलाषा, इछा, अबि॒लाखा----अभिलाषा, इच्छा, कामना----अभिलाषा----अभिलाषा, इच्छा, कामना, आकांक्षा॒ (क्ख)----अभिलाष, इच्छा----इछा, कामना, आकांक्षा (अभिळाषा)----अभिलाष, कोरिक----अभिळाषै, तीविर इच्चै----आग्रहं, अभिलाषं----हारैकॆ, अभिलाषॆ----
92अभिलेखपुंलिंग----किसी घटना, विषय, व्यक्ति आदि से संबंधित लिखित प्रामाणिक सामग्री।----अभलेख, रिकारड----रिकार्ड (काग़ज़ात)----ल्यखुत----दस्तावेज़ु----अभिलेख, नोंद----दस्तावेज----अभिलेख----अभिलेख, नथि----अभिलेख----शासनमु----आवणम्----रि॒क्कार्ड, रेख----प्रमाणिक लेख, अभिलेख----
93अभिवादनपुंलिंग----श्रद्धापूर्वक किय़ा जाने वाला नमस्कार, प्रणाम।----प्रनाम, परनाम----कोरनिश----नमस्कार----इज़तभर्यो नमस्कारु, कोरनिश----अभिवादन, प्रणाम, नमस्कार, वंदन----अभिवादन----अभिवादन प्रणाम (ना)----अभिबादन, सम्बर्धना----अभिबादन, नमस्कार, प्रणाम----वंदनमु----वणक्कम्----अभिवादनं----नमस्कार----
94अभिशापपुंलिंग----शाप, अहित कामनासूचक शब्द।----सराप----बद्दुआ़----शाप----सिरापु, पिट----अभिशाप, शाप----अभिशाप----अभिशाप----अभिशाप----अभिशाप, शाप----शापमु----शाबम्----शापं, अभिशापं----शाप----
95अभीक्रिया विशेषणक्रिया विशेषण---इसी समय, इसी क्षण, तुरंत;आजकल, इन दिनों।---हुणेहुणे---अभीआजकल---वुन्यअज़कल---हिन, वक्तिहाणे---आतांचसध्या---हमणांज, तरतआजकाल---एखनइ, एखनिआजकाल, इदानीङ---एतियाइ, ततालिके, शीघ्रेआजि-कालि---एबे, एईख्याणि, तुरंतआजिकालि---इप्पुडेईमध्य, ई रोज्रुल्लो---इप्पॊळुदे, उडनेइन्नाट्कळिल्---इप्पोळ् तन्नॆ उटन्ईयिटॆ---ईगलॆईगिन कालदल्लि, ईचीचॆगॆ---
96अभीष्टविशेषण, पुंलिंगविशेषण, पुंलिंग---जिसकी इच्छा या कामना की जाए;मनोरथ।---मनचिंदिया----मक़्सूद (मत्लूबा)तमन्ना---तमनाकल---चाह्यलुमनोरथु---अभीष्टमनोरथ---अभीष्टमनोरथ---अभीष्टमनोरथ---अभीष्ट, ईप्सितमनोरथ---अभीष्टमनोरथ---अभीष्ट मैनकोरिक---विरुंबियविरुप्पम्---इष्टप्पॆट्ट, अभीष्टंमनोरथं---बयसिद, इष्टवादबयकॆ, आसॆ---
97अभ्यायपुंलिंग----दक्षता प्राप्त करने के लिए दत्तचित्त होकर किसी काम को बार-बार करने की क्रिया।----अभिआस----मश्क़----मशु॑क----अभ्यासु----अभ्यास----अभ्यास----अभ्यास----अभ्यास----अभ्यास----अभ्यासमु----अब्बियासम् पयिर्चि----अभ्यासं----अभ्यास----
98अमरविशेषणविशेषण---कभी न मरने वाला;जिसका कभी अंत, क्षय या नाश न हो।---अमरअमर---अमरग़ैरफ़ानी---अमरअमर---अमरुअमरु---अमरअविनाशी, अक्षय---अमरअविनाशी, अक्षय---अमरअविनाशी, अक्ष॒य (क्ख)---अमरअनंत, अक्षय, अबिनाशी---अमरअबिनाशी---चावु लेनि, अमरुडुअमरमु---शावु इल्लादअऴिवट॒ट॒---मरणमिल्लात्तऒटुङ्ङात्त---अमरअविनाशि---
99अमलपुंलिंग----प्रयोग, व्यवहार।----अंमल----अ़मल----अमल----अमलु----अंमल, प्रयोग, व्यवहार----अमल, प्रयोग----प्रयोग, व्यवहार----प्रयोग,ब्यवहार----प्रयोग, ब्यबहार----नडवडि, अमलु----अमुलाक्कुदल्----प्रयोगं, नटप्पु----व्यवहार----
100अमानतस्त्रीलिंग----धरोहर, थाती।----अमानत----अमानत----अमानत----अमानत----अनामत, ठेव----अमानत, थापण----अमानत, गच्छित धन, अन्यवस्तु----अमानत, बंधक----जमा, थाति----ताकट्टु----वैप्तुत्तॊगै----सूक्षिप्पु, सूक्षिच्चधनं----ऒत्तॆ, न्यास----
101अमावस्यास्त्रीलिंग----चांद मास के कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन जिसमें रात को चंद्रमा की एक भी कला नहीं दिखाई देती।----मस्सिआ----अमावस----मावस----उमास----अमावस्या----अमावस्या, अमास----अमावस्या----आँउसी, अमाबास्या----अमाबास्या----अमावास्य----अमावासै----अमावसि, करु॒त्त वावु----अमावास्यॆ----
102अमिटविशेषणविशेषण---मिटने या नष्ट न होने वाला, स्थायी।अटल, अवश्यंभावी।---अमिटअमिट---अमिट (ग़ैरफ़ानी)नागुज़ीर---अमिटअटल---अमिटुअटलु, अणटरु---अमिट, स्थायीअटल, अवश्यंभावी---स्थायीअटल---स्थायी, अमिट----मचिब नोवरा, स्थायीअचल, अलर-अचर---स्थायी, अमिटअटळ, अवश्यंभावी---नशिंचनि, स्थायितप्पॅनि---अऴिवट॒ट॒निलैयान---नशिक्कात्त, स्थायियायदृढमाय, अवश्यंभावियाय---नाशवागदतप्पद---
103अमीरपुंलिंगपुंलिंग---धनवान, व्यक्ति, रईश;सरदार, प्रमुख।---अमीरसरदार---अमीर, रईससरदार---अमीर----अमीरुसरदारु, मुख्यु---श्रीमंत, धनाढयसरदार, प्रमुख---अमीर, पैसादारउमराव---आमीर, धनी, सभ्रांत लोक व्यक्तिसर्दार, प्रमुख---धनी मानुहनेता, मुखियाल---अमीर, धनीसरदार, प्रमुख---धनवन्तुडुप्रमुखुडु---दनवान्, पणक्कारर्तलैवर्, मुक्कियस्तर्---धनिकन्प्रधानि---श्रीमंतमुखंड---
104अमुकविशेषण----कोई अनिश्चित व्यक्ति अथवा वस्तु, फलां।----फलाणा, अमका----फुलां (फ़लां)----फला॑न्य----फलाणो----अमुक, अमका----अमुक, पेलुं, फलाणा----अमुक----अमुक, अमुक-तमुक----फलणा, अमुक----फलाना----पलाना, इन्न----इन्न (व्यक्ति, वस्तु)----इंतह----
105अमृतपुंलिंग----एक प्रसिद्ध कल्पित पेय जिसके सम्बंध में यह मान्यता है कि उसके पीने से प्राणी सदा के लिए अमर हो जाता है, सुधा, पीयूष।----अम्रित----अमरित (आबेह्यात)----अमर्यथ----अमृतु, अंब्रतु----अमृत, सुधा, पीयूष----अमृत----अमृत, सुधा, पीयू॒ष (जू)----अमृत----अमृत, सुधा, पीयूष----अमृतमु----अमुदम्----अमृतं----अमृत----
106अम्लपुंलिंगपुंलिंग---खट्टापन, खटाई;तेजाब (एसिड)।---खट्टा, खटिआईतज़ाब---तुरशीतेज़ाब---चोक॑तेज़ाब---खटाणि, खटो सवादुतेज़ाबु---आंबट, आंबटपणातेजाब (असिड)---अम्ल, खाटुंतेजाब---अम्ल, टकअयासिड, रासायनिक अम्ल---टेडन, टेङागुणएचिद---अम्ल, खटेइएसिड्---पुलुपुआम्लमु---पुळिप्पुअमिलम्---पुळिप्पुअम्लं, एसिड्---हुळिआम्ल---
107अरथी (अर्थी)स्त्रीलिंग----वह तख्ता, सीढ़ी आदि जिस पर मृत शरीर को अंत्येष्टि के लिए ले जाया जाता है, जनाजा।----अरथी----अरथी, जनाज़ा----आरथी----काई, अर्थि----तिरडी----ठाठडी----खाटुलि----मरा श निया चाङि----कोकेइ----पाडे----पाडै----शवमंचं----चट्ट----
108अराजकतास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---अव्यवस्था;शासनतंत्र का अभाव।---राजरौला, अराजकताराजरौला, अराजकता---लाक़ानूनियततवाइफुलमुलूकी---बदनज़मी----अराजकताबेबंदोबस्तिगी---अराजकता, अव्यवस्थाबेबंदशाही---अंधाधूंधी----अराजकताअराजकता, अव्यवस्था---विश्रृंखलाअराजकता---अब्यबस्थाअराजकता---अशान्तिअराजकत---कुऴप्प निलैअराजकम्---अशांतिअराजकत्वं---अव्यवस्थॆअराजकतॆ, अव्यवस्थॆ---
109अरुणविशेषणपुंलिंगपुंलिंग--लाल रंग का, रक्त वर्ण का; सुर्ख।गहरा लाल रंग;सूर्य।--सूहा, लाल, सुरखसूहासूरज--सुर्ख़सुर्ख़ रंगसूरज--वॅज्रुलवॅज्रुल---गा॒ढ़ोगा॒ढ़ो रंगुसिजु--अरुण, रक्तवर्णाचागडद लाल भडक रंगसूर्य--अरुणलाल भडक रंगसूर्य--अरुण़, रक्तवर्ण॒ (र्न)-सूर्ज॒ (र्ज)--रङा, अरुणरङा रंसूर्य, बेलि--अरुणगाढ़ लाल रंगसूर्ज--एर्रनि, अरुणएरुपुसूर्यडु--सिवन्दआळ्न्द सिवप्पु निरम्सूरियन्--अरुणं, चुवन्नकटुं चुवप्पुअरुणन्--कॆम्पुकेम्पु बण्णसूर्य--
110अर्चनास्त्रीलिंग----पूजा, वंदना।----पूजा-अरचा----परस्तिश (इ़बादत)----पूज़ा----पूजा॒----अर्चना, पूजा, वंदना----अर्चना, पूजा----अर्चना, पूजा, वंदना----अर्चना, पूजा----पूजा, वंदना----पूज----पूजै, अरुच्चनै----अर्चन, पूज----पूजॆ----
111अर्थपुंलिंगपुंलिंग---अभिप्राय, माने;धन-संपत्ति, पैसा।---अरथअरथ---माने, मत्लबदौलत, ज़र---अर्थ, माने----अर्थु, मानाधनु, नाणो---अर्थ, अभिप्रायपैसा, धन-संपत्ति---अर्थधन---अर्थ, माने, अभिप्रायधन-संपत्ति---अर्थ, मानेधन सम्पत्ति, टका पइचा---अभिप्राय, माने अर्थधन, संपत्ति, पइसा---अर्थमुधनमु---पॊरुळ्, अर्त्तम्अर्त्तम्, सॆल्वम्---अर्थंपणं---अभिप्राय, अर्थहणकासु---
112अर्थशास्त्रविशेषण----वह शास्त्र जो मनुष्य की आर्थिक क्रियायों का विवेचन करता है और उपयोगी पदार्थों के उत्पादन, उपभोग, वितरण और विनिमय की समुचित जानकारी देता है।----अरथशासतर----मआ़शियात (इक़्तिसादियात)----इकनामि॒कस----अर्थशास्त्रु----अर्थशास्त्र----अर्थशास्त्र----अर्थशास्त्र----अर्थशास्त्र----अर्थशास्त्र----अर्थशास्त्रमु----पॊरुळादारम्----धनतत्वशास्त्रं, अर्थशास्त्रं----अर्थशास्त्र----
113अर्धविशेषण----आधा।----अद्धा, अध----आधा (निस्फ़)----ओ॑ड----अधु----अर्ध, अर्धा, निम्मा----अर्ध----अर्ध, अर्द्धक, आधा----अर्ध (अर्ध), आधा----अधा----अर्ध, सगमु----अरै, पादि----पकुति, अर्धं----अर्ध----
114अर्धमासिकविशेषण----मास के आधे भाग का, पाक्षिक।----अधमाहां, अध़मासक----पन्द्रह-रोज़ा----पछि पछि----अधमाही, पक्ष जो----अर्ध-मासिक, पाक्षिक----अर्धमासिक, पाक्षिक----पाक्षि॒क (क्खि)----पषेकीया----पख्यिक, अर्धमासिक----पक्षमु, पाक्षिकमु----पक्षम्, अरैमादम्----पाक्षिकं, अर्धमासिकं----पाक्षिक----
115अर्धांगिनीस्त्रीलिंग----धर्मपत्नी।----अरधंगणी----ज़ौजा, बीबी----ज़नानु॑ कॅलय----अर्धांगिनी, अधुसरीरु----धर्मपत्नी, बायको अर्धांगिनी----अर्धांगिनी, धर्मपत्नी----अर्धाङिगनी, स्त्री, पत्नी----अर्धांगिनी----धर्मपत्नी, अर्धाङिगनी----अर्धांगि, भार्य----पत्तिनि, मनैवि----अर्धांगिनी----हॆण्डति----
116अर्पणपुंलिंग----किसी को आदरपूर्वक कुछ देना, सौंपना या भेंट करना।----अरपण----नज़----अरपन----अर्पणु----अर्पण----अर्पण----अर्पण॒, दान, भेटा (न)----अर्पण----अर्पण----समर्पण----अर्पित्तल्, काणिक्कै----अर्पणं----अर्पणॆ----
117अलंकरणपुंलिंग----पदक या पदवी द्वारा विभूषित करने की क्रिया।----सनमानणा, तमगा देना----तज़ईन, ज़ेबाइश----पदवी दिन्य----तमग़ो डि॒यणु----पदक----अलंकरण----अलंकरण॒ (न)----अलंकरण----अळंकरण----अलंकरण, अलंकरिंचुट----अलंकरित्तल्----अलंकरिक्कल्----अलंकार----
118अलंकारपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--सौंदर्यवर्धक वस्तु या सामग्री, सजावट;आभूषण, गहना;रचनागत विशिष्ट शब्दयोजना या अर्थ चमत्कार।--अलंकारगहिणाअलंकार--आराइशज़ेवरसन्अ़त--गहनु॑-अलंकार--ज़ेवरु, सींगार जो साधनुग॒हिणोअलंकारु--अलंकारदागिना, आभूषण, अळंकारअलंकार--अलंकार, सजावट शणगारघरेणुंअलंकार--अलंकार, साजसज्जाअलंकार भूषण॒, गहना (न)अलंकार--अलंकारअलंकार, गहनाअलंकार--अळंकारआभूषण, गहणा---अलंकारमुनग, आभूष़णमुअलंकारमु--अलंकारम्, अऴगुप्पॊरुळ्गळ्नगैगळ्सॊल्लणि--अलंकारंअलंकारंअलंकारं--श्रृंगारऒडवॆअलंकार--
119अलगविशेषणविशेषण---दूर हटा हुआ, पृथक;औरों से भिन्न।---अलग, अड्ड, वक्ख----अलगमुख़्तलिफ़---अलग----अलगि॒मुख्तलिफ़, बि॒यो---अलग, पृथकवेगळा, निराळा---अलग, दूरजुदु---अलादा, पृथकभिन्नेतर---आलग, पृथकभिन्न---अलगा (पृथक)भिन्न---वेरुप्रत्येकमु---तनियानवेरु॒पट्ट---मरि॒य, वेरॆवेर॒पॆट्ट---प्रत्येकवादबेरॆयाद---
120अलतापुंलिंग----लाख से बना हुआ वह लाल रंग जो स्त्रियां शोभा के लिए पैरों में लगाती है, महावर।----अलता----महावर----महावर----आलतो (लाख मां ठह्यलु गा॒ढ़ो रंगु)----अळता----अळतो----आलता----आल्ता----आळता----पाराणि----अल्ता, सॆकुऴम्बु----अलक्तकं, चॆम्मंच्चारू॒----अलतिगॆ----
121अलबमपुंलिंग----तसवीरें रखने की किताब या कापी, चित्राधार।----अलबम----अलबम----अलबम----आल्बमु----आल्बम----आलबम----अयल्बम----एलबाम----आलबम, चित्राधार----आल्बम्----आल्बम्----आल्बम्----चित्रसंपुट, आलबम्----
122अलमारीस्त्रीलिंग----काठ, लोहे आदि का या दीवार में बना एक प्रकार का ऊंचा या लंबा आधान, जिसमें चीजें रखने के लिए खाने या घर बने होते है।----अलमारी----अलमारी----अलमा॑रय----अल्माड़ी----अलमारी, कपाट----कबाट----आलमारी----आलमारि, आलमिरा----आलमारी----अल्मैरा----अलमारि----अलमारि----कपाटु, बीरु----
123अलापनासकारात्मक क्रिया----गाने के समय लंबा स्वर खींचना, तान लगाना।----अलापणा----अलापना----अलाप द्युन----अलापणु, आलापु कढणु----अलापणे----अलापवुं----आलाप, सुर भाँजा----तान धर, सुर मिला----आळापिबा----आलापनं----आलापनै सॆय्दळ्----आलापनं, चेंप्पुक, आलपिक्कुक----आलापनॆ, माडुवुदु----
124अलावाअव्यय----अतिरिक्त, सिवाय।----छुट, अलावा----इ़लावा----अलावु॑----खां सवाइ----शिवाय, व्यतिरिक्त, खेरीज----वगरु, सिवाय, बिना----अतिरिक्त, व्यतीत, छाड़ा----बाहिरे----अतिरिक्त----काक----तविर----कूटातॆ----अल्लदॆयॆ, बिट्टु----
125अलौकिकविशेषणविशेषण---जो इस लोक में न मिलता हो, लोकोत्तर;असाधारण, अद्भुत।---अलौकिकअलोकक---मावराईनादिर, ग़ैरम़ामूली---अ॑जीब----अलौकिकुअलौकिकु, असाधारणु---अलौकिक, लोकोत्तरअसाधारण, अद्भुत---अलौकिकअसाधारण---अलौकिक, लोकोत्तरअसाधारण॒, अद्भुत (न)---अलौकिकअसाधारण, अद्भुत---अलौकिक, लोकोत्तरअसाधारण---अलौकिकमयिनअद्भुतमैन---दॆय्वीगमानअर्पुदमान---अलौकिकंअसाधारणं, अद्भुतं---अलौकिक, असामान्यअद्भुत---
126अल्पविशेषणविशेषण---कम थोड़ा, विरल;तुच्छ।---अलपअलप---क़लील, कमअदना---कमकम---थोरो, घटिख़सीसु, तुछु---अल्प, थोड़े, लहान, कमीतुच्छ---अल्प, थोडुंतुच्छ---अल्प, कम, एकटुतुच्छ---अलपतुच्छ---अळ्प, कमतुच्छ---स्वल्पमु, कोंचमुतुच्छमु---कुरै॒वान, कॊजम्अर्पमान---कुर॒च्चु, कुर॒वायितुच्छमाय---कम्मि, विरलअल्प---
127अल्पविरामपुंलिंग----एक विराम चिह्न जो वाक्य के पदों में पार्थक्क दिखाने या बोलने में कुछ ठहराव सूचित करने के लिए प्रयुक्त होता है (कॉमा)।----कामा, अरधविराम----कामा (सक्ता)----कामा----थोरो दमु, कामा----स्वल्प विराम (कॉमा)----अल्पविराम----कमा----कमा (चिन)----कमा----कॉमा----काल्पुळ्ळि----अल्पविरामम्, कोम----अल्पविराम----
128अल्पसंख्यकविशेषण----वह दल, पक्ष या समाज जिसके अनुयायियों की संख्या अन्य दलों, पक्षों या समाजों से अपेक्षाकृत कम हो।----घटगिणती----अक़ल्लियत----अकलियत----थोराईअवारो----अल्पसंख्यक----लघुमती----अल्पसंख्यक----संख्यालधु----अळ्पसंख्यक----अल्पसंख्याकुलु----सिरु॒ पान्मैयोर्----न्यूनपक्षं----अल्पसंख्यात----
129अल्पाहारपुंलिंग----उचित या साधारण से बहुत कम खाना, थोड़ा भोजन।----अलप अहार----कलील गिज़ा----कम ख्यन----घटि खाधो, थोरो खाधो----अल्पाहार----नास्तो----अल्पाहार----अल्पाहार, लघु आहार----अळ्पाहार----फलाहारमु, अल्पाहारमु----सिट॒टुण्डि----लघु भक्षणं----अल्पाहार----
130अवकाशपुंलिंगपुंलिंग---छुट्टी या फुरसत का समय;रिक्त या शून्य स्थान।---विहलविहल---फुरसत, मोहलत, रुख़सतख़ला---छुटीशुन्य---वांदिकाईख़ाली जग॒ह---अवकाश, रजा, फुरसतरिकामे स्थान---फुरसद----छुटी, अवकाशशून्य स्थान, खालि जायगा---छुट्टी, अवकाश, आजरिखाली ठाइ---अबकाश----शेलवु, तीरिक समयमुखाली स्थलमु---ओय्वु नेरम्कालि इडम्---अवधि, ऒऴिवु समयंइट---रज, पुरसत्तुखालि स्थान---
131अवज्ञास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---किसी आज्ञा या कानून को न मानना, उल्लंधन;अनादर, अपमान।---अवगिआ----नाफ़र्मानी, हुक्म-उ़दूलीतौहीन, बेइज़्ज़ती---न मानुन----उलंघनुअपमानु बेइज़ती---आज्ञा भंग, अवज्ञाअनादर, उपेक्षा, अपमान---अवज्ञा, अवगणना, आज्ञा भंगअनादर, अपमान---नियम-ना-मानाअवज्ञा, अनादर, अपमान---उलंघन, उलंघा लंधनअवज्ञा, अवमानना---अवज्ञा, उल्लंधनअपमान---धिक्कारमुअनादरमु---कट्टळै मीरुदल सट्टत्तै मीरु॒दल्अवमदिप्पु---अवज्ञवॆरु॒प्पु, अनादरवु---अवज्ञॆ, अविधेयतॆअगौरव, अवमान---
132अवतरणपुंलिंगपुंलिंग---लेख, वचन आदि का उद्धृत, अंश, उद्धरण;ऊपर से नीचे आना, उतरना।---टूक, हवालाउत्तरना---इक़्तिबासनुज़ूल---हवालु॑, मिसालवेसुन---हवालोहेठि लहणु---अवतरण, उद्धरणउतरण---अवतरण, उतारोउतरवुं---उद्धृतिअवतरण॒ नामा (न)---उद्धृत अंशनमा, अवतरण---उद्धतिअबतरण---अवतारिकअवतरिंचु---मेर्कोळ्इरंगुदल्---उद्धरणंअवतरणं---उद्धरणॆइळियुविकॆ, अवतरण---
133अवतारपुंलिंगपुंलिंग---पौराणिक मान्यता के अनुसार ईश्वर का भौतिक या मानव रूप धारण करके इस संसार में आना;जिसके संबंध में यह माना जाता है कि वह ईश्वर का अंश और प्रतिनिधि है।---अवतारअवतार---अवतार----अवतार----अवतारुअवतारु---अवतारअवतार---अवतारअवतार---अवतारईश्वरेर प्रतिनिधि---भगवानर अवतारअवतार, अंशावतार---अबतारअवतीर्ण्ण पुरुष---अ़वतारमुअवतारमु---कडवुळिन् अवतारम्कडवुळिंन् अंशम्---अवतरिक्कल्अवतारं---अवतारअवतार---
134अवयवपुंलिंगपुंलिंग---शरीर का कोई अंग;किसी वस्तु का कोई अंश, भाग, हिस्सा।---अंगअंग---उ़ज़ू (उ़ज़्व)जुज़्व---हिसु॑----अंगु, उज़्वोहिसो, भाङो---अवयवभाग, हिस्सा, अंश---अवयवभाग, हिस्सो, अंश---अवयव, अंगप्रत्यंगअंश, भाग, हिस्सा---शरीर कोनो अंगकोनो वस्तुर अंश, भाग---अबयब, अंगअंश, भाग, हिस्सा---अवयवमुअंगमु, भागमु---अवयवम्वस्तुविन् पगुदि---अवयवंभागं---अंगअंश, पालु---
135अवरोहपुंलिंगपुंलिंग---ऊपर या ऊंचाई से नीचे आना, उतरना;संगीत में स्वरों के ऊपर से नीचे आने का क्रम।---उतराईअवरोही---ज़वाल (नुज़ूल)ज़ीर---वसुन----लहणुअवरोहु (संगीत)---उतरणेअवरोह---उतरवुंअवरोह---अवतरण (न)अवरोह---अवरोहण, नमाअवरोह---अवरोह, उतरिबासंगीत रे स्वर गुड़िकर अबनमन---अवरोहण, दिगुटअवरोहमु---इरंगुदल, मेलिरिन्दु कीळे वरुदल्संगीदत्तिल, अवरोहणम्---मुकळिल् निन्नु इरं॒ङल्, अवरोहंअवरोहणं (स्वरत्तिन्रॆ॒)---इळियुविकॆअवरोह---
136अवलंबपुंलिंग----आश्रय, सहारा, भरोसा।----आसरा----सहारा----सहारु॑----आधारु----अवलंब, आश्रय, भरोसा, आधार----अवलंब, आशरो----अवलंबन, आश्रय, भरसा----अवलंबन, आलंबन, आश्रय----अबलम्ब, आश्रय----आश्रयमु, आधारमु----आदरवु, उदवि----आश्रयं, अवलंबं----आश्रय, आसरॆ----
137अवशेषपुंलिंग----जो उपयोग, नाश, व्यय आदि के उपरांत बाकी रहे।----रहॅँद, खूँद, रहॅँद----बाक़ीमांदा, बक़िया----आसार----बाकी, वच्यलु----अवशेष----अवशेष----अवशेष----अवशेष, बाकी----अवशेष, अबशिष्ट वस्तु----अवशेषमु, मिगुलु----मिच्चमुळ्ळ----शेषिप्पु----उळिदद्दु, अवशेष----
138अवश्यक्रिया विशेषण----निश्चित रूप से, जरूर।----जरूर, अवश्श----ज़रूर----ज़रूर----ज़रुरु, अवसि----अवश्य, जरूर----अवश्य, जरूर----अवश्य, निश्चितरूपे, जरुर (श्श)----अवश्ये, निश्चय----अवश्य, निश्चित रूप रे----तप्पक----अवशियम्, कट्टायम्----निश्चयमायुं----अवश्य----
139अवसरपुंलिंग----सुयोग, मौका।----मौका, अवसर----मौक़ा----मोकु॑----मौको, अवसरु, वझु----अवसर, संधि----अवसर, तक, लाग, समय, बखत, प्रसंग----अवसर, सुयोग, मओका (जो)----अवसर, सुयोग----अबसर, सुयोग, मौका----अवकाशमु----वाय्प्पु----अवसरं----सुयोग, समय----
140अवसादपुंलिंगपुंलिंग---आशा, उत्साह, शक्ति आदि का अभाव, शिथिलता, उदासी;विषाद, रंज।---उदासी----अफ़्सुर्दगीरंज---वॅदा॑सी----उदासीदुखु---शिथिलता, थकवाविषाद, खिन्नता---अवसादखेद, रंज---अवसाद, उत्साहहीनताविषाद---अवसादविषाद, शोक---अबसादविषाद---औदासीन्यमुदिगुलु---नंबिक्कै इन्मै, अत्साहमिन्मैतुयरम्---विषण्णत, अवसादंविषादं---खिन्नतॆ, उदासीनतॆकॊरगु विषाद---
141अवसानपुंलिंगपुंलिंग---अंत, समाप्ति;मरण, मृत्यु।---समापतीमरन---ख़ात़िमामौत---अंद, आ॑खरी वख----अंतुमौतु---अवसार, अंत, समाप्तिमरण, मृत्यु---अवसान, अंत समाप्तिमोत---अवसान, समाप्तिअन्त, मृत्यु, (त्तु)---अवसान, शेषअन्त, मृत्यु---अवसान, अन्त, समाप्ति----तुदि, अवसानमुमरणमु---मुडिवुमरणम्---अवसानंमरणं---कॊनॆ, समाप्तिसावु---
142अवहेलनास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---अवज्ञा, तिरस्कार;उपेक्षा, तिरस्कार।---बेरुखी----नाफ़र्मानीतौहीन, इहानत---अनादर----नज़रअंदाज़ीअनादरु, बेइज़ती---अवहेलना, तिरस्कार, अवज्ञाउपेक्षा, अनादर---अवहेलनाअनादर---अवहेला, अवज्ञाउपेक्षा, अनादर (क्खा)---अवज्ञाअवहेला, अनादर---अंबहेळा, उपेख्याअनादर---तिरस्कारमुउपेक्ष, अवमानमु---मदियामैअवमदिप्पु---अवहेळनंउपेक्षाभावं, अनादरं---अलक्ष्यतॆ, अवहेलनॆउपेझॆ---
143अवांछितविशेषण----जो चाहा न गया हो।----अणचाहिआ----ग़ैरमत्लूबा----न॑ योछ़मुत----अण चाह्यलु----अवांछित----अवांछित----अबांछित----बिंछित----अबांछित----कोरनि, अवांछितमु----विरुंबप्पड़ाद----अनभिलषणीयं----बयसद्दु----
144अवाक्विशेषण----मौन, चुप, स्तब्ध।----चुप, अवाक----ख़ामोश, हक्का-बक्का----कोल----चुपि, अवाकु----अवाक्, मौन, स्तब्ध----अवाक्, स्तब्ध----अवाक, स्तब्ध----अबाक्, मौन----अबाक्, मौन, स्तब्ध----स्तब्धुडु----वायड़ैत्तुप्पोन----मौनमाय स्तब्धमाय----मौन----
145अविकलविशेषणविशेषण---ज्यों का त्यों;पूरा, संपूर्ण।---जिउँ दा तिउँपूरा---बऐ़निहीबजिनसिही, मुसल्लम---ह्युहुयत्युथुय---जीअं जो तींअंपूरो, सजो॒---अविकलपूर्ण, संपूर्ण---अविकल॒ (ळ)----अविकलपूरा, संपूर्ण---अविकलपूरा, संपूर्ण---अबिकळपूरा, संपूर्ण---मार्पु लेनिपूर्णमगु---अप्पड़ियेपूरा, मुऴु---अङ्ङनॆ तन्नॆपूर्णमाय---इद्दुदिदद्द हागॆपूर्ण---
146अविरलविशेषणविशेषण---जो विरल अर्थात् दूर-दूर पर स्थित न हो, घना, सघन;अतंरहीन, निरंतर।---संघना----घनामुसलसल, मुतवातिर---अछ़या॑नलगातार---लागीतो॒, जुड्यलुअंतरहीन, निरंतर---अविरल, सघनअंतरहीन, निरंतर---अविरल, सामान्यअंतरहीन, निरंतर---घन, सघनअविरल, निरंतर---घन, सघनअबिराम, अनबरत---अबिरळ, घननिरंतर---दट्टमगु, अविरलमुनिरंतरमु---अडर्तियान, अडुत्तार्पोलुळ्ळइडैवॆळिइल्लाद---इटतूर्न्न, अविरळंनिरंतरमाय---ऎडॆबिडदनिरंतर---
147अविलंबक्रिया विशेषण----बिना देर किए, तुरंत, तत्काल।----तुरत----फ़ौरन, फ़ौरी----जल्द, तमी, वक़तु----बिना देरि, तुर्तु----लगेच, तत्काल, अविलंब----अविलंब, तत्काल, तत्क्षण----अविलंब----अबिलंबे, शीध्रे----अविळंब, तुरंत----वेंटने, आलसिंचक----तामदमिन्रि॒, उड़ने----विलंबमिल्लातॆ----कूडलॆ----
148अवैतनिकविशेषण----बिना वेतन का (आनरेरी)।----आनरेरी, अवेतनी----ए़ज़ाज़ी----तनखा वरोय----बिना उजूरे, आनरेरी----अवैतनिक (ऑनररी)----अवैतनिक----अवैतनिक----अबैतनिक----अबैतनिक----गौरव पदवि----संबळमिल्लाद----प्रतिफलं पट॒टा॒त्त----संबळविल्लद----
149अवैधविशेषण----जो विधि या विधान के विरुद्ध हो।----नाजाइज़, गैरकानूनी----ग़ैरक़ानूनी (नाजाइज़)----नाजा॑यिज़----बेकाइदे, नाजाइजु----अवैध (बेकायदेशीर)----बंधारण विरुध, गेरकायदेसर----अवैध----अबैध----अबैध, विधान विरुद्ध----चट्टविरुद्धमयिन----सट्टत्तिर्कु पुरं॒बान----नियमविरुद्धं----न्यायवल्लद्, विधिविरुद्ध----
150अव्यवस्थास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---व्यवस्था (क्रम, नियम, मर्यादा आदि) का अभाव, गड़बड़ी;प्रबंध आदि में होने वाली गड़बड़ी, कुव्यवस्था।---गड़बड़ीगड़बड़ी---लाक़ानूनियतबदनज़्मी---बदनज़मीबदनज़मी---अव्यवस्थाबेबंदोबस्तगी; बदइंतज़ामी---अव्यवस्था, बेकायदेशीरपणाकुव्यवस्था, गड़बड़, गोंघळ---अव्यवस्थागडबड---अव्यवस्था, विश्रृङ्खला, गड़बड़ीअव्यवस्था---विश्रृंखल, उलट पालटअब्यवस्था, खेलिमेलि---अब्यबस्थाकुब्यबस्था---अव्यवस्थतारुमारु---सीर॒केडुऒलुंगिन्मै---व्यवस्थयिल्लायमकुऴप्पं, दुर्व्यवस्थ---अव्यवस्थॆगलिबिलि, कुव्यवस्थॆ---
151अशुद्धविशेषणविशेषण---जो शुद्ध न हो, जिसमें पवित्रता का अभाव हो, अपवित्र;जिसका शोधन या संस्कार न हुआ हो, दोषपूर्ण, त्रुटिपूर्ण।---अशुद्धअशुद्ध---नापाकगंदा (नासाफ़)---गलतमा॑लु॑---अशुद्धिअशुद्धि, ग़लति---अशुद्ध, अपवित्रदोषपूर्ण, त्रुटिपूर्ण---अशुद्ध, मलिन, मेलुं, गंदुं, अपवित्रदोषपूर्ण---अशुद्ध, अपवित्रदोषपूर्ण॒, त्रुटिपूर्ण॒ (न) (न), अमार्जित---अपबित्रअशुद्ध, मुल---अपबित्र, अशुद्धत्रुटिपूर्ण---अशुद्धमुदोषर्पूणमैन---अशुद्दमानमाशु, पट्ट---अपवित्रं, अशुद्धंअशोधितं---अशुद्ध, कॊलॆयादतप्पुळ्ळ, त्रुटिपूर्ण---
152अशुद्धिस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---शुद्ध न होने की अवस्था या भाव, अशुद्धता।त्रुटि, गलती।---अशुद्धी----ग़ंदगी, कसाफ़तनक़्स, ग़लती---गल्ती----अशुद्धिगलती---अशुद्धतात्रुटि, चूक---अशुद्धिभूल, त्रुटि---अशुद्धित्रुटि, गल्ति---अशुद्धि, अशुद्धताभुल, त्रुटी---अशुद्धतात्रुटि---अशुद्धिपोरपाटु---अशुद्दम्, अळुक्कुतवरु॒---अशुद्धत, अशुद्धितॆट्टु---अशुद्धि, अशुचितप्पु---
153अशुभविशेषणपुंलिंगपुंलिंग--जो शुभ (भला या हितकर) न हो, अमांगलिक या बुरा।अंमंगल, अहित;दोष या पाप।--अशुभ----नामुबारक, बदबदी, बुरानक़्स, गुनाह--अशॅब-अशॅब--अशुभुबुराई, हानीदोषु, पापु--अशुभ, अमांगलिक, वाईटअमंगळ, अहितदोष, पाप--अशुभअमंगलदोष, पाप--अशुभअमंगलदोष, पाप--अशुभ, अमांगलिकअमंगल, अशुभ, अहितदोष, पाप--अमांगळिक, अशुभअमंगळ, अहित---अशुभमुअहितमुदोषमु--अमंगलमान, अशुभम्तीमैकुरै॒, पावम्--अशुभं, अमंगळकरंअमंगळंपापं--अशुभं, अ़मंगळकरअमंगळ, अनिष्टपाप--
154अश्लीलविशेषण----नैतिक या सामाजिक आदर्शों , से च्युत, सभ्य पुरुषों की रुचि के प्रतिकूल, गंदा फूहड़।----अशलील----फ़ोहश----फाश----फ़ाहिशु----अश्लील, अजागळ, अडाणी----अश्लील----अश्लील----अश्लील, असभ्य----अनैतिक, असभ्य----अश्लीलमु----आबासमान, कॆट्ट----अश्लीलं, असभ्यं----अश्लील----
155अष्टमीस्त्रीलिंग----शुक्ल या कृष्ण पक्ष की आठवीं तिथि।----अशटमी----अष्टमी----आ॑ठम----अष्टमी----अष्टमी----अष्टमी, आठम----अष्टमी----अष्टमी तिथि----अष्टमी----अष्टमि----अष्टमि----अष्टमि----अष्टमि----
156असंख्यविशेषणविशेषण---जो गिनती में बहुत अधिक हो;जिसकी गिनती न हो सके, अनगिनत।---असंख, अनगिणत----लात़ादादअनगिनत---वारियाहबेशुमार---बेशुमारुअग॒णति---असंख्य, अगणितअगणित---असंख्यअगणित---असंख्यअगुनति---असंख्यअगणन---असंख्यअगणित---लेक्कलेनिअसंख्याकमयिन---मिग अदिगमानऎण्णट॒ट॒---असंख्यंऍण्णमट॒ट॒---अत्यधिक, बहु संख्यातलॆक्कविल्लद, असंख्यात---
157असंगतविशेषणविशेषण---जो संगत न हो, बेमेल, असंबद्ध, प्रसंग-विरुद्ध;अनुचित, अनुपयुक्त।---असंगत, बेतुका----ग़ैरमुतअ़ल्लिक़नामुनासिब---नामुना॑सिब----बेमेलुग़ैर वाजिबु, अजोगो॒---विसंगत, असंबद्धअनुचित, अनुपयुक्त---असंगतअनुचित---अवान्तरअनुचित, अन्याय्य॒ (ज्ज)---असंगत, संगतिहीनअनुचित, अनुपयुक्त---प्रसङ्ग विरुद्ध (असंगत)अनुचित, अनुपयुक्त---असंबद्धमुअनुचितमु---पॆरुन्दाद, सेरादतगुदियट॒ट॒---असंगतमायअनुचितमाय---अप्रासंगिकअनुचित---
158असंतोषपुंलिंग----संतोष का अभाव।----असंतोख----बेइत्मिनानी----असंतोश----असंतोषु, नाराज़िपो----असंतोष----असंतोष----असन्तोष----असन्तोष, अप्रसन्न----असंतोष----असंतृप्ति----मननिरैविन्मै अदिरुप्ति----असंतृप्ति----अतृप्ति----
159असंभवविशेषण----जो कभी घटित न हो सके।----असंभव----नामुम्किन----नामुमकिन----असंभवु, नामुम्किनु----असंभव----असंभव, अशक्य----असम्भव----असम्भव----असंभब----अंसंभवमु----निगऴमुडियाद----असंभाव्यं----असंभव, साध्यविल्लद----
160असत्यविशेषण----जो सत्य या उसके अनुरूप॒ न हो, झूठा या मिथ्या।----असति, झूठ, कूड़----बातिल----अपुज़----असतु----असत्य, मिथ्या----असत्य, मिथ्या, खोटुं----असत्य॒ (त्त), मिथ्या॒ (त्था)----असत्य, मिछा----मिथ्या, असत्य----असत्यमु, अबद्धमु----पॊय्यान----असत्यं----असत्य, सुळ्ळु----
161असभ्यविशेषण----जो सभ्य न हो, अशिष्ट, गंवार।----असभिअ----ग़ैरमुहज़्ज़ब (वहशी)----गा॑र तहज़ीबयाफतु॑----असभ्य, अणसुधिर्यलु----असभ्य अशिष्ट, खेडवळ----असभ्य----असभ्य, अशिष्ट, गोंयार----असभ्य, अशिष्ट, अभद्र----अशिष्ट, असभ्य----असभ्यमु अनागरिकमयिन----नागरीगमट॒ट॒, पण्बट॒ट॒----असभ्यं, असभ्यन्----असभ्य----
162असमंजसपुंलिंग----कुछ करने, कहने आदि से पहले की वह मानसिक स्थिति जिसमें कर्त्तव्य निश्चित या स्थिर न हो सका हो, दुविधा।----दुचित्ती, शशोपंज----तज्रुब्ज्रुब (पसोपेश), शशोपंज----शशपंज----बि॒चिताई, हब॒क----असमंजस, भ्रम, घोटाळा----असमंजस, डामाडोलपणुं----इतस्तत:, द्विधाग्रस्त, दोमना----द्विधा, दोधोरमोर (थरोगेंरो)----किंकर्त्तब्यबिमूढ़, दोबिधा----असमंजसमु चिक्कु----तडुमाट॒ट॒म् तयक्कम्----धर्मसंकटं, आशयक्कुऴप्पं----अनिश्चय, पेचाट----
163असमर्थविशेषणविशेषण---अशक्त;जो किसी विशिष्ट काम को कर सकने के योग्य न हो।---असमरथ----नामक़्दूरनाअहल---न करनस, का॑बिल----असमर्थु, हीणोअसमर्थु---अशक्तअसमर्थ---असमर्थ, अशकतअयोग्य---असमर्थअक्षम, अपटु---असमर्थअपारगं, अलायक---अशक्तअसमर्थ---असमर्थुडुपनिकिमालिन, चेतगानि---तिर॒मैयट॒ट॒समर्त्तियमट॒ट॒---अशक्तन्काऴविल्लात्तवन्---अशक्तअसमर्थ---
164असरपुंलिंग----प्रभाव।----असर----असर----असर----असरु----प्रभाव----असर, प्रभाव, छाप----प्रभाव----प्रभाव----प्रभाब----प्रभावमु----पिरबावम् विळैवु----प्रभावं, फलं----प्रभाव----
165असलविशेषणपुंलिंग---वास्तविक।मूलधन।---असल----अस्ल (असल)अस्ल ज़र---असु॑लअसु॑ल---असुलीअसुलु, मुरु---अस्सल, वास्तविक, खरोमुद्दल मूलधन---असल, वास्तविक, खरुंमुद्दल---आसल, यथा॒र्थ (ज)मूलधन---आचल, प्रकृतमूलधन---बास्तबिकमूळधन---वस्तुस्थितिमूलधनमु, असलु---उण्मैयानमूलदनम्---असल, तनिमूलधनं---निजबादअसलु---
166असलीविशेषण----असल।----असली----अस्ली----असली----असुली----सच्चा, खरे----असल, मूल, पुराणुं----अस्ली, विशुद्ध----आचल, प्रकृत----असल----निज़मयिन----असल् शुद्दमान, कलप्पडमट॒ट॒----यथार्थमाय, असल्----निजवाद----
167असहयोगपुंलिंग----औरो के साथ मिलकर काम न करने की क्रिया या भाव।----नामिलवरतण----अ़दम-तआ़वुन (तर्केमवालात)----न मेलुन----असहयोगु----असहयोग, असहकारिता, असहकार्य----असहकार, असहयोग----असहयोग (जो)----असहयोग----असहजोग----सहायनिराकरणमु----ऒत्तुऴैयामै----निस्सहकरणं----असहकार----
168असह्यविशेषण----जो सहा न जा सके, उम्र, तीव्र या विकट।----असहि----नाक़ाबिले बरदाश्त----नाका॑बिल बरदाशत----असहु, न सहण, जोगो॒----असह्य----असह्य----असह्य (भन्य)----असह्य, तीब्र----असह्य, असहनीय----सहिंपलेनि----पॊरु॒क्कमुडियाद----असह्यमाय----असह्य----
169असाधारणविशेषण----जो सामान्य न हो, असामान्य।----असाधारण----ग़ैरम़ामूली----गा॑रमा॑मूली----ग़ैररवाजी, असाधारणु----असाधारण, असामान्य----असाधारण----असाधारण॒, असामान्य (न)----असाधारण----असामान्य----विलक्षणमयिन----तनिप्पट्ट----असाधारणमाय, पतिविल्लात्त----असाधारण----
170असीमविशेषणविशेषण---जिसकी कोई सीमा न हो;बहुत अधिक, अपार।---बेहद, असीम----लामह्दूद बेहद, बेहिसाब----बेहद----बेहदिबेहदि, तमामु, घणो---असीमफ़ार अधिक, अपार---असीम, बेहदघणुं---असीम, सीमाहीनप्रचुर, अशेष---असीमअपार, बहुत---असीमबहुत, अधिक---अन्तुलेनिअपरिमितमु---ऎल्लैयट॒ट॒अबारमान---अतिरिल्लात्तवळरॆ॒यधिकं, अतिर॒ कविञ्ञ---अनंतऎल्लॆमीरिद, अपार---
171असुरपुंलिंग----दैत्य, दानव, राक्षस।----असुर, दैत, दानो----देव (राक्शस)----राख्युस----दैतु, राकासु----असुर, दैत्य, दानव, राक्षस----असुर, दैत्य, दानव, राक्षस----असुर, दैत्य॒, दानव (त्त)----असुर, दैत्य----दैत्य, दानव, राक्षस, असुर----राक्षसुडु, असुरुडु----अरक्कन्----असुरन्----राक्षस----
172असुविधास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---सुविधा का अभाव;कठिनाई।---औख, औखिआई----दिक़्क़त, तक्लीफ़मुश्किल---तकलीफ़----अहंजु, तकलीफ़डुख्याई---गैरसोयअडचण---अगवड, मुश्केली----असुविधामुश्किल---असुबिधा, असुचलकठिनता, टान---असुबिधा, सुविधार, अभाबकठिनता---इब्बन्दिकष्टमु---असौकरियम्तॊन्दरवु---असौकर्यंविषमं---अनानुकूलइक्कट्टु, तॊन्दरॆ---
173अस्तबलपुंलिंग----वह स्थान जहां घोड़े बांधे जाते है, घुड़साल, अश्वशाला।----तबेला, असतबल----अस्तबल----गुरय॒गान, तबेलु॑----तबेलो----अश्वशाळा, तबेला----तबेलो----आस्ताबल----घोंराशाल----घोड़ाशाळ, अश्वशाळा----अश्वशाल----कुदिरैलायम्----कुतिरलायं----लाय----
174अस्तव्यस्तविशेषण----जिसका क्रम या व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो चुकी हो, इधर-उधर बिखरा हुआ, तितर-बितर।----उग्घड़-दुग्घड़----मुंतशिर----यिरवु॑न्य----डांवाडोल, टिड़्यलुपखिड़्यलु----अस्ताव्यस्त, विस्कटलेला----अस्तव्यस्त, छिन्नभिन्न----एलोमेलो, विश्रृंखल----उलट-पालट, विश्रृंखल----अब्यबस्था, अस्तब्यस्त----तारुमारयिन, छिन्नाभिन्नमयिन----उण्डु ऎन्र तन्मै----अविडाविडॆ----अस्तव्यस्त----
175अस्तित्वपुंलिंग----होने का भाव, विद्यमानता, सत्ता।----होंद----वुजूद, हस्ती----वॅजूद----हस्ती, वुजूदु----अस्तित्व, विद्यमानता, सत्ता----अस्तित्व, हस्ती, हयाती----आस्तत्व, सत्ता----अस्तित्व, स्थिति----सत्ता, अस्तित्व---------उण्डु ऎन्र तन्मै----अस्तित्वं, सत्त----इरवु, अस्तित्व----
176अस्त्रपुंलिंग----फेंक कर चलाया जाने वाला हथियार।----असतर----हथयार (क़ज़ीफ़ा)----हथियार----हथियारु, अस्त्रु----अस्त्र----अस्त्र, फेंकवानुं, हथियार----अस्त्र----अस्त्र----अस्त्र----शस्त्रमु आयुधमु, अस्त्रमु----अस्तिरम्, अंबु----अस्त्रं----अस्त्र----
177अस्थिस्त्रीलिंग----हड्डी।----हड्डी, असथी----हड्डी----अ॑डिज----हडी॒, हडो॒----अस्थि, हाड----अस्थि, हाडकुं, फूल----अस्थि, हाड़----अस्थि, हाड़ (हार)----हाड़----एमुक----ऎलुंबु----अस्थि----मूळॆ----
178अस्थिरविशेषण----जिसमें स्थिरता न हो, गतिमान, चंचल।----असथिर----ग़ैरसाकिन, मुतहर्रिक----च़ंच़ल----अथिरु----अस्थिर, गतिमान, चंचल----अस्थिर, फरतुं, चंचल----अस्थिर, चंचल----अस्थिर, चंचल----चंचल, अस्थिर----चंचलमु, अस्थिरमु----निलैयट॒ट॒, अशैगिर----अस्थिरं, चंचलं----चंचल, अस्थिर----
179अस्पतालपुंलिंग----वह स्थान जहां रोगियों की चिकित्सा की व्यवस्था होती है, चिकित्सालय।----हसपताल----अस्पताल----हस्पताल----अस्पताल, इस्पताल----इस्पितळ चिकित्सालय----होस्पिटल, इस्पिताल, दवाखानुं----हासपाताल----चिकित्सालय, हास्पटाल----हासपाताळ, चिकित्साळय, डाक्तर खाना----आसुपत्रि, चिकित्सालयमु----आस्पत्तिरि, मरुत्तुवमनै----आशुपत्रि----आस्पत्रॆ----
180अस्वस्थविशेषणविशेषण---जो स्वस्थ न हो, बीमार या रोगी;दूषित, बुरा।---मांदा, बिमार----बीमारबुरा---ब्यमारब्यमार---बीमारुग़ैर सिहतमंदु---रोगी, आजारीदूषित, वाईट---अस्वस्थ, बेचेनदूषित, खराब---असुस्थदूषित, अस्वास्थ्यकर---अस्वस्थ, रोगी रुगीयादूषित, बेया---रोगी, अस्वस्थदुषित, खराप---रोगग्रस्तमयिन, जब्बुपडिनअनारोग्यकरमयिन---नोयुट॒ट॒नलमट॒ट॒---रोगि, आरोग्यमिल्लात्तदूषितं---काइलॆ, रोगिअपरिशुद्ध, कॆट्ट---
181अहंपुंलिंग----अहंकार, अभिमान।----हउमै----अना (अनानीयत), घमंड----अहंकार----अह्म्, खुदी----अहं----अहं, अहंकार----अहं, अहंकार, अभिमान----अहं----अहंकार, अभिमान----अहं, हामु----गर्वम्, अहंकारम्----अहं----सॆक्कु----
182अहंकारपुंलिंग----अभिमान, गर्व।----हंकार----अनानीयत----अबिमान, नशु॑----अहिंकारु, अहंकारु----अहंकार, गर्व, अभिमान----अहंकार, अभिमान, गर्व----अहंकार, अभिमान, गर्व----अहंकार----अभिमान, गर्ब, अहंकार----अहंकारमु----सॆरुक्कु----अहंकारं----अहंभाव, अहंकार----
183अहातापुंलिंगपुंलिंग---चारों ओर से घिरा हुआ मैदान या स्थान, हाता;चारदिवारी।---हाता, अहाताहाता, अहाता---इहाता (अहाता)इहाता---हातु॑, चारदीवा॑रीहातु॑, चारदीवारी---हातोचारदीवारी---आवारतट, कुंपण---वाडो, कोट, वंडो, कम्पाउन्ड, घेरो----हातासीमान्त-प्राचीर---बेरि बाघेरि थोवा ठाइचारिओफाले, बेर दि रखा ठाइ---घेरा, हताचारि पार्श्व पाचेरी---आवरणमुआवरणमु---सुट॒ट॒डैप्पुसुट॒टुच्चुवर्---वळप्पुमतिल्क्कॆट्टु---कांपौण्डु, आवरणअंगळ---
184अहिंसास्त्रीलिंग----किसी की हत्या न करने या किसी को किसी भी तरह से तनिक भी कष्ट न पहुंचाने की क्रिया या भावना।----अहिंसा----अ़दम तशद्दुद----अहिंसा----अहिंसा----अहिंसा----अहिंसा----अहिंसा----अहिंसा----अहिंसा----अहिंस----तींगिऴैक्कामै, अहिंसै----अहिंस----अहिंसॆ----
185अहितपुंलिंग----भलाई का अभाव या उसका विपरीत भाव, अपकार, हानि।----अहित----ज़रर (नुक़्सान)----नॅकसान----हाञो, नुक्सानु----अहित, अपकार, हानि----अहित, भुंडू, अकल्याण, नुकसान, हानि----अहित, अपकार, हानि, अमंगल----अहित, अपकार, हानि----अपकार, हानि, अहित----अहितमु, कीडु----तीमै, कॆडुदल्----अहितं, तिन्म----अहित, नष्ट----
186आंकड़ेपुंलिंग----वे अंक जो कोई पक्ष या स्थिति सूचित करते हैं, (स्टैटिस्टिक्स)।----अंकड़े----आ़दादो-शुमार (शुमारियात)----ऑदाद-शुमार----अंग अखर----आंकडे (स्टॅटिस्टिकस)----आंकडा----परिसंख्यान----परिसंख्या----परिसंख्यान----लेक्खलु----पुळ्ळि विवरंगळ्----स्थितिविवर क्कणक्कु----अंकि-अंशगळु----
187आंकनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---अनुमान लगाना;अंकित करना (चित्र, रूपरेखा आदि)।---अंगणा, अंकणाअंकणा---आंकना (कूतना)खोदना (कंदा करना)---अंदाज़्रु॑ लगावुनअंदाज़्रु॑ लगावुन---आकणु, कथणुचिटणु---अनुमान करणेरेखाटणे---आंकवुंपाडवुं, दोरवुं---अनुमान करा, कुत् कराआँका---अनुमान करआँक---अनुमान लगाइबाचित्रादि अंकित करिबा---अंचना वेयुटचित्रिंचुट---मदिप्पिड़वरैय---ऊहिक्कुक, मतिक्कुकचित्रत्तिल् अटयाळ-प्पॆटुत्तुक---ऊहिसुवुदुबरॆयुवुदु---
188आंखमिचौनीस्त्रीलिंग----बच्चों का एक खेल, लुका-छिपी।----लुकण-मीटी----आंख-मचौली----गोरमाजि-गोरस, अ॑न्य कतरि----अखि-बूट----लपंडाव----आंख मिचोली, संता कूकडी----लुकोचुरि----लुकामाकु खेल----लुचुकाकि (लुचुकाळि)----दागुडुमूत----कण्णामूच्चि----कण्णु पॊत्तिक्कळि----कण्णुमुच्चालॆयाट----
189आंगनपुंलिंग----घर कें अंदर या सामने का वह खुला चौकोर स्थान जिस पर छत न हो, सहन, चौक।----विहड़ा----आंगन----आंगुन----अड.णु----अंगण----आंगण, आंगणुं----अंगन, उठोन----आग चोताल, चोताल----अगणा, दुआर----मुंगिलि----मुट॒ट॒म्----मुट॒टं॒----अंगळ----
190आंचलपुंलिंग----पल्ला, छोर, सिरा।----लड़, पल्ला, सिरा----आंचल----पलु॑, पोछ़----पलउ, आंचलु----पदर----छेडो, आंचळ (ळ) पालव----आंचल, अंचल, प्रांत----आंचल----अंचळ, सिरा----कोंगु, अंचु----मुंदानै, तलैप्पु----अट॒टं॒, वस्त्रांचलं----सॆरगु, तुदि----
191आंतरिकविशेषणविशेषण---अंदर का, भीतरी;अंत: करण से प्रेरित, सच्चा, वास्तविक।---अंदरलाआंतरिक---अंदरूनीबातिनी---अ॑न्द्रयुम----अंदिर्योंअंदर जो, अंदिर्यों---आंतरिक, आंतील, आंतलेखरे, वास्तविक---आंतरिक, अंदरनुंअंतरनुं, हृदयनुं---भितरेरआन्तरिक, आन्तरेर---अन्तरर, आन्तरिकआन्तरिक, प्रकृत---भितरीबास्तबिक, आंतरिक---लोपलिआंतरिकमु, वास्तविकमु---उट्पुर॒त्तुउण्मै निलैयान---अकत्तॆ, आन्तरिकमायउळ्ळिल् तट्टिय---ऒळगिनअंतरंगद---
192आंदोलनपुंलिंग----किसी उद्देश्य के लिए किया जाने वाला व्यापक तथा सामूहिक प्रयास।----अंदोलन----तहरीक----जलसु॑, त॑हरीक----आंदोलनु----आन्दोलन----आंदोलन हिलचाल चळवळ----आंदोलन----आन्दोलन----आन्दोळन----उद्यममु----किळर्च्चि, पोराट्टम्----प्रस्थानं----चळुवळि----
193आंधीस्त्रीलिंग----धूल भरी ज़ोर की हवा, अंधड़।----हनेरी----आंधी----वाव----तूफ़ानू, वाचूड़ो----झंझावात, तुफान, वादळ----आंधी----झड़, झंझा, झटिका----धुमुहा, धुलिर, धुमुहा----धुळि झाड़----गालिदुमारमु----पुयल् काट॒टु----कॊटुंकार॒रु॒----धूळु तुंबिद----
194आंशिकविशेषणविशेषण---अंश या भाग से संबंध रखने वाला;केवल अंश या भाग के रूप में होना, कुछ या थोड़ा, अपूर्ण।---आंशकआंशक---जुज़्वीजुज़्वी---अ॑किस हिसस, ताम महदूद----अंश या हिसे सां वास्तेदारुथ़ोरो, हिसो---अंशत:काही, थोडा, अपूर्ण---आंशिक, अंशवाळुं, अंश पूरतुंअधरं, अपूर्ण---आंशिकअपूर्ण॒, खनिक, अल्प (न)---आंशिकअपूर्ण---आंशिककिछि, अपूर्ण---आंशिकमुअपूर्णमु---पगुदियानअपूर्णमान---भागिकंभागिकं---आंशिकअर्पूण---
195आंसूपुंलिंग----आंखो की अश्रुग्रंथि से ग्रवित जल की बूंदें, अश्रु।----हंझू, अथरू----आंसू----ओश----गो॒ढ़ा, लुडिक----आंसू, अश्रु----आंसु, अश्रु----अश्रु, चोखरे जल----चकुलो, चकुर पानी----अश्रु, लुह----कन्नीरु----कण्णीर्----कण्णुनीर॒, अश्रु----कण्णीरु----
196आकर्षकविशेषणविशेषण---अपनी ओर खींचने वाला;प्रभावित या मोहित करके अपनी ओर ध्यान खींचने वाला।---खिच्च-पाऊधूह-पाऊ---पुरकशिश (जाज़िब)पुरकशिश---दिलस मंज़ जाय, करवुनजाज़िब---छिकीदंड़ुकशिश कंदड़ु, मोहीदंड़ु---आकर्षकआकर्षक---आकर्षकमोहक---आकर्षकआकर्षणी॒ शक्ति (नी)---आकर्षणकारी, टानोंताआकर्षक---आकर्षक----आकर्षकमुआकर्षणीयमु---ईर्किरमनदै कवरुगिर---आकर्षकंआकर्षणीयं---आकर्षकसॆलॆयुव, मोहक---
197आकर्षणपुंलिंग----अपनी ओर खींचने का भाव।----खिच्च, धूह----कशिश, जाज़िबीयत----क॑शिश----कशिश, छिक----आकर्षक----आकर्षण, खेंचाण----अकर्षण॒ (न)----आकर्षण, टान----आकर्षण----आकर्षण----ईर्कुम्, शक्ति, कवर्चिच----आकर्षणं----सॆलॆत, आकर्षणॆ----
198आकस्मिकविशेषण----अकस्मात् अप्रत्याशित रूप या एकाएक घटित होने या सामने आने वाला, अचानक।----अचानक, चाणचक्क----ग़ैर मुतवक्क़े----यखदम----ओचितो, इत्फ़ाकी----अचानक, आकस्मिक----आकस्मिक, ओचिंतुं, अणधार्युं, अचानक----आकस्मिक, आचमका, हठात (कंस्सि)----आकस्मिक----अचानक, आकस्मिक----आकस्मिकमु----तर्चेयलान----आकस्मिकं, अविचारितं----अनिरीक्षित----
199आकारपुंलिंगपुंलिंग---बाहरी रेखाओं का वह विन्यास जिससे किसी पदार्थ, विषय या व्यक्ति के रूप का ज्ञान या परिचय होता है, आकृति, शक्ल;किसी वस्तु या व्यक्ति की लंबाई-चौड़ाई, फैलाव, ऊंचाई आदि (साइज़)।---आकारआकार---वज़अ़, शक्लवज़अ़---आकार, अनहार----शिकिल, बनावट, आकारुबीहक, आकारु---आकार, आकृति, रूपआकार---आकार, आकृतिकद---आकार, आकृतिआकार, साइज---आकार, आकृतिआकार, आयतन---आकृति, आकारदीर्धप्रस्थ, उच्चता---आकारमुआकारमु---उरुवम्, तोट॒ट॒म्अमैप्पु---आकारं, आकृतिवलिप्पं---रूप, आकारअळतॆ, गात्र---
200आकाशपुंलिंग----नभ, गगन, आसमान।----अकाश, आकाश----आस्मान----आकाश----आकशु, उभु----आकाश नभ, गगन, आभाळ----आकाश----आकाश, गगन, नभ----आकाश----गगन, आकाश----आकाशमु----आगायम्----आकाशं----आकाश, मुगिलु----
201आकाशवाणीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---देवता या ईश्वर की ओर से कही हुई या आकाश से सुनाई पड़ने वाली वाणी;आल इंडिया रेडियो का नाम।---आकाशबाणीआकाशबाणी---इल्हामआकाशवाणी (आल इंडिया रेडियो)---आकाशिवानी----आकाशवाणी, आकासवाणीआकाशवाणी---आकाशवाणीआकाशवाणी---आकाशवाणी, देववाणीरेडियोनी वाणी---दैववाणी॒ (नी)आकाशवाणी॒ (नी)---आकाशी बाणी दैव बाणीआकाशबाणी (ए-आइ-आर)---आकाशबाणीआकाशबाणी---आकाशवाणिआकाशवाणि---अशरीरि वाक्कु, वानॊलिआकाशवाणी, वानॊलि निलैयम्---अशरीरि, आकाशवाणिआळ् इंडिया रे॒डियो, आकाशवाणी---आकाशवाणिआकाशवाणि---
202आकृतिस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---वस्तु या व्यक्ति का चित्र, भावभंगी प्रकट करने वाली मुद्रा;रूप, गठन, चेहरा।---शकलचेहरा, मोहरा, मुहांदरा---वज़अ़, शक्लगठन, चेहरा---आकार, अनहार----शिकिल, रूपु, आकृतिबनावट, बीहक---आकृतिरूप, चेहरा---आकृति, आकाररूप, चेहरो---आकृतिरूप, गठन, चेहारा---आकृतिरूप, गठण, चेहेरा---आकार, आकृतिरूप, गठन, चेहरो---आकृति, आकारमुरूपमु---उरूवम्, तोट॒ट॒म्रूपम्, मुखम्---आकृतिरूपं, मुखं---आकृति, मुखमुद्रॆरूप, मुख---
203आक्रमणपुंलिंग----प्रहार, हमला।----हल्ला----हम्ला----हमलु॑----हमिलो----आक्रमण प्रहार, हल्ला----आक्रमण----आक्रमण॒, हमला (न)----आक्रमण----प्रहार, आक्रमण----आक्रमण, दाडि----पडैयॆडुप्पु----आक्रमणं----दाळि----
204आक्षेपपुंलिंग----लांछन, व्यंग्यपूर्ण दोषारोपण।----तोहमत----तुहमत, बुहतान----लॊट खसुन----इल्ज़ामु, तुहिमत----आक्षेप, लांछन, आरोप, दोषारोपण----आक्षेप, आरोप----आक्षे॒प, लांछन, दोषारोपण॒ (क्ख) (न)----दोषारोप, निन्दा----आख्येव, दोषारोपण----आक्षेपण, आरोपण----आक्षेबणै, कुट॒ट॒च्चाट्टु----कळंकं, कळंकारोपणं----आक्षेपणॆ, मूदलिकॆ----
205आखिरपुंलिंगपुंलिंगविशेषण--अंत, समाप्ति;परिणाम।बाद में या पीछे होने वाला।--आख़र, आख़ीर----आख़िर-आख़िरी--आ॑खु॑रआ॑खु॑र---आख़रि, पछाड़ीनतीजोपोइजो, पछाड़ीअ जो--शेवट अखेर समाप्तिपरिणामनंतरचा, मागील--आखर, अंतपरिणामअंते--आखेर, अन्त, समाप्तिपरिणा॒म (न)आखेरी--अन्त, समाप्तिपरिणाम, फलपिचर, परवर्ती--अंत, समाप्तिपरिणामआखेरी--चिवर, तुदिफलितमुतरुवाति--मुडिवुपयन्पिन्नाल् वरुगिर--अवसानंफलंपिन्नीटु संभविक्कुन्न--कॊनॆपरिणामकॊनॆय--
206आखेटपुंलिंग----मृगया, शिकार।----शिकार----शिकार----शिकार----शिकारु----मृगया शिकार----आखेट, मृगया, शिकार----मृगया, शिकार----चिकार, मृगया----मृगया, शिकार----वेट----वेट्टै----नायाट्टु----बेटॆ----
207आगंतुकपुंलिंग----अभ्यागत, अतिथि, पाहुना।----प्राहुणा----मेहमान (वारिद)----पॊछ़----आयलु, महिमानु----आगंतुक, अभ्यागत, अतिथि, पाहुणा----आगंतुक, अभ्यागत, अतिथि, परोणो----आगन्तुक, अभ्यागत, अतिथि----अतिथि, आलही----अभ्यागत, अतिथि, आंगतुक----आगन्तुडु, अतिथि----विरुन्दाळि----आगतन्, अतिथि----अतिथि, अभ्यागत----
208आगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---अग्नि;जलन, डाह, संताप।---अग्ग----आगहसद---नारनार---आगि॒, बाहिहसदु, ईर्ख़ा---आग, अग्निदाह, ताप, संताप, मत्सर---आग, देवता, अग्निलाभ, बळतरा, संताप---आगुन, अग्निज्वा॒ला, दहन (जा)---जुहज्वलन, दाह---अग्नि, निऑँदाह, संताप---निप्पु, मंट, अग्निमंट---ती, नॆरुप्पुपॊरामै---तीज्वाल, संतापं---बॆकिउरि---
209आगमनपुंलिंग----आने, पहुंचने या नए सिरे से प्रगट होने की क्रिया या भाव।----आगमन, आउणा----वुरूद----युन----अयणु----आगमन----आगमन, आववुं, ते----आगमन, आसा----आगमन, अहा, प्रवेश----आगमन, आसिबा----आगमनमु, वच्चुट----वरुगै----आगमनं, वरवु----आगमन----
210आगामीविशेषण----भविष्य में आने या होने वाला, भावी।----आगामी, आउणवाला----आइंदा----यिनु॑ वा॑ल----ईंदड़ु----आगामी, भावी----आगामी, आवनारुं----आगामी, भावी----आगामी----भाबी, आगामी----आगमि, भावि, रोबोवु----अडुत्त, वरुगिर----वरान् पोकुन्न----मुंबरुव----
211आगेक्रिया विशेषणक्रिया विशेषणक्रिया विशेषण--पहले या सामने, किसी की उपस्थिति में;भविष्य में।कुछ दूर और बढ़ने पर।--अग्गे, अगाहं----आगे----ब्रुह्युमब्रुहयुमब्रोंहुकुन--पाहिरीं, अ॒ग्यांअगि॒तेअग्यां॒; अगि॒ते--पुढेभविष्यांतपुढे--आगळ, पूर्वे, सामे, सन्मुखभविष्यमांआगळ--प्रथमे, सामने, आगेभविष्यतेएकटु आगे--प्रत्यक्षे, आगतेआगलै, भविष्यतलैअलप पिचत--आगेभविष्यत-रे---मुन्दुमुन्मुंदुमुंदु--मुन्नाल् ऎदिरे, मुन्निलैयिल्इनि, ऎदिर् कालत्तिल्अप्पाल्--मुन्निल्, मुन्पिल्भावियिल्मुन्नोट्टु--मुंदॆमुंदॆऒत्ताय--
212आग्रहपुंलिंगपुंलिंग---नम्रतापूर्वक बल देना, अनुरोध;किसी बात पर अड़ते हुए ज़ोर देना, हठ।---तरला, भिन्नत----दरख़्वास्त (दरख़ास्त)इस्रार, ज़िद---हठ, ज़ोर----ज़ोरु, हुजतज़िदु, होड॒---आग्रह, अनुरोधहट्ट---आग्रह, अनुरोधहठ, जीद---अनुरोधजेद, आग्रह---अनुरोध, मिनतिजेद, आकोर, मोंजालि---आग्रह----मनविपट्टुदल---बलियुरु॒त्तल़्वर्पुरु॒त्तल्---अपेक्षनिर्बधिक्कल्, वाशि---ऒत्तायहट---
213आधातपुंलिंगपुंलिंग---प्रहार या चोट;किसी दुखद घटना के कारण होने वाली मानसिक व्यथा।---सट्ट, चोटसट्ट, चोट---चोट, ज़ख़्मसद्मा---चोटसदमु॑---धकु, चोटसदिमो---आघात, प्रहार, घावदु:ख---आघात, प्रहार, फटकोदु:ख---आघात, प्रहार, चोटमानसिक बेदना---आघात, मारमानसिक, आघात---प्रहार, आघात----गायमुसंतापमु---अडि, कायम्विबत्तिनाल उंडागुम् मनवरुत्तम्---प्रहरंआघातं---एटुव्यथॆ---
214आचरणपुंलिंग----चाल-चलन, चरित्र।----आचरण----किर्दार, अख़लाक़----चालु॑-चलन----हलति, वहिंवारु, आचरणु----आचरण, चरित्र्य, शील----आचरण, वर्तणूक----आचरण॒, चालचलन, चरित्र (न)----आचरण, चालचलन, चरित्र----चलि-चलन, चरित्र, आचरण----आचरण, नडवडिक----नडत्तै----पॆरुमाट॒टं॒----नडतॆ, आचरणॆ----
215आचार्यपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--गुरु, शिक्षक;विश्वविद्यालय के किसी विभाग के वरिष्ठतम पद पर कार्य करने वाला अघ्यापक;किसी विषय का असाधारण पंडित।--आचारीआप्रोफैसरआचारीआ--उस्तादप्रोफ़ैसरअ़ल्लामा--गौरु, परनावन वोल----आचार्युआचार्युविद्वानु--आचार्य; गुरु, शिक्षकविभाग प्रमुखविद्वान--आचार्यमुख्य शिक्षक, प्रिन्सिपलविद्वान--गुरु, शिक्ष॒क (क्ख)प्रधान अध्यापकपण्डिताचार्य॒ (र्ज)--गुरु, शिक्षक, आचार्यप्राध्यापकआचार्य पण्डित--गुरु, शिख्यकप्राध्यापक, प्रफेसर---आचार्युडुप्रोफेसरुमहापंडितुडु--आसिरियर्, गुरुपेरासिरियर्अरिञर्--गुरु, आचार्यन्प्रॊफ़सर॒आचार्यन्--गुरुप्राध्यापकआचार्य--
216आजक्रिया विशेषणक्रिया विशेषणपुंलिंग--वर्तमान दिन में;इन दिनों में, इस काल में।प्रस्तुत या वर्तमान दिन!--अज्जअज्जअज्ज--आजआजकलआज का दिन (इग्रोज़)--अज़कलअज़अज़--अजुअजु काल्ह---आजया दिवसांत, या काळीआजचा दिवस--आजेआ दिवसो मांआज नो दिवस--वर्तमान समयएइ समय, आज़कालवर्तमान काल--आजिएतिया आजिआजिर, दिनटो--आजिएहि समय-रेबर्तमान दिन--ई वेळ, नेडुइप्पुडु, प्रस्तुतमुई रोजु--इन्रू॒इक्कालत्तिल्इन्रै॒यदिनम्--इन्नुइक्कालत्तु, ईयिटॆइन्नु--इंदुईकालदाल्लिईदिन--
217आजकलक्रिया विशेषणक्रिया विशेषण---इन दिनों, वर्तमान काल में।वर्तमान या प्रस्तुत दिनों में, एक-दो दिन में।---अज्जकलअज्जकल---हाल मेंआजकल---अजकलअजकल---अजु काल्ह----आजकालसध्या, हल्ली---आजकाल, हमणा, हालहमणांज---आजकाल, वर्तमान दिनेदु-एक-दिने---आजिर दिनतआजि-कालि---आजिकालि, वर्तमान काळ-रेएक दुह दिन-रे---ई रोजुल्लोइटीवल, ई मध्य---इन्नाट्कळिल्ओरिरु नाट्कळिल्---ईयिटॆअटुत्तु तन्नॆ---ईगिन कालदल्लिसद्यदल्लि---
218आज़ादविशेषण----स्वाधीन, मुक्त, स्वतन्त्र।----अज़ाद, आज़ाद----आज़ाद----आज़ाद----आज़ादु----आक्षाद, स्वाधीन, मुक्त, स्वतंत्र----आक्षाद, स्वतंत्र----स्वाधीन, मुक्त, आजाद (सा)----स्वाधीन, मुक्त, स्वतंत्र----स्वाधीन, स्वछन्द, आजाद----स्वाधीनमयिन, स्वतन्त्रमयिन----सुतंदिरमान----स्वतंत्रमाय----स्वतंत्र----
219आजीवनक्रिया विशेषण----जीवन भर।----उमर भर----ताहयात, (ताउ़म्र)----सा॑र्यसय ज़िन्दगी----जीवन भरि, सजी॒ उमि----आजीवन, जन्मभर, आजन्म----आजीवन----आजीवन, जीवनभर----आजीवन----जीबन, जाक, आजीबन----जीवितांतमु----वाळ्नाळ् मुळुदुम्----जीवितं मुळुवन्, आजीवनान्तं----जीवन पर्यन्त----
220आजीविकास्त्रीलिंग----रोज़ी, रोज़गार, धंधा।----जीवका, रोज़ी----रोज़ी----रूज़ी, ज़िय----आजीविका, रोटी रोज़ी----धंदा, वृत्ति, व्यवसाय, रोजगार----आजीविका, गुजरान----आजीविका, रोजगार, धान्धा;----जीविका, बृत्ति----जीबिका, धंदा----ब्रतुकु तेरुवु, जीवनोपाधि----पिळैप्पु, तॊऴिल, उद्दियोगम्----जीवितमार्गं, तॊऴिल्----जीवनोपाय, कसबु----
221आज्ञास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---आदेश, हुक्म;अनुमति।---आगिआं----हुक्महुक्म, इजाज़त---हा॑कुम----आज्ञा, हुकुमुइजाज़त---आज्ञा, आदेश, हुकुमअनुमति---आज्ञा, हुक्मरज़ा परवानगी---आज्ञा, आदेश, हुकुम;अनुमति---आज्ञा, आदेश, हुकुमअनुमति---आदेश, हुकुम, आज्ञाअनुमति---आज्ञअनुमति---कट्टळैअनुमदि---आज्ञअनुमति---अप्पणॆऒप्पिणॆ---
222आडंबरपुंलिंग----दिखावा, दिखावटी ठाट-बाट।----अडंबर----ज़ाहिरदारी, नुमाइश----दिखावटी----आडंबरु, डे॒खाउ----ढोंग, देखावा, अवडंबर----आडंबर----आडम्बर, लोकदेखानो-ठाठ----आडम्बर, जाकजमक----आडंबर----आडंबरमु----आडंबरम्----आडंबरं----आडंबर----
223आढ़तियापुंलिंग----दूसरे का माल कमीशन लेकर बिकबा देने वाला, आढ़त का काम करने वाला।----आढ़तीआ----आढ़तिया----आडु॑त्य, द्राल----भलाविणो----दलाल, अडत्या----आडतियों----आढ़तदार----दालाल----आड़तिया----दलारि----तरगर्----कम्मीषन् एजन्टॅ, दल्लाळ्----दळ्ळाळिगार----
224आतिशबाज़ीस्त्रीलिंग----बारूद, गंधक, शोरे आदि से बनी चीज़ों के जलाने का तमाशा जिसमें रंग-बिरंगी चिनगारियां निकलती हैं।----आतसबाज़ी, आतिशबाज़ी----आतिशबाज़ी----आतशबा॑ज़्य----आतिशबाज़ी----आतिषबाजी----आतशबाजी----आतशबाजि----आतचबाजी----आतसवाजी, बाण----बाणसंचा----वाण वेडिक्कै----वॆटिक्कॆट्टु, कंपक्कॆट्टु----पटाकि बिडुवुदु----
225आतुरविशेषणविशेषण---अधीर, उतावला;विकल, बेचैन।---उतावला, आतरउतावला, आतर---मुज़्तरिब, बेसब्रबेताब, बेचैन---वुतावली----अधीरु, बेचैनुव्याकुलु---आतुर, अधीर, उतावळाबैचैन, व्याकुल---आतुर, अधीरुं, आकळुंपीडातुं, दु:खी---आतुर, अधीर, उतलाविकल, अशान्त---आतुर, अधीरविह्वल, बिचाकुल---अधीर, उतलाविकळ---आदुदपिडुव्याकुलपडु---परपरप्पानअमैदियट॒ट॒---आतुरन्अस्वस्थन्---आतुरपडुव, तवकगाळ्ळुवव्याकुल---
226आत्म-कथास्त्रीलिंग----अपना लिखा जीवन-चरित।----आतम-कथा----ख़ुदनविश्त----पनु॑न्य कथ----आत्म-कथा----आत्मकथा----आत्मकथा----आत्म-कथा, जीवनी----आत्मकथा, आत्मजीवनी----आत्मचरित----आत्मकथ, स्वीय चरित्र----सुय-चरितै----आत्मकथ----आत्मकथॆ----
227आत्म-रक्षास्त्रीलिंग----अपना बचाव।----आतम-रखिआ----हिफ़ाज़ते ख़ुद----पनुन बचाव----आत्म-रक्षा, खुदि जो बचाउ----आत्मरक्षा----आत्मरक्षण---------आत्मरक्षा----आत्मरख्या----आत्मरक्षण----तर्काप्पु----आत्मरक्ष----आत्मरक्षणॆ----
228आत्मविश्वासपुंलिंग----अपने पर विश्वास या भरोसा।----आतमविशवास----ख़ुदए़तिमादी----पानस प्यठ बरोसु॑ आसुन----आत्म-विश्वासु----आत्मविश्वास----आत्मविश्वास----आत्म-विश्वास----आत्मबिश्वास, आत्मप्रत्यय----आत्मबिश्बास----आत्मविश्वासमु----तन्नंबिक्कै----आत्मविश्वासं----तन्नल्लि भरवसॆ आत्मविश्वास----
229आत्मसमर्पणपुंलिंगपुंलिंग---अपने आपको किसी के हाथ में सौंपना;हथियार डाल देना।---आतमसमरपणआतमसमरपण---खुदसुपुर्दगीइताअ़त---हथियार त्रावुन्य----आत्म-समर्पणमुपेशि पवणु---आत्मसमर्पणहत्यार खाली टाकणे---आत्मसमर्पणहथियार नीचे झुकवां---आत्म-समर्पण॒ (न)आत्म-समर्पण॒ (न)---आत्म-समर्पणअस्त्र-समर्पण---आत्म-समर्पण----आत्मसमर्पणमुओटमि स्वीकरिंचु---तन्नैये अर्पणित्तुक्कॊळ्ळल्ऎदिरिडियम् शरणैडदल---आत्मसमर्पणंकीऴटङ्ङल्---आत्मार्पणॆसोलु ऒप्पिकॊळ्ळुवुदु---
230आत्म-हत्यास्त्रीलिंग----अपने हाथों अपना वध, आत्मघात।----आतम-हतिआ, खुदकुशी----ख़ुदकुशी----खॅदकुशी, पनुन पान पानु॑ मारुन----आत्म-हत्या----आत्महत्या----आत्महत्या, आपघात----आत्म-हत्या॒ (आँतों) (त्ता)----आत्महत्या----आत्महत्या, आत्मघात----आत्महत्य----तर् कॊलै----आत्महत्य----आत्महत्यॆ----
231आत्मास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---शरीर में रहकर उसे जीवित रखने वाली अविनाशी, अभौतिक शक्ति, जीवात्मा;किसी वस्तु आदि का गूढ़, मूल तथा सार भाग।---आतमा----रूहरूह---आत्मा, रूहज्रुव---आत्मा, रूहुआत्मा, रूहु---आत्मा जीवात्मातात्पर्य, सार---आत्मा, जीवसारभूत, तत्त्व---आत्मा॒ (त्ता)सार भाग---आत्मा, जीवात्मामूल, सार---जीवात्मा----आत्मआतंपर्यमु---आत्तुमा, जीवन्उळ् तत्तुवम्---आत्मावुतत्त्वं---जीवसार, रहस्य---
232आदतस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---प्रकृति, स्वभाव;बान, टेव।---आदत----आ़दत----आदत----आदतआदत---संवय, प्रकृति, स्वभावसंवय, अभ्यास---प्रकृति, स्वभावआदत, टेव, महावरो---प्रकृति, स्वभावअभ्यास---प्रकृति, स्वभावअभ्यास---प्रकृति, स्वभाव, आदत----प्रकृति, स्वभावमुअलवाटु---पऴक्कम्सुबात्रम्---पतिवु, स्वभावंरीति, प्रकृति---स्वभावअभ्यास वाडिकॆ---
233आदमीपुंलिंगपुंलिंग---मनुष्य, मानस;वयस्क और प्रौढ़ व्यक्ति।---आदमी----आदमी, इन्सानबालिग़---मोहन्युव, आदमी----आदमीबालिगु---माणूस, मनुष्य, मानववयस्क व प्रौढ व्यक्ति---आदमी, माणस, मानवीव्यस्क अने प्रौढ व्यक्ति---मानुष, लोक, आदमी, मानवमानव---मानुहवायसीया, मानुह---मनुष्य, आदमीप्रौढ़ व्यक्ति---मनुष्युडु, मानवुडुमनिषि---मनिदन्वयदुवन्दवन्---मनुष्यन्आळु---मनुष्यव्यस्क---
234आदरपुंलिंगपुंलिंग---सम्मान, सत्कार;पूज्य भाव।---आदर----एहतिरामएहतिराम---यज़थ----आदरु, इज़तआदरु, इज़त---आदर, सन्मान, सत्कारपूज्य भाव---आदरपूज्य भाव---सम्मान, आदर, आप्यायनसश्रद्ध भावं---मान, सम्मान, सत्कारभक्ति, सन्मान---सम्मान, सत्कारपूज्य भाव---आदरमु, मन्ननगौरवभावमु---मरियादैमदिप्पु---आदरवुपूज्यत---सत्कार, मर्यादॆगौरव---
235आदरणीयविशेषण----आदर-योग्य।----आदरयोग----क़ाबिले एहतिराम, मुह्तरम----यज़तस लायक----आदर जोगो॒, इ़ज़तवारो----आदरणीय----आदरणीय----आदरणी॒य, सम्मानीय (नी)----आदरणीय----आदरणीय----आदरंणीयमु----मदिप्पिर्रकुरिय----सम्मान्यन्----आदरणीय, गौरवार्ह----
236आदर्शविशेषण, पुंलिंगविशेषण, पुंलिंग---अनुकरणीय, श्रेष्ठ;नमूना, बानगी।---आदरश----मिसालनमूना---आदर्शनॅमूनु॑---आदर्शुनमूनो---आदर्श, अनुकरणीय, श्रेष्ठनमुना---आदर्श, श्रेष्ठनमूनो---आदर्श, अनुकरणी॒य (नी), श्रेष्ठनमुना, निदर्शन---आदर्श, अनुकरणीयआहिं, नमुना---अनुकरणीय, आदर्शनमुना---आदर्शमुनमूना---मुन्-मादिरिउयर्गुणम्---अनुकरणीयन्आदर्श---श्रेष्ट, आदर्शमादरि---
237आदान-प्रदानपुंलिंग----लेन-देन।----लैण-देण----लेन-देन (दादोसितद)----लेन-देन----डे॒-बठु----आदान-प्रदान देवाणघेवाण----आदान-प्रदान----आदान-प्रदान, लेन-देन----आदान-प्रदान, लेन-देन----लेण-देण, आदान-प्रदान----इच्चि पुच्चुकोनुट----कॊडुक्कल्वांगल्----आदान-प्रदानं, कॊटुक्कल्वाङ्ङल्----आदान-प्रदान, विनिमय----
238आदिपुंलिंगविशेषणअव्यय--मूल।पहला।इसी प्रकार और या बाकी सब भी, इत्यादि, वगैरह।--आद, आदिआद, आदिआद, आदि--अस्लअव्वल, अज़लीवग़ैरह--मूलुकमूलमूल--आदि, मूलुआदि, पहिर्योंवग़ैरह--आदि, मूळप्रथम, पहिलाइत्यादि, वगैरे--आदिप्रथम, पहेलीइत्यादि--आदि, मूलप्रथमआदि, इत्यादि, प्रभूति--मूल, आदि-इत्यादि--मूल, आदिपहलाइत्यादि--आदिमोदटिमोदलगु--आदि, मूलमुदलावदुमुदलिय वगैयरा--आदिआद्यत्तॆआदि, तुटङ्ङिय, मुतलाय--मूल, आदिमॊदलनेयमॊदलाद, इत्यादि--
239आदिवासीपुंलिंगपुंलिंग---किसी देश का मूल निवासी;जनजाति का सदस्य।---आदवासी, आदिवासी----अस्ल बाशिंदाआदीवासी (क़बाइली)---आदिवा॑सी----आदीवासी----आदिवासीआदिवासी---आदिवासी, मूळरहेवासीआदिवासी---आदिवासीउपजातीय व्यक्ति---आदिबासीजनजातीय लोक---आदिबासी----आदिमनिवासिआदिमनिवासि---आदिवासी पऴङ्कुडिगळ्पऴंकुडिमक्कळ्---आदिनिवासिआदिवासि---आदिवासि, मूलनिवासिबणदवनु, बुडकट्टुजन---
240आदेशपुंलिंग----आज्ञा, हुक्म।----आदेस, आदेश----हुक्म (फ़र्मान)----हुकुम, इज़ाज़त----हुकुमु, आज्ञा----आदेश, आज्ञा, हुकुम----आदेश----आदेश, आज्ञा, हुकुम----आदेश, आज्ञा, हुकुम----आज्ञा, हुकुम, आदेश----आदेशमु----कट्टळै----आज्ञ----आप्पणॆ, आज्ञॆ----
241आद्यक्षरपुंलिंग----(कई पदों वाले) नाम के प्रत्येक पद का आरम्भिक अक्षर जो प्राय: हस्ताक्षर करने आदि के लिए प्रयुक्त होता है (इनीशियल)।----आदि-अक्खर, सही, घुग्घी----इब्तिदाई, हुरूफ़----गॅडु॑ अछुर----आदि-अखरु, नाले जो पहिर्यो अखरु----आद्याक्षर (इनीशियल्स)----पोतानुं नाम, पितानुं नाम----आद्याक्ष॒र (क्ख)----आद्यक्षर, नामर पहिला, आखर----स्वाक्षरक, आद्याक्षर----पोडिअक्षरालु----मुदलॆळुत्तु----आद्यक्षरं, इनिष्यल्----आद्यक्षर----
242आधाविशेषण----वस्तु के दो समान भागो में से प्रत्येक।----अद्धा----आधा----औड, न्यसु॑फ----अधु----अर्धा----अर्ध, अउधुं----आधा, अर्द्धेक----आधा----आधा----सगमु, अर्ध----पादि, अरै----पकुति----अर्ध----
243आधारपुंलिंगपुंलिंग---नीचे की वह वस्तु जिसके ऊपर कोई दूसरी वस्तु टिकी या रखी हो;कारण।---अधार, आधार----बिना, बुन्यादसबब, वजह---बूनी, बुनियाद----आधारु, बुन्यादुआधारु, बुन्यादु---आधारकारण---आधार, टेको, अवलंबनकारण---आधारकारण॒ (न)---आधारकारण---आधारकारण---आधारमुकारणमु---आदारम्कारणम्---आधारं, आश्रयंकारणं---आधारकारण---
244आधारभूतविशेषण----आधार रूप में स्थित, मूलभूत।----बुनिआदी----बुन्यादी----मूलु॑ तलु॑----बुन्यादी----आधारभूत----आधारभूत----आधारीभूत, मूलीभूत----आधारीभूत, मूलभूत----आधारीभूत, मूलभूत----आधारभूतमयिन----अडिप्पडैयान----अटिस्थानपरं----आधारवाद----
245आधिकारिकविशेषण----अधिकारपूर्वक कहा या किया हुआ।----अधिकारक----सरकारी (हाकिमाना)----ओदिकोरी----सनदी, अधिकार सां चयलु----अधिकारपूर्वक----साधिकार----आधिकारिक----कर्त्तव्यपूर्ण अधिकारिक----आधिकारिक----अधिकारपूर्वकमु----आदिकार पूर्वमान----आधिकारिकं, प्रामाणिकं----अधिकारयुक्त----
246आधुनिकविशेषण----आजकल का, वर्तमान काल क़ा।----आधुनिक----मौजूदा (जदीद)----अज़कलुक----हाणोको, आधुनिकु, जदीदु----आधुनिक----आधुनिक----आधुनिक, आजकालेर, वर्तमानजु॒गेर (यु)----आधुनिक----आधुनिक, आजकालि, वर्तमान काळ-र----आधुनिकमु----इक्कालत्तिय----आधुनिकं----ईगिन कालद, आधुनिक----
247आध्यात्मिकविशेषण----आत्मा और ब्रह्म से सम्बन्ध रखने वाला।----अधिआतमिक----रूहानी----रूहा॑नी----आत्मिकु, रूहानी----आध्यात्मिक----आध्यात्मिक----आध्यात्मिक----आध्यात्मिक----आध्यात्मिक----आध्यात्मिकमु----आन्मीयम्----आध्यात्मिकं----आध्यात्मिक----
248आनंदपुंलिंगपुंलिंग---हर्ष, खुशी;मौज।---अनंद, आनंदअनंद, आनंद---ख़ुशीलुत्फ़---आनंद----आनंदुआनंदु---आनंदमौज-मजा---आनंदमोज---आनंद, खुशि, हर्षमौज---आनन्द, हर्षसुख, मजा---आनंद, हर्ष, सुखीमउज---आनंदमुआनंदमु---आनंदम् मगिऴ्च्चिकृषि, उर्चाहम्---आनन्दंउल्लासं---संतोष, आनंदनलिवु---
249आनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---आगमन, होना, एक जगह से चल कर दूसरी जगह पहुंचना;ज्ञान या जानकारी होना।---आउणा----आ़नाइ़ल्म या जानकारी होना---युन----अचणुअचणु---येणेज्ञान होणे---आववुंआवडवुं---आसा, आगमनजाना, अपगत हओया---आहजान जनाह---आगमनज्ञान, अवगत इबा---वच़्चुटतेलियुट---वर, वन्दुसेरअरि॒न्दुकॊळ्ळ्---वरुकअरि॒युक---बरुबुदुतिळियुवुदु---
250आपसर्वनामसर्वनाम---स्वयं, स्वत:, खुद;'तुम' या 'वे' के स्थान पर प्रयुक्त आदरसूचक शब्द।---आप----आपआप---पा॑नुतौह्य, तिम---खुदि, पाणतव्हीं, अव्हीं---स्वत:, खुद्द, स्वयंतुम्ही, आपण---पोते, खुद, जातेतमे---निजे, आपना-आपनि, स्व॒यम (सै)आपनि, उनि---निजे, स्वयंआपुनि---स्वयं, खोद----तनंततामे, स्वयंगातमरु, मीरु---ताने, तामागवेतांगळ्---स्वयंतङ्कळ्---स्वत:तावु, अवरु, इवरु---
251आपसीविशेषण----आपस का, पारस्परिक।----आपसी----आपसी, बाहमी----पानु॑वु॑न्य----पंहिंजो, हिकबि॒एजो----आपसांतले, पारस्परिक----परस्परनां----आपसेर, निजेदेर, मध्येर, पारस्परिक----पारस्परिक----आपणंकर, पारस्पारिक, निज मध्यरे----परस्परमयिन----तमक्कुळ्ळान----परस्परं उळ्ळ----पारस्परिक----
252आभारपुंलिंग----एहसान, किसी के उपकार के लिए प्रकट की जाने वाली कृतज्ञता।----हसान----एहसान----शुकुरगुजार, एहसानमन्द----अहिसानु, शुकुरुगुज़ारी----आभार----आभार----उपकार, कृतज्ञता----कृतज्ञता----ऋण, कृतज्ञता----कृतज्ञत----नन्नि॒----कृतज्ञत----कृतज्ञतॆ----
253आभासपुंलिंगपुंलिंग---झलक, छाया;मिथ्याप्रतीति, भ्रम।---झाउलाझाउला---झलकशुबह, वहम---चेनु॑वन्य॑ब्रांथ---झलक, पाछोआभासु---आभास, छायाभ्रम, मिथ्याप्रतीति---आभास, झलकभ्रम, खोटोदेखाव---आभास, छायामिथ्या॒ बुद्धि, अवास्तवज्ञान, भ्रम (त्था)---आभास, छॉँभ्रम, भान्ति---झलक, छाया, आभासमिथ्या प्रतीत, भ्रम---प्रतीतिभ्रम, आभासमु---मुन्नरि॒विप्पु, सायल्कुऴप्पम्---तोन्नल्तोन्नल, प्रतीति---छायॆभ्रमॆ---
254आभूषणपुंलिंग----अलंकार, गहनें, जेवर।----गहणें----ज़ेवर----ज़ेवर----ज़ेवरु, ग॒हिणों----आभूषण अलंकार, दागिना----आभूषण----आभूषण, गहना, अलंकार----आभूषण----आभूषण, अळंकार, गहणा----आभूषणमु----नगै, अलंकारम्----आभरणं----ऒडवॆ----
255आमुखपुंलिंग----प्रस्तावना, भूमिका।----मुखबंद----तमहीद----गॅडु॑ कथ----मुहागु, भूमिका----प्रस्तावना, उपोद्घात, भूमिका----आमुख, प्रस्तावना----भूमिका, मुखबंध, प्रस्तावना, आमुख----प्रस्तावना, भूमिका----प्रस्तावना, भूमिका----प्रस्तावन----मुगवुरै----आमुखं, प्रस्तावन----मुन्नुडि, प्रस्तावनॆ----
256आमोद-प्रमोदपुंलिंग----जो काम केवल चित्त प्रसन्न करने और मन बहलाने के लिए किए जाते हैं।----मौजमेला----तफ़्रीह----खॅशगुज़ारी----मौज-मजो, खिल-खुशी----आमरद-प्रमोद, मौज-मजा----आमोद-प्रमोद----आमोद-प्रमोद----आमोद-प्रमोद----आमोद-प्रमोद----विनोद विहारमु----उल्लास वाऴ्क्कै----आमोदं, उल्लासं----विनोद, मनोरंजनॆ----
257आयस्त्रीलिंग----पारिश्रमिक, लाभ आदि के रूप में प्राप्त धन, आमदनी।----आमदन, आमदनी----आमदनी----आमु॑दनी----उपति, कमाई, आमदनी----प्राप्ति, मिळकत, उत्पन्न----आवक, पेदाश, आमदनी----आय, उपार्जन----आय, उपार्जन----आय, आमदानी----आदायमु----वरुमानम्----अरुमानं, आदायं----वरमान----
258आयकरपुंलिंग----राज्य की ओर से लोगों की आय पर लगने वाला कर।----आमदनी-कर, इनकम-टैक्स----इन्कमटेक्स----इन्कम ट्यकु॑स----इन्कम-टैक्सु----प्राप्तिकर----आवकवरो----आयकर----आयकर----आयकर----आदायपुपन्नु, राबडिपन्नु----वरुमानवरि----अदायनिकुति----वारमानतॆरिगॆ----
259आयतविशेषणपुंलिंग---लम्बा-चौड़ा विस्तृत, विशाल।चार भुजाओं वाला वह क्षेत्र जिसकी आमने-सामने की भुजाएं समानांतर हों और चारों कोण समकोण हों।---विशालआइत, चुकोण---वसीअ़मुस्ततील---लम्बु॑-ज़्यूठलम्बु॑-ज़्यूठ---वडो॒, डि॒घो, वसीउमुस्ततीलु---विस्तृत, लांब-रुंद विशालआयत---आयतचतुष्कोण---आयत, प्रसारित, विस्तृत, विशालआयत क्षे॒त्र (ख)---आयत, बिस्तृतआयत क्षेत्र---आयत, लंबा, चौड़ा, विस्तृत, विशालआयत क्खेत्र---विशालमुदीर्घचतुरग्रमु---विशालमाननीळ् सदुरमान---विस्तृतमायदीर्घचतुरं---विशालआयत---
260आयास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---घाय, दाई, बच्चों को दूध पिलाने और उनकी देखभाल करने वाली स्त्री।आना क्रिया का भूतकालिक रूप।---आया, खडावीआइआ---आया (दाया)आया---दायआव---आया, दाईआयो---दाई, आयाआला---आया, धायआव्यो---आय, धायीएलो---आया, धाइआह, क्रियार, भूत कालर, रूप---आया, धाई, दाई----दादिवच्चेनु---आयावन्दान्, वन्द्दु---आय, धात्रिवन्नु---दादिबंद---
261आयातस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---व्यापार के लिए विदेश से माल मंगाने की क्रिया;विदेश सें मंगाया हुआ माल।---दरामद, आयातदरामद, आयात---दरामददरामदशुदा---दरामददरामद---आवति, आमदिबाहिरां आयलु मालु---आयातआयात---आयातआयात---आयात----आयात, आमदानि----आयात----दिगुमतिदिगुमति अयित सरुकु---इर॒क्कुमदिइर॒क्कुमदिप्पॊरुळ्---इर॒क्कुमतिइर॒क्कुमतिच्चक्कु---आमदुआमदुसामानु---
262आयामपुंलिंग----लंबाई, विस्तार।----पसार----कुशादगी, वुसअ़त, तूल----खज्यर-जेद्दर----विस्तारु, फैलाउ----आयाम, लांबी, विस्तार----आयाम----आयाम, दैर्ध्य॒ (र्घ)----दैर्ध, बिस्तृति----आयत्तन, परिसर----आयाममु, विस्तारमु----नीळम्, विस्तारम्----नीळं, विस्तृति----विस्तार----
263आयुष्मान्विशेषण----दीर्घजीवी, चिरंजीवी।----जिउणजोगा----तवीलुलउ़म्र, उ़म्रद्राज़----ज़ीठ, वाँस॑, ज़्यूठ आय----चिरंजीवु----आयुष्मान----आयुष्मान----आयुष्मान----आयुस्मान्----आयुष्मान, दीर्घजीवी चिरंजीबी----आयुष्मन्तुडु----चिरंजीवियान, नींडकालम् वाळ्गिर----दीर्घायुष्मान्----चिरंजीवि----
264आयोजकविशेषण----प्रबन्ध या आयोजन करने वाला।----प्रबन्धक----मुंतज़िम (नाज़िम)----इन्तिज़ामी----प्रबंधकु, बंदोबस्तु, कंदडु----आयोजक----आयोजक, प्रबंधक----आयोजक, उद्यो॒क्ता, (जो)----आयोजक----आयोजक, उद्योक्ता----निर्वाहकुलु----एर्पाडुशॆय्बवर्----संयोजकन् कार्यवाहकन्----प्रबंधक, आयोजक----
265आरंभपुंलिंग----शुरू, श्रीगणेश।----अरंभ, आरंभ----इब्तिदा, आग़ाज़, शुरु----आरंब, शुरुअति----आरंभु, शुरुआती----आरंभ----आरंभ, श्रीगणेश----आरम्भ, शुरु----आरंभ----आरंभ, सूत्रपात----आरंभमु----आरंबम, तॊडक्कम्----आरंभं----प्रारंभ, शुरु----
266आरतीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग--देवपूजन के समय घी का दीया, धूप आदि जला कर बार-बार घुमाते हुए सामने रखना, नीराजन;देवता की आरती के समय पढ़ा जाने वाला स्तोत्र;उक्त क्रिया के लिए घी और रुई की बत्ती रखने का पात्र।--आरतीआरतीआरती--आरतीआरती (हम्द)आरती--आरती, आरथी-आरती--आरती, आर्तीआरती, आर्ती---आरतीआरती-स्त्रोत, प्रार्थनानीरांजन--आरतीआरतीआरतियु--आरति, नीराजनाआरतिनीराजन पात्र--आरतिप्रार्थनाआरतिर, दीपाधार--आरति, नीराज़नआरतीनीराजनपात्र--हारतिहारति, गीतमुहारति गंटे--आरत्ति, दीपारादनैतोत्तिरम्दीपारदनैक्कु वेण्डिय नॆय् किण्णम्--दीपाराधन, नीरांजनंदेव-स्तुतिनीरांजनत्तट्टु--आरतिआरति हाडुनीलांजन--
267आरामपुंलिंगपुंलिंग---सुख, चैन, विश्राम;रोग कम होने या दूर होने की अवस्था।---अराम----आराम, चैनसेहतयाबी (आराम)---आरामआरामु---आरामुआरामु---आराम, सुख, विश्रांतिआराम---विश्रांति, आरामआराम---आराम, विश्राम, सुख, आयेशआराम, आरोग्य, नीरोग॒ (ग्ग)---आराम, जिरणि----आराम, विश्राम----विश्रान्तिमेलु---सुगम्, ओयवुनोय् कुरै॒दल, गुणमादल्---सुखं, विश्रभंरोगशांति---विरामगुण, वासि---
268आरोपपुंलिंगपुंलिंग---किसी के संबंध में यह कहना कि उसने अ़मुक अनुचित या नियम-विरूद्ध कार्य किया है, इलज़ाम;ऊपर या कहीं से लाकर बैठाना या लगाना।---इलज़ामआरोप---इल्ज़ामतंसीब---थु॑र खा॑रुन्य, हाँछ़ लागु॑न्यथु॑र खा॑रुन्य, हाँछ़ लागु॑न्य---इल्ज़ामु, तुहिमत, आरोपुरोप, रोंबो---आरोपआरोपण---आरोपआरोपण---आरोप, दोषारोपआरोप, स्थापन---दोषारोप----आरोप, दोषारोप----आरोपणआरोपण---कुट॒ट॒च्चाट्टुशुमत्त, शाट्ट---आरोपणं, कुट॒टा॒रोपणंआरोपिक्कल्---दोषारोपहॊरिसुवुदु---
269आरोहपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--ऊपर चढ़ना, सवार होना;नीचे से ऊपर की ओर जाना या बढ़ना;संगीत में स्वरों का चढ़ाव।--चढाइ-आरोह--चढ़नासुऊ़दचढ़ाव--खसुन----सुवारी, सुवार, थियणुचढ़णुआरोहु--वर चढणेआरोहणआरोह--आरोहआरोहणआरोह--आरोह, चड़ाआरोह, उपरे, ओठाआरोह--आरोहणउठनआरोह (संगीतर)--आरोह----आरोहण, एक्कुपेरुगुआरोहण--एर॒मेले एरु॒दलइसैयिल् आरोहणम्--आरोहं, कयटटं॒कयट॒टं॒आरोहणं--सवारिएरिकॆआरोह--
270आर्थिकविशेषण----रुपये-पैसे, आय-व्यय आदि से संबंधित।----आरथिक----इक़्तिसादी, मआ़शी----इकतिसा॑दी----आर्थिक, माली----आर्थिक----आर्थिक----आर्थिक----आर्थिक----आर्थिक----आर्थिकमु----पॊरुळादार संबन्दमान----धनसंबन्धमाय----आर्थिक, हणकासिन----
271आर्द्रविशेषण----गीला, तर, नम।----गिल्ला----मरतूब, नम, तर----औदुर----आलो----आद्र, ओलसर, दमट, ओले----आर्द्र----आर्द्र, भिजा, सिक्त----तिता, भिजा----आर्द्र, ओदा, बतर, भिजा----आर्द्रमु, तडि----ननैन्द, ईरमान----ननञ्ञ, ईर्प्पमाय, आर्द्रं----तेववाद, ऒद्दॆयाद----
272आलंबपुंलिंग----सहारा, आधार।----सहारा----सहारा----सहारु॑----आधारु, सहारो----आधार, अवलंब----आलंब, टेको----अवलंबन, आश्रय, आलंबन, आधार----अवलंबन----अबलंब, आधार, आश्रय----आलंबमु, आधारमु----आदरवु----आलंबं----आधार----
273आलंबनपुंलिंग----आधार, सहारा, आश्रय।----सहारा----सहारा----सहारु॑----आधारु, आलंबनु----अवलंबन, आधार, आश्रय----आलंबन, आधार----आश्रय, आलंबन----आलंबन----आलंबन, अबलम्बन----आलंबनमु, आधारमु----आदारम्----आलंबनं----आसरॆ, आश्रय----
274आलसीविशेषण----सुस्त, काहिल।----आलसी----काहिल, सुस्त----आलु॑छ़य, सुस्त----आलिसी, सुस्तु----आळशी----आळसु----कुड़े, आलसे----एलेहुवा----अळसुआ, सुस्त----सोमरि----सोबेरि----अलसन्----सोमारि----
275आलस्यपुंलिंग----काम करने की अनिच्छा, सुस्ती, शिथिलता।----आलस----सुस्ती, काहिली----आलुछ़----आलिसु, सुस्ती----आळस----आलस्य, आळस----आलस्य, आलसेमि, कुड़ेमि, जड़ता----आलस्य----आलस्य, शिथिळता----सोमरितनमु----सोम्बल्----अलसत----आलस्य, सोमरितन----
276आलापुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--दीवार में थोड़ा-सा खाली छोड़ा हुआ स्थान जिसमें छोटी-मोटी चीजें रखीं जाती है, ताक;कारीगरों के काम करने के कोई उपकरण, औज़ार;ऊंचे दर्जे का, बढ़िया, श्रेष्ठ, बड़ा।--आलाआलाआहला--ताक़आलाआ़ला, उ़म्दा, बढ़िया--ताखुच----जारोओज़ारुआला, बडो॒--कोनाडाअवजारश्रेष्ठ, मोठा--गोखलो, ताको, आळियोओजार, हथियारउँचुं, उत्तम, श्रेष्ठ--ताकयं॒त्रापति (ज)समुन्नत आला, उच्च श्रेणी॒ (नी)--बेरर खोलोकारिकरर एबिध सरंजामउत्तम--कान्थकुरा, ठणा-बढ़िआ, श्रेष्ठ--गुडुपनिमुट्लुश्रेष्ठमयिन--माडप्पुरैतॊऴिलाळिगळिन् करुविगळ्सिर॒न्द--तट्टु, माटंपणियायुधंउयर्न्न, मेत्तरं, श्रेष्ठमाय--गुडुउपकरणअत्युत्तम--
277आलोकपुंलिंग----प्रकाश, रोशनी।----चानण----रोशनी, नूर----गाश----प्रकाशु, रोशनि----आलोक, प्रकाश, उजेड----आलोक, तेज----आलोक, आलो, ज्योति----आलोक----आलोक, आल्अ, ज्योति----वेलुगु, प्रकाशमु----ऒळि----प्रकाशं, वॆळिच्चं----बॆळकु, आलोक----
278आलोचकपुंलिंग----गुण-दोष आदि का विवेचन, करने वाला, समीक्षक।----पड़चोलीया, आलोचक----नक़्क़ाद, नाक़िद----कु॑ठ कड़न वोल----आलोचकु, नकादु----समीक्षक, टीकाकार, आलोचक----आलोचक, विवेचक----आलोचक, समीक्ष॒क (क्ख)----समालोचक, समीक्षक----आलोचक, समीख्यक----विमर्शकुडु----विमरिसकर्----निरूपकरन्, समीक्षकन्----समीक्षक----
279आलोचनास्त्रीलिंग----गुण-दोषों का निरूपण या विवेचन, समीक्षा।----पड़चोल, आलोचना----तनक़ीद----कु॑ठ क॑डुन्य----आलोचना, तन्कीद----आलोचना, समीक्षा, टीका----आलोचना, अवलोकन, समीक्षा----आलोचना, समीक्षा॒ (क्ख)----समालोचना, समीक्षा----आलोचना, समीख्या----विमर्श----विमरिसनम्----निरूपणं, समीक्ष----समीक्षॆ----
280आवभगतस्त्रीलिंग----किसी के आने पर किया जाने वाला आदर-सत्कार, आतिथ्य।----आगत-भागत, आउ-भगत----आवभगत, ख़ातिर-मदारत----आवबगत----आदरु-सत्कारु----आदर-सत्कार अतिथ्य----आदर-सत्कार----आदर-आप्या॒यन, आदर-यत्न, आतिथ्य॒, खातिर (प्पा), (ज), (त्थ)----अतिथ्य, आतिथि सत्कार----अतिथ्य----आदर सत्कारमु----उबचरिप्पु----सत्कारं----उपचार, आतिथ्य----
281आवरणपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--परदा;ढक्कन;वह कपड़ा, कागज आदि जिसमें कोई चीज लपेटी जाए।--परदाढक्कणकज्जण--परदा, निक़ाबसरपोश, ढकनापोशिश, लिफ़ाफ़ा--परदु॑डकनु॑डकनु॑--पर्दोढकुढकु--आव़रण, पड़दाझाकणआवरण--आवरण, पडदो, अंतरालढांकणुंआच्छादन--आवरण॒, पर्दा (न)ढाकनिआवरण॒, आच्छादन (न)--आवरणढाकमि, ढाकोनमेरिओवा कापोर बा कागज--परदाढॉँकुणी---परदामूतआवरणमु--पडुदामूडिसुट॒ट॒ वैक्कुम् कागिदम, तुणि--मडुपटंअटप्पुआवरणं--परदॆमुच्चळआवरण--
282आवश्यकविशेषण----जिसके बिना काम न चल सकता हो, ज़रूरी।----जरूरी----ज़रूरी----ज़रूरी----ज़रूरी----आवश्यक----आवश्यक, जरूरी----दरकारी, आवश्य॒क प्रयोजनीय (श्श)----आवश्यक, प्रयोजनीय----जरूरी, आबश्यक----अवसरमु----अवसियमान, तेवैयान----आवश्यमाय----अगत्यवाद----
283आवश्यकतास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---ऐसी स्थिति जिसमें किसी चीज या बात के बिना काम चल ही न सकता हो, जरूरत;आवश्यक होने की क्रिया या भाव।---ज़रूरत----ज़रूरत----ज़रूरत----ज़रूरतज़रूरत---आवश्यकताआवश्यकता---आवश्यकता, जरूरतअनिवार्यता---प्रयोजनीयता, आवश्य॒कता (श्श)प्रयोजनीय, दरकारी---आवश्यकता, प्रयोजनीयताआवश्यकता---आवश्यकता, प्र्रयोजनीयता, दरकार----अंतसरमुअवसरमु---तेवैतेवै---आवश्यंआवश्यकत---आवश्यकतॆआवश्यकतॆ---
284आवागमनपुंलिंगपुंलिंग---आना-जाना;जनम-मरण का चक्र।---आवाजाईआवागौन---आमदोरफ़्त (आजा-जावा)तनासुख़---आवागमन----अचणु-वञणुआवागमनु---आवागमनपुनर्जन्म---आवागमनपुनर्जनम---आसा-या॒ओया॒ (जा)जन्ममृत्यु चक्र---अहा-योवाजनम-मरणचक्र---आबागमन, आसिबा-जिबा----राकपोकलुजनन मरणमुलु---पोक्कु-वरत्तुपिर॒प्पु-इर॒प्पु---पोक्कुवरवुजननवुंमरणवुं---बरुवुदुहोगुवुदुजनन-मरण---
285आवारापुंलिंग, विशेषणपुंलिंग, विशेषण---इधर-उधर बेकार घूमने-फिरनेवाला;अवांछनीय आचरणवाला, लफंगा।---अवारा----आवारालफ़ंगा---आवारु॑आवारु॑---आवारोआवारो---उनाड, भटकयाउडाणटप्पु, लफंगा, मवाली---रखडुवंठेल, लफंगो---भवधुरेबखाटे, बकाटे---निष्कर्मा, गा धेलाइ फुरादुष्ट, असत----लफंगा---देशदिम्मरिरौडी---सोदा, वीणाग अलैगिर॒पोक्किरि---नाटोटिदुर्त्नटपटिक्कारन्---अळॆमारिपोलि---
286आवासपुंलिंग----निवासस्थान।----रिहाइश, निवास----रिहाइशगाह----गरु॑, रोज़न जाय----निवासु, रहण जी जाइ----आवास, निवास----आवास, घर, निवासस्थान----बाड़ी, वासस्थान, आवास----आबास----आबास, निबास-स्थान----आव़ासमु, इल्लु----इरुप्पिडम्----वासस्थलं----वर वासस्थान, वास----
287आवाहनपुंलिंगपुंलिंग---अपने पास बुलाने की क्रिया या भाव;पूजन के समय किसी देवता को मंत्र द्वारा बुलाने की क्रिया।---बुलावाआवाहन---दावत, बुलावादावते अस्मा (दुआ़)---नादनाद---सडु, पुकारदेवता जागा॒इणु---निमंत्रणआवाह्न---आमंत्रणआवाह्न---आवाहन आमन्त्रण॒ (न)आवाह्न---निमंत्रण, आमान्त्रणआवाहन---आबाहन----आह्वानमु, पिलुपुआवाहनमु---अऴैप्पुपूजैयिल् मंन्दिरम् सोल्लिदेवर्गळै अऴैत्तल्---विळिक्कल्आवाहनं---आवाहनॆ, करॆयुविकॆआवाहनॆ---
288अविष्कारपुंलिंग----ईजाद (इन्वेन्शन)।----काढ़, ईजाद----ईजाद----ईजाद----ईजादि----शोध----अविष्कार----अविष्कार----अविस्कार----अविष्कार----अविष्करण----कंडुपिडिप्पु----कण्डुपिटिक्कल्, कण्डुपिटित्तं----शोधनॆ----
289आवृत्तिस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---बार-बार होने की क्रिया या भाव;पुस्तक आदि का उसी रूप में फिर छापना।---दुहराउछाप---अआ़दह----फ्युर द्युन----दुहरावटछापो (किताब वग़ैरह जो)---पुनरावृत्तिआवृत्ति---पुनरावृत्तिआवृत्ति---आवृत्तिपुनरावृति---आबृत्ति, पुनरमुद्रणपुनरमुद्रण---आबृत्ति----आवृत्तिमुद्रण---मरु॒बडि सॆय्दळ्मरु॒पदिप्पु---आवर्त्तिक्कल्पतिप्पु---पुनरावृत्तिपुनर्मुद्रण---
290आवेगपुंलिंगपुंलिंग---प्रबल मनोवेग, जोश;बिना सोचे-विचारे कुछ कर बैठने की अन्त:प्रेरणा।---वेग, जोशवेग, जोश---जोशजोशे, हैजान---जोश----जोशु, उधिमोजज़्बो---आवेगमनोवेग---आवेगआवेग---वेग, आवेग, आवेशभावाविष्ट, भावावेश---आवेगभावावेग---आबेग, प्रबल मनोबेग----आवेगमु, आवेशमुआवेशमु---मनऎऴच्चिउरचाहम्, आवेशम्---आवेगंआवेशं---उत्साहआवेश---
291आवेदनपुंलिंग----निवेदन, प्रार्थना।----अरजी----अ़रज़ी (दरख़ास्त)----अरज़ी----अरीज़ी, दर्ख़्वास्त----आवेदन, निवेदन, प्रार्थना----आवेदन, निवेदन----आवेदन, प्रार्थना----प्रार्थना, निबेदन----निबेदन, प्रार्थना----निवेदनमु----विण्णप्पम्----अपेक्ष----प्रार्थनॆ----
292आशयपुंलिंग----अभिप्राय, तात्पर्य, इरादा।----आशा----मंशा----इरा॑दु----मुराद, इरादो----आशय, अभिप्राय, तात्पर्य, इरादा----आशय, इरादो----आशय, अभिप्राय----आशय----अभिप्राय, तात्पर्ज्य----अभिप्रायमु, उद्देश्यमु----अबिप्पिरायम् करूत्तु----उद्देश्यं, आशयं----अभिप्राय----
293आशास्त्रीलिंग----उम्मीद।----आस----उम्मीद----आशा----आशा, उमेद----आशा----आशा, उमेद, धारणा, विश्वास्, आस्था----आशा, भरसा----आशा----आशा----आश----नंबिक्कै----आश, प्रतीक्ष----भरवसॆ----
294आशीर्वादपुंलिंग----मंगल कामना के लिए बड़ों द्वारा कहे गए शुभवचन, आशिष, दुआ।----आशीरवाद, असीस----दुआ़----आ॑ही, आ॑शिरवाद----आशीर्वाद, आसीस----आशीर्वाद----आशीर्वाद, आशीर्वचन, दुवा----आशीर्वाद, आशिस----आशीर्बाद----आशिर्बाद----आशीर्वादमु----आशीर्वादम्, नल् वाऴ्त्तु----अनुग्रहं, अशिस्सु----आशीर्वाद, हरकॆ----
295आश्रयपुंलिंगपुंलिंग---शरण, ठिकाना;सहारा, अवलंब।---आसरा----आसरा, पनाहसहारा---ठिका॑नु----शरणिसहारो---आश्रयअबलंब, आधार---आश्रय, शरणुंआशरो---आश्रय, शरण॒ (न)आश्रय, अवलंबन, सहाय---आश्रय----आश्रय, शरण, ठिकणाअबलंब---आश्रयमुसहायमु---तंजम्, पुगलिडम्आदरवु---शरणं, आश्रयंसहायं---शरणआनिकॆ---
296आश्वासनपुंलिंगपुंलिंग---किसी का कोई काम पूरा करने के लिए दिया जानेवाला वचन;कष्ट में पड़े हुए व्यक्ति को दिलासा या धैर्य देना।---भरोसादिलासा---यक़ीनदिहानीदिलासा, तसल्ली---यकीन, तसली----आथतुदिलासो, दिलिजाइ---आश्वासनदिलासा---आश्वासनदिलासो, सांत्वना---आश्वा॒सदान (आश्वा॒सन) (श्शा)(श्शा)अभयदान, भरसा, प्रबोध, आश्वा॒स उत्साहदान (श्शा)---आश्वासप्रबोध---आश्वासन----वाग्दानमुओदार्पु---आरु॒दल् आळित्तळ्दैरियमूट्टल्---सान्त्वनवचनंआश्वसिप्पिक्कल्---भरवसॆसमाधान---
297आसनपुंलिंगपुंलिंग---बठने का कोई विशिष्ट ढंग, प्रकार या मुद्रा;कुश या कपड़े आदि का बना हुआ चौकोर टुकड़ा जिस पर बैठते हैं।---आसणआसण---आसन, निशस्तसफ़ (आसनी)---आसनआसन---आसणुआसणु, आसिणी---आसनआसन---आसनआसनियुं---आसनआसन---आसनआसन---आसन----आसनमुआसनमु---उट्कारुम् विदम्इरुक्कै---आसनंइरिप्पुपलक, इरिप्पिटं---भंगिआसन---
298आसानविशेषण----सरल, सुगम।----असान, आसान, सौखा----आसान, सरल----आसान, स॑ह॑ल----आसानु----सरळ, सोपे----सहेलुं----आसान, सहज, लाधव----सहज, सुगम, सरल----सरळ, सुगम----सुलभमु----सुलबमान, ऎळिदान, इलगुवान----सुगममाय, ऎळुप्पमुळ्ळ----सुलभ----
299आस्तिकविशेषणविशेषण---जिसका ईश्वर, परलोक, पुनर्जन्म आदि में विश्वास हो;धर्मनिष्ठ।---आसतकआसतक---ख़ुदापरस्तमज़्हबी, दीनदार---आस्त्यखआस्त्यख---आस्तिकु----आस्तिकधर्मनिष्ठ---आस्तिकश्रद्धाळु---आस्तिक, ईश्व॒र विश्वा॒शी (श्श)(श्शा)धर्मनिष्ठ---आस्तिकधार्मिक---आस्तिकधर्मनिष्ठ---आस्तिकुडुधार्मिकुडु---आस्तिकनानमद नंबिक्कैयुळ्ळ---आस्तिकन्धार्मिकन्---आस्तिकधर्मनिष्ठ---
300आस्थास्त्रीलिंग----विश्वासपूर्ण भावना।----भरोसा, यकीन----एतिकाद, अक़ीदत----वैश्वास----आस्था, विश्वासु----आस्था----आस्था, श्रद्धा----आस्था, विश्वा॒स, भरसा (श्श)----आस्था----आस्था----श्रद्ध, नम्मकमु----शिरद्दै, ईडुपाडु----विश्वासं, आस्थ----नंबिकॆ----