सामग्री पर जाएँ

विक्षनरी:भारतीय भाषा कोश ०६

विक्षनरी से
(भारतीय भाषा कोश ०६ से अनुप्रेषित)

<--भारतीय भाषा कोश

क्रमांकहिन्दीव्याकरणव्याकरण१व्याकरण२व्याकरण३व्याकरण४हिन्दी-अर्थहिन्दी-अर्थ२हिन्दी-अर्थ३हिन्दी-अर्थ४हिन्दी-अर्थ५पंजाबीपंजाबी१पंजाबी२पंजाबी३पंजाबी४उर्दूउर्दू१उर्दू२उर्दू३उर्दू४कश्मीरीकश्मीरी१कश्मीरी२कश्मीरी३कश्मीरी४सिन्धीसिन्धी१सिन्धी२सिन्धी३सिन्धी४मराठीमराठी१मराठी२मराठी३मराठी४गुजरातीगुजराती१गुजराती२गुजराती३गुजराती४बांग्लाबांग्ला१बांग्ला२बांग्ला३बांग्ला४असमियाअसमिया१असमिया२असमिया३असमिया४उड़ियाउड़िया१उड़िया२उड़िया३उड़िया४तेलुगुतेलुगु१तेलुगु२तेलुगु३तेलुगु४तमिलतमिल१तमिल२तमिल३तमिल४मलयालममलयालम१मलयालम२मलयालम३मलयालम४कन्नडकन्नड१कन्नड२कन्नड३कन्नड४
1501दर्जनपुंलिंग----बारह वस्तुओं की इकाई।----दरजन----दर्जन----दरजन----दर्जनु----डझन----डझन----डजन----दर्जन----डजन----डजनु----डजन्----डसन्----डजन्----
1502दर्जीपुंलिंग----कपड़े सीने का काम करने वाला।----दरजी----दर्ज़ी----सु॑च़----दर्ज़ी----शिंपी----दरजी----दरजी----दर्ज़ी----दर्जी----दर्जी----तैयल् कारन्----तय्यल्क्कारन्----दर्जि----
1503दर्पणपुंलिंग----मुंह देखने का शीशा, आईना।----शीशा----आईना----शीशु॑----आईनो, आर्सी----आरसा----दर्पण, आरसो----दर्पण, आयना----आइना, दोपोण----दर्पण----दर्पणमु, अद्दमु----निलैक्कण्णाडि----दर्पणं, कण्णाटि----कन्नडि----
1504दर्शकपुंलिंग----देखने वाला।----दरशक----नाज़िर----बुछन वोल----दर्शकु, डिसंदड़ु----दर्शक----दर्शक----दर्शक----दर्शक----दर्शक----प्रेक्षकुडु----पावैंयाळर्----दर्शकन्----दर्शक----
1505दलपुंलिंगपुंलिंग---फूल की पंखड़ी;गुट, टोला।---खंभड़ी, पंखड़ीदल---बर्गे गुल, (पंखड़ी)गुरोह---पोशि वथु॑रपारटी---पंखुड़ी, वर्कुदलु, पार्टी, टोलो---फुलांची, पाकळीदल---दळसमूह---दल, पापड़िदल---पाहिदल---दळ----दळमु, रेक्कगुंपु---इदऴ्कुऴु---दळं, इतळ्संघं, चेरि तरियायि---दळपक्ष---
1506दलनासकारात्मक क्रिया----मोटा पीसना, दरदरा करना।----दलणा----दलना----अडफुट पिहुन----ड॒रणु----दळणें----दळवुं----दला, पेषा----दल----दळिबा----पिंडिचेयुट, विसुरुट----अरैक्क----पोटिक्कुक, तकर्क्कुक----तरि बीसुवुदु----
1507दलालपुंलिंग----सौदा आदि करवाने में मध्यस्थता करने वाला, बिचोलिया।----दलाल----दलाल----द्राल----दलालु----दलाल, अडत्या----दलाल----दालाल----दालाल----दलाल----दलारि----तरगर्----दल्लाळ्----दळ्ळाळि----
1508दवास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---औषधि;इलाज, उपचार।---दवा----दवा----दवायलाज---दवा----औषधइलाज, उपचार---दवाउपाय, इलाज---औषध, दवाइचिकित्सा---औषधचिकित्सा---औषध----मंदुचिकित्स---मरुन्दुचिकिच्चै---मरुन्नुचिकित्स---औषधचिकित्सॆ---
1509दशकपुंलिंग----दस वर्षों की अवधि।----दहाका----दहा (दहाई)----दह्युल----ड॒हाको----दशक----दशक----दशक----दशक----दशक----दशाब्दमु----पत्ताण्डुकळ्----दशकं----दशमान----
1510दस्तकारीस्त्रीलिंग----हाथ से किया गया कारीगरी का काम, हस्तशिल्प।----दसतकारी----दस्तकारी----अथु॑का॑म----हाथ जो हुनुरु, दस्तकारी----हस्त कौशल्य----दस्तकारी----कारु शिल्प----हस्तशिल्प----हस्तशिळ्प----चेतिपनि----कै वेलै----कैत्तॊऴिल्----कैगारिकॆ----
1511दहकनाक्रिया----इस प्रकार जलना कि लपटें निकलने लगें, धधकना।----मचणा----दहकना----वुहुन----ब॒रणु, ज॒रणु----पेटणें, धगधगणें----तपवुं, बळवुं----प्रज्ज्वलित हओया----दपदपाइ जल----दहकिबा, ड़हकिबा----प्रज्वलिंचुट मंडुट----कॊळुन्दु विट्टु ऎरिय----कत्तिज्वलिक्कुक----उरियुवुदु----
1512दहाड़स्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---शेर की गरज;जोर की चिल्लाहट।---दहाड़धाड़---दहाड़ (गरज)----ग्रज़क्रकु॑नाद---शीहं जी गजगोड़वाको---आरोकीगर्जना---गर्जनाघांटो, चीस---गर्जनचित्कार---गोजरणिगोजरणि---सिंहर गर्जन----गर्जनगर्जन---गर्जनैउरक्क कत्तल्---गर्जनंउर॒क्कयुळ्ळ विळि---गर्जनॆबॊब्बॆ, जोरागि अरचु---
1513दहाड़नाक्रियाक्रिया---शेर का गरजना;जोर से चिल्लाना।---दहाड़णाधाड़ां मारना---दहाड़ना----ग्रज्रुनग्रज्रुन---शीहं जो गजणुबाका करणु---डरकाळी फोडणेजोरांत ओरडणें---गर्जवुंजोरथी बराडवुं---गर्जन कराचेंचानो---गोजरचिञर---सिंह गर्जन करिबा----गर्जिंचुटबोब्बरिंतलुपेट्टुट---गर्जिक्क (सिंगम्)उरक्क कत्तल्---गर्जिक्कुक, अलरु॒कउच्चत्तिल् निलविळिक्कुक---गर्जिसुवुदुबॊब्बॆयिडुवुदु---
1514दहेजपुंलिंग----विवाह के अवसर पर कन्या पक्ष की ओर दिया जाने वाला धन और सामान (डाउरी)।----दाज----जहेज़----दाज----डा॒जु, डा॒जो, डे॒ती-लेती----लग्नातील हुंडा----दहेज----यौतुक----यौतुक----जौतुक----कट्नमु----वरदक्षिणै----स्त्रीधनं----वरदक्षिणॆ----
1515दाईस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---उपमाता, धाय;प्रसूति के समय मदद करने वाली स्त्री (मिड वाइफ)---दाई----दाई (दाया)----दायवारॆन्य---दाई----दाईसुईण---दाईसुपाणी---दाइ, धाइ----तोलनीया आरधाइ---धाई, दाइ----दादिमंत्रसानि---वळर्प्पुत्ताय्पिरसवम् पार्कुम्, मरुत्तुवच्चि---वळर्त्तम्मवयट॒ट॒ट्टि, मिड्वैफ्---दादिसूलगित्ति---
1516दातुनस्त्रीलिंग----नीम, बबूल आदि की नरम टहनी का टुकड़ा जो दांत साफ करने के काम आता है।----दातण----मिस्वाक----दाँतु॑न----डं॒दणु----दातण----दातण----दाँतन----दातोन----दांत काठी----पलुदोमुपुल्ल----पल्-कुच्चि----पल्लुकुत्ति----हल्लु उज्जुव कड्डि----
1517दानपुंलिंगपुंलिंग---देने की क्रिया;धर्म आदि की दृष्टि से किसी को कोई वस्तु देने की क्रिया, खैरात।---दान----दहिश (देन)ख़ैरात---द्युनदान, खारा॑थ---दानु, डा॒णु----दानदान-पुण्य---दान, खेरातदान, पुण्य---दान----दिया कार्यदान---दान----दानमुदानमु---नन् कॊड़ैदानम्---कॊटुक्कल्दानं---कॊडुविकॆदान---
1518दानवपुंलिंग----राक्षस, असुर।----दानों----देव, इ़फ़्रित----राख्युस----दैतु, राकासु----दानव, राक्षस, असुर----दानव----दानव, असुर----दानव, राक्षस, असुर----दानब----दान्वुडु, राक्षसुडु----राक्षसन्, अरक्कन्----दानवन्----दानव, राक्षस----
1519दानवीरपुंलिंग----उदारतापूर्वक दान करने वाला।----दानवीर----मुखय्यिर----दा॑नी, दानु॑वीर----दानवीरु----दानवीर----दानवीर----दानवीर----दानबीर----दानबीर----दानवीरुडु----कॊडै वळ्ळल्----दानवीरन्----दानवीर----
1520दानापुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--अन्न या फल का कण या बीज;माला आदि का तिनका;छोटी गोल फुंसी।--दाणा----दाना----दानु॑दानु॑, मालि फॊलगरमी दानु॑--दाणो----दाणामाळेचा मणिलहान गोल फोड--दाणोमणकोफोल्ली--दानापुँतिफुसकुड़ि--गुरि, टुकरामणिकासरु फोंहा--दानागोठिछोट बथ--गिज़पूसपुण्डु--दानिय मणिमालैयिन् मणिशिरंगु--धान्य मणिमालायिलॆ मणिचॆरि॒य कुरु--कालुमणिचिक्क कुरु--
1521दाना-पानीपुंलिंग----अन्न-जल, खाना-पीना, जीविका।----दाणा-पाणी----आबोदाना, दाना-पानी----आबदानु॑----दाणो-पाणी----दाणा-पाणी, अन्नजल----दाणो-पाणी----दानापानि, अन्नजल----जीविका, दानापानी----दानापाणि----अन्नपानमुलु----आहारम्, उणवु, वाऴ्क्कै----उपजीवनं----अन्ननीरु----
1522दानेदारविशेषण----जिसमें दाने या रवे हों।----दाणेंदार----दानेदार----दानु॑दार----दाणेदारु----जाड, दाणेदार----दाणादार----दानादार----गुटि थका----दानादार----गिंज़लुगल, नूकलुगल----मणि मणियान----तरि तरियाय----हरळुहरळागिरुव----
1523दामपुंलिंग----कीमत, मूल्य।----मुल्ल----दाम----कू॑मथ----अधु, मुल्हु----किमत, मूल्य----दाम, किंमत----दाम, मूल्य----मूल्य, दाम----दाम----घर, वेल----विलै----विल----बॆलॆ----
1524दायांविशेषण----दाहिना।----सज्जा----दायां, रास्त----दछु॑न----साजो॒----उजवा----जमणु----डान----सों----ड़ाहाण----कुडि----वलदु----वलत्तॆ----बल----
1525दारोगा (दरोगा)पुंलिंगपुंलिंग---निगरानी, देख-भाल या प्रबन्ध करने वाला अधिकारी;पुलिस का वह अधिकारी जिसके अधीन सिपाहियों की एक टुकड़ी और प्राय: एक थाना होता है।---दरोगा----दारोग़ा (दरोग़ा)----दारोगु॑थानु॑दार---दारोग़ोथाणेदारु, सूबेदारु, दारोग़ो---फौजदारफोजदार---दारागोफोजदार---दारोगादारोगा---दारोगादारोगा, दारोका---दारोगा----इन्स्पेक्टरुइन्स्पेक्टरु---इन्स्पेक्टरपोलीस् इन्स्पॆक्टर---इन्स्पॆक्टर॒पोलीस् इन्स्पॆक्टर॒---मेल्विचारकपोलीस् इन्स्पॆक्टर्---
1526दावतस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---भोज;निमंत्रण।---दावत----दावत----सालसाल---दावत----मेजवानीनिमंत्रण---जमणआमंत्रण---भोजनिमन्त्रण---भोजनिमंत्रण---भोजिनिमंत्रण---विंदुनिमत्रणमु---विरुन्दुअळैप्पु---सद्यक्षणं---औतणनिमंत्रण---
1527दावापुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--अधिकार, स्वत्व, हक;स्वत्व की रक्षा या अन्याय के प्रतिकार के लिए न्यायालय में दिया हुआ प्रार्थना-पत्र, नालिश;किसी बात की यथार्थता के विषय में अत्यधिक आत्मविश्वास, गर्वोक्ति।--दावा----दावा----दावादावादावा--दावा----अधिकार, स्वत्व, हक्कदावागर्वोक्ति--दावो, हकहकगर्वोत्ति--दाबि दाओयानालिशगर्वोक्ति--अधिकारदाबी, मुकर्दमागर्बोक्ति--अधिकार, हकनालिशगर्वोक्ति--हक्कुदावाहामी--दावा, उरिमैउरिमै, नियायम, कोरुम् वऴक्कुअळवट॒ट॒ तन्नंबिक्कै--अधिकारंअवकाशवादंउर॒प्पु--अधिकारदावा, व्याज्यदृढ़वाद हेळिकॆ--
1528दिखावटीविशेषण----जो केवल देखने में अच्छा या सुंदर हो।----दिखाउटी----नुमाइशी (दिखावटी)----दिखावटी----डे॒खिदारु, बनावटी----दिखाऊ----देखावटी----लोक देखान----बाहिरे रमक-जमक----देखा सुंदर----कपटमु, बूटकमू, नटन----पोलि, वॆळिप्पगट्टान----पुरं मोटि मात्रमुळ्ळ, कृत्रिममाय----कृत्रिम----
1529दिनपुंलिंगपुंलिंग---वह समय जिसका आरंभ सूर्योदय तथा अंत सूर्यास्त से होता है, दिवस;चौबीस घंटे की अवधि।---दिन----दिन (रोज़)----दॊहदॊह़ तु॑ राथ---डीं॒हुं----दिवसअवधि, दिवस---दिनअवधि---दिन, दिवसदिन---दिनदिन--------पगलुदिनमु---पगल् नेरम्नाळ् (इरुपत्तिनालु मणि नेरम)---पकल्दिवसं---हगलुदिन---
1530दिनकरपुंलिंग----सूर्य।----सूरज----सूरज, आफ़ताब----सिरियि----सिजु----सूर्य, दिनकर----सूर्य----सूर्ज----बेलि, सूर्य----दिनकर----सूर्युडु----सूरियन्----सूर्यन्, दिनकरन्----सूर्य----
1531दिमागपुंलिंगपुंलिंग---सिर के भीतर का गूदा या भेजा;सोचने-समझने की शक्ति, मस्तिष्क।---दिमाग----दिमाग़----द्यमागद्यमाग---दिमागु----मेंदू, मस्तिष्कबुद्धि, अक्कल---दिमाग, मगजबुद्धि---घिलुमस्तिष्क, मगज---मेधामस्तिष्क---मस्तिष्क (मगज)---मेदडुबुद्धि---मूळैबुद्दि---तलच्चोरु॒मस्तिष्कं, बुद्धि शक्ति---मॆदळुतलॆ---
1532दियासलाईस्त्रीलिंग----एक सिरे पर गंधक आदि मसाले लगाकर बनाई हुई छोटी तीली जो रगड़ने पर जल उठती है।----माचस, दिवासलाई----दियासलाई (माचिस)----गंदख तुज----माचीसु----आगकाडी----दीवासळी----देशलाइ----दियाचलाइ, जुइशला----दिआसिलाइ----अग्गिपुल्ल----तीक्कुच्चि, नॆरुप्पुक्कुच्चि----तीप्पॆट्टि----बॆकि कड्डि----
1533दिलपुंलिंग----हृदय।----दिल----दिल----दिल----दिलि----हृदय----दिल, हृदय----हृदय, दिल----हृदय----हढदय (हृदय)----हृदयमु----इदयम्----हृदयं----हृदय----
1534दिलासापुंलिंग----क्षुब्ध या दुखित हृदय को दिया जानेवाला आश्वासन, तसल्ली, ढाढस।----दिलासा----दिलासा----दिलासु----दिलासो----दिलासा, धीर----दिलासो----भरसा, सान्त्वना----सौत्वना, आश्वासन----आश्वासना----ओदार्पु, धैर्यमु, ऊरडिंमु----आरु॒दल्----आश्वसनं----समाधान----
1535दिवंगतविशेषण----जो मर गया हो, परलोकवासी।----परलोकवासी----मरहूम, ख़ुल्द आश्याँ----मूदमुत, मरहूम----सुर्ग॒वासी----दिवंगत (कैलासवासी)----दिवंगत----दिवंगत----मृत, स्वर्गगत----स्वर्गत----दिवंगतुडु----कालम् सॆन्र----दिवंगतनाय----दिवंगत----
1536दिवालापुंलिंग----अर्थहीनता की वह स्थिति जिसमें कोई व्यक्ति अथवा संस्था अपना ऋण न चुका सके, सर्वथा अभाव की स्थिति (बैंकरप्टसी)।----दिवाला----दिवाला----देवोल----डे॒वालो----दिवाळे----दिवाळुं, नादारी----देउलिया----देवलीया----देबाऴिआ----दिवालाऍत्तुट----दिवाल्----पाप्पर॒----दिवाळितन----
1537दिवालियाविशेषण----जिसका दिवाला निकल गया हो, जो सर्वथा अभाव की स्थिति में हो।----दिवालीआ----दिवालिया----देवा॑ल्यदास----डे॒वालो, खुटलु----दिवाळखोर----देवाळियुं----देउलिया----देवलीया----देवाळिया----दिवालातीसिनवाडु----दिवालान----दीवाळि कुळिच्च, पाप्परा॒य----दिवाळियादव----
1538दिशास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---क्षितिज मंडल के चार-पूर्व, पश्चिम, दक्षिण, उत्तर, मार्गों में से एक;ओर, तरफ।---दिशा----तरफ़, सम्ततरफ़---तरफरॅख---डि॒स, डि॒सातर्फु---दिशाबाज्---दिशाबाजु---दिशा, दिक----दिशफाले---दिशा, दिग----दिक्कुदिक्कु, वैपु---दिशैपक्कम्---दिक्कुनेर्क्कु---दिक्कुकडॆ---
1539दीक्षास्त्रीलिंग----किसी पवित्र मंत्र की वह शिक्षा जो आचार्य या गुरु से विधिपूर्वक, शिष्य बनने अथवा किसी संप्रदाय में सम्मिलित होने के समय ली जाती है, गुरुमंत्र।----दीखिआ----रुश्द----दीख्या----दीक्षा----दीक्षा----दीक्षा----दीक्षा----दीक्षा----दिख्या----दीक्ष----मन्तिरउपदेशम्----दीक्ष----दीक्षॆ----
1540दीपकपुंलिंग----दीया, चिराग।----दीवा----चराग़----च़ोंग----दीपकु, डि॒ओ----दिवा, दीपक----दीपक, दीप, दीवो----दीपक----चाकि----दीप----दीपमु----विळक्कु----दीपं----दीप----
1541दीया (दिया)पुंलिंग----दीपक, चिराग।----दीवा----चराग़----च़ोंग----डि॒ओ----दीपक, दिवा----दीवों----दीपक----चाकि----दीप----दीपमु, प्रमिद----विळक्कु----विळक्कु----दीविगॆ----
1542दीर्घास्त्रीलिंग----आने जाने के लिए कोई लंबा और ऊपर से छाया हुआ मार्ग।----गैलरी----राहदारी----दोर----लाबी, गैलरी----सज्जा गॅल्री----वीथी----ग्याल्यारि----दीर्घा----दीर्घा----मुंगिलि, पंच----ताऴ्वारम् वेराण्डा----गालरि॒, वरान्त----छायापथ, चावणि हादि----
1543दीवारस्त्रीलिंग----मिट्टी, ईंटों पत्थरों आदि की प्राय: लंबी, सीधी और ऊंची रचना जो कोई स्थान घेरने के लिए खड़ी की जाती है, भीत (वॉल)।----कंध, दिवार----दीवार----देवार----दीवारि, भिति----भिंत----दीवाल, भींत----देओयाल----बेर----कांथ, देबाल----गोड----सुवर्----मतिल्, चुवर॒ भित्ति----गोडॆ----
1544दु:खपुंलिंग----कष्ट, क्लेश, तकलीफ।----दुख----दुख (तक्लीफ़)----दॅख, तकलीफ----डुख, सूरु----दु:ख----दुख----दुख, कष्ट----दुख----दु:ख----दु:खमु----दुक्कम, वरुत्तम्----दु:खं----दु:ख----
1545दुकान (दूकान)स्त्रीलिंग----वह स्थान जहाँ बेचने की चीजें सजाकर रखी गई हों, सौदा खरीदने और बेचने की जगह (शॉप)।----दुकान----दुकान----दुकान----दुकानु----दुकान----दुकान----दोकान----दोकान----दोकान----दुकाणमु----कड़ै----कट, पीटिक----अंगडि----
1546दुकानदार (दूकानदार)पुंलिंग----दुकान का स्वामी, दुकानवाला।----दुकानदार----दुकानदार----दुकानदार----दुकानदारु----दुकानदार----दुकानदार----दोकानदार, दोकानी----दोकानी----दोकानी----कोट्टुवाडु, अंगडिवाडु----कडैक्कारन्----कटक्कारन्----अंगडियवनु----
1547दुतकारनासकारात्मक क्रिया----उपेक्षा या तिरस्कारपूर्वक हटाना, तिरस्कृत करना।----दुरकारना----दुत्कारना----ब्यवारी करु॑न्य----छिड़िब॒णु, बेमानो करणु----धुडकाव्न लावणें, तिरस्कृत करणें----धुतकारवुं----तिरस्कार करा----तिरस्कारकर----धेतकरिबा, तिरस्कार-करिबा----तिरस्करिंचुट----अवभदिक्क----तिरस्करिक्कुक निन्दिक्कुक----तिरस्कररिसुवुदु----
1548दुबलाविशेषण----दुर्बल, निर्बल, कमज़ोर, पतले बदन वाला।----लिस्सा, दुबला----लाग़र (दुबला)----कमज़ोर----डुबिरो----दुर्बळ, अशक्त----दूबळुं, अशत्त----दुर्बल----दुर्बल----दुर्बळ----चिक्किपोयिन सन्ननि----मॆलिन्द----दुर्बलमाय, मॆलिञ्ञ----तॆळ्ळगिन----
1549दुभाषियापुंलिंग----दो भाषाएँ जानने वाला वह मध्यस्थ जो उन भाषाओं के बोलने वाले दो व्यक्तिओं की वार्ता के समय एक को दूसरे का अभिप्राय समझाए (इन्टरप्रेटर)।----दुभाशीआ----तरजुमान----दुबाशियि, इन्टरप्रेटर----दुभाषियों, तर्जुमानु----दुभाषी----दुभाषियो----दोभाषी----दोभाषी----दोभाषी----भाषांतरीकर्त अनुवादकुडु----मोळिगळै मॊऴि पॆयर्प्पाळर्----द्विभाषि----द्विभाषि----
1550दुरुपयोगपुंलिंग----किसी चीज या बात का अनुचित ढंग या प्रकार से किया जाने वाला उपयोग।----कुवरतो, दुरउपयोग----ग़लत इस्तेमाल----गलत इस्तेमाल----ग़लत इस्तैमालु----दुरुपयोग----दुरुपयोग----अपव्यवहार----दुरुपयोग----दुरुपजोग----दुरुपयोगमु----तवरा॒नवाळियिळ् उबयोगित्तल्----दुरुपयोगं----दुरुपयोग----
1551दुर्गंधस्त्रीलिंग----बुरी गंध, बद्बू।----बदबो, दुरगंध----बदबू----फख, बदबू----बांस, बदबूइ----घाण, दुर्गंध----दुर्गंध----दुर्गन्ध----दुर्गंध----दुर्गंध----दुर्गंधमु----दुर्-नाट्रम्----दुर्गन्धं----नात----
1552दुर्गपुंलिंग----किला, गढ़, कोट।----किला----क़िला----कु॑लु॑----किलो----किल्ला, दुर्ग, गड----किलो, कोट----दुर्ग, केल्ला----दुर्ग----दुर्ग----दुर्गमु, कोट----कोट्टै----दुर्गं----कोटॆ----
1553दुर्घटनास्त्रीलिंग----हानिकारक, अशुभ या क़्लेशकर घटना।----दुरघटना----हादिसा, सानिहा----हा॑दिसु॑----हाद्सो, दुर्घटना----दुर्घटना, अपघात----दुर्घटना----दुर्घटना----दुर्घटना----दुर्घटना----दुर्घटन----विबत्तु----अपकटं----दुर्घटनॆ, अनाहुत----
1554दुर्दशास्त्रीलिंग----हीनदशा, बुरी हालत, दुर्गति।----दुरदशा----बदहाली, दुरगत----दॅरदशा, बुरु॑हालथ----दुर्दशा----दुर्दशा----दुर्दशा----दुर्दशा----दुर्दशा, दुर्गति----दुर्दशा----दुर्दश, दुस्थिति----अबल निलै----दुर्दश----दुर्गति----
1555दुर्भिक्षपुंलिंग----अकाल, कहत (फमिन)।----काल, कहित----क़हत----अकाल, क॑हथ----डुकारु----दुष्काळ, दुर्भिक्ष----दुकाळ----अकाल----दुर्भिक्ष----दुर्भिख्य----करुंवु, क्षामभु, दुर्भिक्षमु----पंजम्----दुर्भिक्षं, क्षामं----बरगाल----
1556दुर्लभविशेषण----जो कठिनाई से अथवा कम मात्रा में प्राप्त होता हो, दुष्प्राप्य।----दुरलब्भ----कमयाब----दॅरलब, नायाब----दुर्लभु----दुर्लभ----दुर्लभ----दुर्लभ----दुर्लभ, दुष्प्राप्य----दुर्लभ----दुर्लभमु----किडैप्पदर्कु अरिदान----दुर्लभं----दुर्लभ----
1557दुलहन (दुलहिन)स्त्रीलिंग----नई बहू, नव-विवाहिता।----वहुटी----दुलहन----माहरॆन्य----कुंआरि, वनी----नवरी----नवी वहु----कने बउ----न बोवारी----बोहू, वधू (नबोढ़ा)----वधुवु, पॆड्लिकूतुरु----मणमगळ्----मणवाट्टि----मदुमगळु, वधु----
1558दुलारपुंलिंग----लाड-प्यार।----लाड----दुलार----खानु॑ माजर, टाठिन्यार----दुलारु, लाडु----लाड----लाड----आदर----मरम-स्नेह----गेल----आपेक्ष, मुरिपमु----सेल्लम्----स्नेहं, ओमनिक्कल----मुद्दाट----
1559दुविधास्त्रीलिंग----ऐसी मन: स्थिति जिसमें दो या कई बातों में से किसी एक बात का निश्चय न हो रहा हो।----दुबधा----कशमकश (तज़ब्ज़ुब)----दुच़्यॊत----वि॒चिताई----दिव्धा----दुविधा, द्विधा----द्विधा, दोटाना----दोधोर-मोर अवस्था----दोबिधा----ऊहापोह द्वन्द्वमु----इरण्डुम् कॆट्टान् निलै, तडुमाट॒ट॒म्----धर्मसंकटं----अनिश्चय----
1560दुश्मनपुंलिंग----शत्रु, बेरी।----दुश्मन----दुश्मन----दुशमन----दुश्मनु----शत्रु, दुश्मन, बैरी----दुश्मन, वैरी----शत्रु----शत्रु, वैरी----दुस्मन, शत्रु----शत्रुवु----ऎदिरि, विरोदि----शत्रु----वैरि----
1561दुष्टविशेषण----दूषित मनोवृत्ति वाला, दूसरों को परेशान करने वाला।----दुशट----बदजात (ख़बीस)----दॅश्ट, खबीस----दुष्टु----दुष्ट----दुष्ट----दुष्ट----दुष्ट----दुष्ट----दुष्टुडु----दुष्टन्, पोक्किरि----दुष्टन् उपद्रवि----दुष्ट----
1562दुहनासकारात्मक क्रिया----मादा जीवों के स्तनों से दूध निचोड़ना।----चोणा----दुहना----चावुन----ड॒हणु----धार काढणें----दोहवुं----दोहा, दोया----खीरी----दुंहिबा----पिण्डुट----कर॒क्क (पाल्)----(पाल्) कर॒क्कुक----हालु करॆयुवुदु----
1563दूतपुंलिंगपुंलिंग---एक जगह से दूसरी जगह चिट्ठी-पत्री, संदेश आदि पहुँचाने के लिए नियुक्त व्यक्ति (मैसेंजर)।किसी राजा या राष्ट्र का वह प्रतिनिधि जो राजनितिक कार्य से अन्य राष्ट्र में भेजा गया हो या स्थायी रूप से रहता हो (ऐबैसेडर)।---दूत----क़ासिद, एलचीसफ़ीर---का॑सिदसफीर---दूतु, कासिदुदूतु, एलची---दूतराष्ट्रदूत---दूतराजदूत---दूतराजदूत---दूतराष्ट्रदूत---दूत----दूतरायबारि, राजदूत---तूदन्राजतूदर---दूतन्नयतंत्रप्रतिनिधि---दूतरायभारि, राजदूत---
1564दूतावासपुंलिंग----राजदूत के रहने का स्थान और उसका कार्यालय (ऐंबैसी)।----दूतावास----सिफ़ारतख़ाना----सफारथखानु॑----दूतावासु, एलचीखानो----दूतावास----राजदूत भवन----दूतावास----दूतावास----दूताबास----राजदूत कार्यालयमु----तुदरालयम्----नयतंत्रकार्यालयं ऎबसि----दूतावास----
1565दूभरविशेषण----कठिन, मुश्किल, असह्य।----असहि, दूब्भर----दूभर----मुशकिल----डुख्यो----कठिण, अवधड----कठण----दूर----कठिन, असह्य----कठिन----दुर्भरमु----कडिनमान----विषमं, असह्यं----कठिण----
1566दूरक्रिया विशेषणक्रिया विशेषण---देश-काल आदि की दृष्टि से अधिक अंतर पर, फासले पर;अलग, पृथक्।---दूर----दूर----दूरअलग---दूरि, परेअलगि॒, दूरि---दूर, लांबीवरअलग, पृथक---दूरवेगळुं---दूरआलादा---दूरपृथक---दूरअलगा, पृथक---दूरमुवेरु---दूरत्तिल, तॊलैविल्तनियाग---दूरवेरॆ॒---दूरवेरॆ---
1567दूरदर्शनपुंलिंग----टेलीविजन।----दूरदरशन----टेलीविज़न----टॆलिविजन----टेलीविज़न, दूरदर्शनु----दूरदर्शन----टेलिविझन----दूरदर्शन----दूरदर्शन----दूरदर्शन----दूरदर्शनमु----तॊलै काट्चि (टी. वी.)----टे॑लिविषन् दूरदर्शनं----दूरदर्शन----
1568दूरबीनस्त्रीलिंग----एक यंत्र जिसके द्वारा दूर की वस्तुएँ बड़ी और समीपस्थ दिखाई देती हैं (टेलिस्कोप)।----दूरबीन----दूरबीन----दूरबीन----दूरबीन----दूर्बिण----दूरबीन----दूरबीन----दूरबीन, दुर्वीण----दरबीख्यण----दुभिनु----तोलै नोक्कि----दूरदर्शिनि----दुर्बीनु----
1569दूरभाषपुंलिंग----एक यंत्र जिसकी सहायता से दूर बैठे हुए लोग आपस में बातचीत करते हैं (टेलीफोन)।----टैलीफोन----टेलीफ़ोन----टॆलीफोन----टेलीफ़ोनु----टेलीफोन, दूरभाष----टेलीफोन----टेलीफोन----टेलिफोन----टेलिफोन----टेलीफोनु----तॊलैपेसि, टेलिफ़ोन्----टॆलिफोण्----दूरवाणि----
1570दूल्हापुंलिंग----वह व्यक्ति जिसका ब्याह होने को हो या कुछ ही दिनों पहले हुआ हो, वर, नवविवाहित।----लाड़ा----दूल्हा, नौशा----माहराजु----घोटु----नवरा, वर----दुल्हा----वर----दरा----वर----वरुडु----मणमगन्----वरन्----वर----
1571दूसराविशेषणविशेषण---जो गिनती में दो के स्थान पर हो, पहले के बाद का;प्रस्तुत से भिन्न, अन्य।---दूजा, दूसरा----दूसरा, सानीदीगर---दॊयुम, व्याखब्याख---बि॒योंबि॒यों---दुसराअन्य---बीजुंअन्य---दोसराअन्य---द्वितीयआन्, अन्य---दोसराअन्य---रेंडववेरे---इरण्डावुदुमट॒टॊ॒रु---रण्टामत्तॆवेरॆ॒, मट॒टॆ॒---ऎरडनॆयबेरॆय---
1572दृढ़विशेषणविशेषणविशेषण--अविचलित;कड़ा, मजबूत;जिसमें कोई हेर-फेर न हो सके, पक्का, निश्चित।--द्रिढ----साबित कदममुस्तहकम, मज़्बूतमुस्तकिल--मज़बूथमज़बूथमज़बूथ--अटलुपकोपको--दृढ़, अविचलित, अटळमजबूतपक्का, निश्चित--हदमजबूत, टकाउपाकुं--दृढ़, अटलदृढ़, शक्तदृढ़, शक्त--अबिचलित, दृढ़कठिन, दृढ़निश्चित--दृढ़----दृढ़मैनगट्टिगट्टि--निलैयानदिडमानअशैक्क मुडियाद--दृढ़मायकटुप्पमुळ्ळ, उर॒प्पुळळनिश्चितमाय, उर॒च्च--दृढ़गट्टियाद, मजबूतादनिश्चित--
1573दृश्यपुंलिंगपुंलिंग---जो देखने में आ सके या दिखाई दे सके, जिसे देख सकते हों, चाक्षुप (विजुअल);नज़ारा, तमाशा।---द्रिश----मरई (दीदनी)मंज़र---वुछवुननज़ारु॑---डि॒सण में ईंदड़ुनज़ारो, दृश्यु---दृश्यदेखावा---दृश्यदेखाव--------दृश्य----धाक्खष, तामशा----दृश्यमु----काट्चि----काऴ्च, विनोदं----दृश्यंनोट---
1574देखनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---नेत्रों द्वारा किसी का ज्ञान प्राप्त करना;निगरानी करना या रखना।---वेखणा, देखणा----देखना----वुछुननज़र थ॑वु॑न्य---डि॒सणु----पाहाणेंलक्ष ठेवणें---जोवुं----देखानजरे राखा---देखचकु राखा---देखिबा----चूचुटकाचुट---पार्क्कपरामरिक्क---काणुककात्तुसूक्षिक्कुक---नोडुवुदुनोडिकॊळ्ळुवुदु---
1575देख-रेखस्त्रीलिंग----निगरानी।----देख-रेख----निगहदाश्त (निगरानी)----नज़र-गुज़र----निगरानी, संभाल----देखरेख----देखरेख----तत्त्वावधान----तदारक, परिदर्शन----देखा रखा----कापला----परामरिप्पु----मेल्नोट्टं----उस्तवारि----
1576देनदारविशेषण----कर्जदार, ऋणी।----करजाई----देनदार, मक़्रूज़----करुज़दार----कर्ज़दारु----ऋणी, कर्जदार----देणदार----देनदार, ऋणी----ऋणी, धारे लओंता----देणादार----अप्पुपडिनवाडु----कडन्कारन्----कटं कॊण्डवन्, अधमर्णन्----सालगार----
1577देनासकारात्मक क्रिया----प्रदान करना।----देणा----देना----द्युन----डि॒यणु----देणें, प्रदान करणें----देवुं, आपवुं----देओया----दे----देबा----इच्चुट----कॊडुक्क----कॊटुक्कुक----कोंडुवुदु----
1578देरस्त्रीलिंग----विलंब।----देर, अवेर----देर (ताख़ीर)----च़ेर----देरि----विलंब, उशीर----देर, ढील----देरि, विलम्ब----पलम----ड़ेरि----आलस्यमु----तामदम्----तामसं----तड----
1579देवतापुंलिंगपुंलिंग---दिव्य शक्ति संपन्न सत्ता;देव प्रतिमा।---दिउता, देवता----उलूहियतदेवता---दिवताहदिवताह---देवता----देव, देवतादेव-प्रतिमा---देवतादेव, प्रतिमा---देवता----दिव्य शक्तिदेव-प्रतिमा---देबता----देवतदेवत---देवतैदेव विग्गिरहम्---देवतदेव-प्रतिम, तेवर्---देवतॆदेवर विग्रह---
1580देवीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---दुर्गा, सरस्वती, पार्वती आदि स्त्री-देवता;देवता की पत्नी।---देवी----देवी----दीवीदीवी---देवी----देवीदेवपत्नी---देवीदेवपत्नी---देवी----देवीदेव-पत्नी---देबी----देविदेवि---अम्मन्देवि---देविदेवि---देविदेवि---
1581देशपुंलिंगपुंलिंग---जगह, स्थान, क्षेत्र, प्रदेश;कोई विशिष्ट भू-भाग या खंड (कन्ट्री)---देस, देशदेस---ख़ित्ता, इलाक़ामुल्क---दीश, मुलु॑खदीश, मुलु॑ख---देशु/देसु----देशमुलुख---देश, जगाराष्ट्र, मुलक---प्रदेश, अञ्चलदेश---देशदेश---देश----देशमुदेशमु---इडम्, पिरदेशम्नाडु, देशम्---देशंराज्यं---देशनाडु---
1582देशद्रोहीपुंलिंग----षड्यंत्र रचकर अपने देश (वतन) को हानि पहुँचाने वाला, देश से विश्वासघात करने वाला।----देसधरोही----ग़द्दार----गदार----देशद्रोही, देशडोही----देशद्रोही----देशद्रोही----देशद्रोही----देशद्रोही----देशद्रोही----देशद्रोहि----देशद्दुरोहि----देशद्रोहि----देशद्रोहि----
1583देशवासीपुंलिंग----देश में रहने-बसने वाला।----देसवासी, देशवासी----मुल्की बाशिंदा----बाशंदु॑----देशवासी----देशवासी----देशवासी----देशवासी----देशबासी----देशबासी----देशवासि----देशवासि----देशवासि, स्वदेशि----देशवासि----
1584देहांतपुंलिंग----मृत्यु, मौत।----मौत, दिहांत----इंतिक़ाल, मौत----मरुन, मोथ----देहांतु, मौतु----मृत्यु, निधन, देहांत----मृत्यु, मरण----मृत्यु----मृत्यु----देहान्त, मृत्यु----देहावसानमु, मरणमु----मरणम्, सावु----मरणं, मृत्यु, देहवियोगं----सावु----
1585देहातपुंलिंग----गांव, ग्राम।----पिंड, दिहात----देहात----गाम----गो॒ठु, देहांतु----खेडेगाव----गाम----ग्राम----गाँओ----ग्राम----ग्राममु----गिरामान्दरम्----ग्रामं, नाट्टिन्पुर॒म्----हळ्ळि----
1586दैनंदिनीस्त्रीलिंग----डायरी।----डाइरी----डायरी, रोज़नामचा----डयरी----डायरी----रोजनिशि, दैनंदिनी----डायरी----रोजनामचा----डायेरी, दिनपंजी----डायरी, दैनदिनी----डैरी----नाट् कुरि॒प्पु----डयरि----दिनचरि----
1587दैनिकीस्त्रीलिंग----जेब में रखी जाने वाली वह छोटी पुस्तिका जिसमें रोज़ के किए जानेवाले कामों का उल्लेख होता है, दैनंदिनी, डायरी।----डाइरी----डायरी, रोज़नामचा----डयरी----डायरी----रोजनिशी, दैनंदिनी----डायरी----रोजनामचा----सरु डायेरी----दैनिक, डाइरी----डैरी----शिरि॒य नाट्कुरि॒प्पु (जेबि डायरी)----कैक्कणक्कु----डैरि----
1588दोपहरपुंलिंग----दिन के बारह बजे और उसके आसपास का समय, मध्याह्न।----दोपहिर----दोपहर (निस्फ़ुन्नहार)----दुपहा॑र----बि॒पहरी, मंझंदि----दुपार, मध्याह्न----बपोर----दुपुर----दुपरीया----दुइपहर----मध्याह्नमु----मद्दियानम् नडुप्पहल्----उच्च, मध्याह्नं----मध्याह्न----
1589दोहरानासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---कोई काम या बात फिर से उसी प्रकार करना या कहना, पुनरावृति करना;किए हुए काम को फिर से आदि से अंत तक इस दृष्टि से देखना कि उसमें कहीं कोई भूल तो नही रह गई, पुनरीक्षण।---दुहराउणा----दोहरानादोहराना---फ्युर द्युनफ्युर द्युन---दुहिराइणु----पुनरावृत्ति करणेंपुनर्निरीक्षण---दोहराववुंपुनर्विलोकन करवुं---पुनरावृत्ति करापुनरीक्षण करा---पुनराइ करपुनराइ कर, संशोधर कर---दोहराइबापुनराबृत्ति करिबा---मळ्ळीचेयुट पुनरुक्तिसरिचूचुकोनुट---मरुमुरै॒, शॊल्ल, शॆय्यमरुमुरै॒ पार्त्तु पिऴै नीक्क---आवर्त्तिक्कुक, उरुविटुकपुनरवलोकनं चॆय्युक---पुनरावृत्तिमाडुवुदुपुनरीक्षणॆ माडुवुदु---
1590दौड़-धूपस्त्रीलिंग----ऐसा प्रयत्न जिसमें अनेक स्थानों पर बार-बार आना-जाना तथा अनेक आदमियों से मिलना और उनसे अनुनय-विनय करना पड़े।----भज्ज-दौड़----दौड़-धूप, तगोदौ----दवु॑-दव, दोड़-दूप----भज॒-डुक----धावपळ----दोडधाम----छुटाछुटि----कोना कामत करा, लरा ढपरा----धां दौड़----उरुकुलु परुगुलु----ओडियाडि मुयर॒चित्तल्----ओट्टवुं चाट्टवुं कठिन परिश्रमं----ओडाट----
1591दौड़नाअकारात्मक क्रिया----अति वेग से चलना, इतनी तेज़ी से चलना कि पांव पृथ्वी पर पूरा न पड़े।----दौड़ना----दौड़ना----दोरुन----डोड़णु----धांवणे, पळणें----दोडवुं, नासवुं----दौड़ानो----लर, दौर----दौड़िबा----परुगेत्तुट----ओड----ओटुक----ओडुवुदु----
1592दौलतस्त्रीलिंग----धन, सम्पत्ति, अधिकृत सभी वस्तुएँ जिनका आर्थिक मूल्य हो।----दौलत----दौलत----दोलथ, दवलथ----दौलत----धन-दौलत----दोलत----दौलत----धन-संपति----धन, दौलत----संपद, आस्ति----शॆल्वम्----स्वत्तु----संपत्तु----
1593द्योतकविशेषणविशेषण---किसी चीज को प्रकाश में लाने वाला;प्रकट करने वाला।---सूचक----मुज़्हिर----नॊनकड़नवोलनॊनकड़नवोल---ज़ाहिरु कंदडु, रोशनीअ मेंआणीदंड़ु---द्योतक, सूचकप्रकट करणारा---द्योतकदर्शावनारुं---द्योतकद्योतक---द्योतकप्रकाश करोंता---द्योतक----प्रकाशिंपचेयुनदिद्योतकमु---काण्बिक्किरतॆरिविक्किर्---प्रकाशिप्पिक्कुन्नप्रकटमाक्कुन्न---प्रकाशपडिसुवसूचिसुव---
1594द्रोहीविशेषण----किसी के विरुद्ध षडयंत्र रचनेवाला, विश्वासघाती।----धरोही----ग़द्दार----गदार----द्रोही, डोही----द्रोही, विश्वासघातकी----द्रोही----द्रोही----बिश्वासघातक----द्रोही----द्रोहि----दुरोहि----चतियन्, द्रोहि----द्रोहि----
1595द्वंद्वपुंलिंगपुंलिंग---जोड़ा, युग्गल;दो व्यक्तियों का परस्पर युद्ध।---जोड़ादवंद---जुफ़्त, दोगानाकशमकश---जूर्यजॆफ्य---जोड़ों, जोड़ीदूबदू लड़ाई---युग्म, जोड़ीद्वंद्व---द्वंद्वद्वंद्वयुद्ध---युगलद्वंद्व-युद्ध---जोर, हालद्वंद्व-युद्ध---द्वंद्व----जत, जोड़द्वन्द्वयुद्धमु---इरट्टै, जोडिमल्ल युद्दम्---इरट्टद्वंद्वयुद्धं---जोडिद्वंद्व, युद्ध---
1596द्वारपुंलिंग----मकान, कमरे आदि की दीवार में बनाया हुआ भीतर बाहर आने-जाने का विशेष प्रकार का दरवाजा।----दुआर----दरवाज़ा----दार, दरवाजु॑----दुआरु, दरु----दरवाजा, द्वार----द्वार, कमाड----द्वार, दुयार----दुवार----द्वार----द्वारमु----नुऴै वायिल्----कतकु----बागिलु----
1597द्वीपपुंलिंग----चारों ओर समुद्र से घिरा हुआ भू-भाग, जल के बीच का स्थल, टापू।----टापू, दीप----जज़ीरा----जज़ीरु॑----बे॒टु, द्वीपु----बेट, टापू, द्वीप----द्वीप, टापु----द्वीप----द्वीप----द्वीप----द्वीपमु----तीवु----द्वीपु----द्वीप----
1598द्वेषपुंलिंग----चित्त का वह भाव जो अप्रिय वस्तु या व्यक्ति का नाश करने की प्रेरणा करता है, वैमनस्य, शत्रुता, वैर।----दवेश----कीना (इ़नाद)----रुखु॑----द्वेषु, साडु, हसदु----द्वेष, वैर, वैमनस्य----द्वेष, वेर----द्वेष----द्वेष, शत्रुता----द्वेष----द्वेषमु----द्ववेषम्, पगै, वॆरु॒प्पु----द्वेषभावं, वैर भावं, पक----द्वेष, वैर----
1599धंधापुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--वह उद्योग या कार्य जो जीविका निर्वाह के लिए किया जाए;व्यवसाय, व्यापार;कोई भी काम।--धंदा----धंदा----कारु॑बारकारु॑बारकारु॑बार--धंधो----धंदा, रोजगारव्यवसाय, व्यापारकाम--धंधो, रोजगारवेपारउद्यम--धान्धाव्यवसाकाज-कर्म--आजीविकाब्यवसायकोनो काम--धंदा----उद्योगमु, वृत्ति, पनिउद्योगमु, वृत्ति, पनिउद्योगमु, वृत्ति, पनि--उद्दियोगम्तॊऴिल्वेलै--जोलितॊऴिल्प्रवृत्ति, पणि--उद्योगवृत्ति, व्यापारकॆलस--
1600धकेलनासकारात्मक क्रिया----धक्का देना, ढकेलना, आगे बढ़ाना।----धकेलणा----धकेलना----दकु॑ द्युन----धिकणु, अगि॒ते हकिलणु----धक्का देणें, ढकलणें----धकेलवूं----धाक्का देओया----गता मार----ठेलिबा----नेट्टुट, त्रोयुट----मुन्ने तळ्ळ----तळ्ळुक----नूकुवुदु, तळ्ळुवुदु----
1601धड़पुंलिंगपुंलिंग---शरीर का वह बीच-वाला भाग जिसमें छाती, पीठ और पेट है;तना।---धड़----धड़ (तन)तना---पानगॅड---धड़ु----धड़झाडाचे खोड---धडधड---धड़गुँडि, काण्ड---गा अंशगुरि (गछर)---गंडि, कबंध----मेडिमुमोडु---मुण्डम्अडिमरम्---उटल्तटि---मुंडकांड, ताळु---
1602धड़कनस्त्रीलिंग----हृदय का तीव्र और स्पष्ट स्पंदन।----धड़कण----धड़कन----दुबु॑राय----दकदक, धड़कणि----धडधड, धडकी, स्पष्टस्पंदन----धडक----हृदय स्पंदन----हृदयर कंपन----छाति धड़धड़ हेबा----हृदय स्पन्दन----नॆजुत्तुडिप्पु----नॆञ्चिटिप्पु----हृदयद बडित----
1603धधकनासकारात्मक क्रिया----आग का दहकना, भड़कना।----मच्चणा, भड़कणा----दहकना (भड़कना)----वुहुन----धड़कणु, दकदक करणु----आगीचे धधकणें भडकणें----भभकवुं----प्रज्वलित हओया----दपदपाइ जला----निंआ ड़हकिबा----मंडुट----कॊऴ॒न्दु विट्टु ऎरिय----कत्तिक्काळुक कत्तियॆरियुक----धगधगिसुवुदु----
1604धनपुंलिंगपुंलिंग---सम्पत्ति, दौलत;पूंजी---धन----धन (दौलत)----दनु॑, दोलथद्यार---धनु----धन, संपत्तिभांडवल, मुद्दल---धनपूंजी---धन, सम्पत्तिपुँजि---संपतिपुँजि---धन----धनमु, डब्बुपेट्टुबडि---पणम्, सॆल्वम्मुदल्---धनंमुतल्---संपत्तुबंडवाळ---
1605धनवान्विशेषण----जिसके पास बहुत धन हो, धनी, दौलतमद।----धनवान----दौलतमंद----दनु॑वोल, दौलथमंद----धनवानु----श्रीमंत----धनवान----धनी----धनबान----धनबान्----धनवन्तुडु----पणक्कारन्----धनवान्, धनिकन्----श्रीमंत----
1606धनाढ्यविशेषण----बहुत बड़ा धनी, धनवान्।----धनाढ, धनेसू----सरमायादार (मुतमव्विल)----दनु॑वोल, अमीर----धनवानु, शाहूकारु----धनाढ्य----धनाढय----धनाढ्य----धनी, संपतिशाली----धनाढ्य----धनाढ्युडु----पणक्कारन्----धनाढ्यन्----धनाढ्य----
1607धनुषपुंलिंग----कमान।----धनख----कमान (क़ौस)----कमान----धनुषु, कमानु----धनुष्य----धनुष, कामठुं----धनुक----धनु----धनुष----धनुस्सु, विल्लु----विल्----धनुस्सु, विल्लु----बिल्लु----
1608धन्यवादपुंलिंग----किसी उपकार या अनुग्रह के बदले में कहा जानेवाला कृतज्ञतासूचक शब्द, शुक्रिया, (थैंक्स)।----धन्नवाद----शुक्रिया----शुकरिया----धन्यवाद, महिरबानी, शुक्रिया----धन्यवाद----धन्यवाद----धन्यवाद----धन्यबाद----धन्यबाद----धन्यवादमुलु----नन्रि॒----कृतज्ञत, नन्दि----धन्यवाद----
1609धरतीस्त्रीलिंग----पृथ्वी, जमीन, भूमि।----धरती----ज़मीन (अर्ज़)----ज़मीन, बुतराथ----धर्ती----पृथ्वी, जमीन, धरती----धरती----पृथ्वी, जमि----पृथिबी----धरित्री, पृथिबी----भूमि, नेल----बूमि, तरै----भूमि, तर॒----पृथ्वि----
1610धरनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रियापुंलिंग--किसी स्थान पर किसी चीज को रखना;बंधक रखना।कोई काम कराने के लिए अड़कर बैठ जाना और जब तक काम न हो जाए वहां से न हटना।--धरना----धरना----थवुनबन्द थवुनदरनु॑ द्युन--रखणुगिर्वी रखणुधरणो--धरणें, पकडणेंगहाण ठेवणेंधरणें--धरवुंगीरवी राखवुंधरणुं--राखाबंधक राखाधरना--बंधक थधरना--धरिबा-धारणा--स्थापिंचुट, पेट्टुटताकट्टु पेट्टुटधरना, चेयुट--वैक्कअडगु वैक्कमरि॒यल्--वॆक्कुकपणयप्पॆटुत्तुककुत्तियिरुप्पु, पिक्कटि॒टं॒ग्--इडुवुदुअडवु इडुवुदुमुष्कर--
1611धर्मपुंलिंगपुंलिंग---समाज में किसी जाति, कुल, वर्ग आदि के लिए उचित ठहराया हुआ व्यवसाय, कर्त्तव्य;मज़हब (रिलिजन)।---धरम----फ़र्ज़मज़हब (दीन)---दरु॑मदरु॑म---धर्मुधर्मु----धर्म, संप्रदाय---फरजनीति---कर्त्तब्य (ब्बो)धर्म---कर्तब्यधर्म---कर्त्तब्यधर्म---धर्ममुमतमु---कडमैमदम्---कर्तव्यं, धर्मंमतं---कर्तव्यमत, धर्म---
1612धर्मशालास्त्रीलिंग----परोपकार की दृष्टि से बनाया गया वह भवन जिसमें यात्री बिना कुछ शुल्क दिए कुछ समय तक रह सकते हैं।----धरमसाला, धरमशाला----मुसाफ़िरख़ाना----दरमसाल----धर्मशाला----धर्मशाळा----धर्मशाळा----ध़र्मशाला----धर्मशाला----धर्मशाळा----धर्मशाल, धर्मसत्रमु----सत्तिरम्----सत्रं, बळियम्पलं----धत्र, धर्मशालॆ----
1613धर्मात्माविशेषण, पुंलिंगविशेषण, पुंलिंग---धार्मिक आचरण करने वाला;साधु-संत।---धरमातमा----दीनदार----दरमाथमादरमाथमा---धर्मात्मा----धर्मात्मासाधु-संत---धर्मात्मासाधु-संत---धर्मात्मासाधु---धार्मिक व्यक्तिसाधु-संत---धर्मात्मा----धर्मात्मुडुधर्मात्मुडु---अर॒नॆरि॒ कण्डवर्सादुक्कळ्---धार्मिकन्संन्यासि---धर्मात्मसाधु, संत---
1614धवलविशेषणविशेषण---उजला, सफेद;निर्मल।---बग्गानिरमल---सफ़ेदसाफ़---सफेदप्रॊन---उजिरो, अछोनिर्मलु---शुभ्र, पांढरा, धवलनिर्मळ---उजलुं, सफेदनिर्मळ---धवल, धलानिर्मल---बगानिर्मल, मलहीन---धवळ----तेल्लनिनिर्मलमयिन---प्रकाशमान, वॆण्मैयान्मासट॒ट॒, अळुकक्ट॒ट॒---वॆळुत्त, धवळंनिर्मलं---बिळियशुभ्र---
1615धांधली-----अव्यवस्था, दुर्व्यवस्था, गड़बड़;निरंकुशता, स्वेच्छाचारिता।---धांदली----धांधली----वॅच़ाठबदनज़मी---धांधलि----गडबड, घोटाळा, अव्यवस्थानिरंकुशता, स्वेच्छाचारिता---धांधलस्वच्छन्द---अव्यवस्था, गण्डगोलस्वेच्छाचारिता---अब्यबस्था, बिशृंखलास्वेच्छाचारित---अव्यवस्था, गड़बड़----अस्तव्यस्तमयिननिरंकुशत्वमु---कुऴप्पम्कट्टुप्पाडिन्मै---कुऴप्पंतोन्न्यासं---अव्यवस्थॆ, गडिबिडिस्वेच्छाचार, निरंकुशत्व---
1616धागापुंलिंग----बटा हुआ महीन सूत जो प्राय: सीने-पिरोने के काम आता है, डोरा (थ्रेड)।----धागा----तागा----पन----धागो॒ सुटु----दोरा, धागा----धागो, दोरो----सुतो----जरि, सूता----ताग, सूता----दारमु----तैक्कुम् नूल्----नूल्, चरटु----दार----
1617धातुस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---कुछ विशिष्ट प्रकार के खनिज पदार्थ;(संस्कृत व्याकरण में) क्रिया का मूल रूप।---धातधातू---धातमाद्दा---दाथदातु---धातूधातू, क्रिया जो मूलु रुपु---धातु, खनिजधातु (संस्कृत व्याकरणात क्रियेचे मूळ रूप)---धातु----धातु, खनिज पदार्थ----धातुधातु---धातु----धातुवुधातुवु---उलोगम्, दातुप्पॊरुऴविनैच्चॊल्---लोहंक्रियाधातु---लोहधातु---
1618धारस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---पानी आदि के गिरने या बहने का तार, धारा, अखंड प्रवाह;किसी काटने वाले हथियार का वह तेज सिरा या किनारा जिससे कोई चीज काटते हैं।---धार----धार----दारदार---धार----धार (पाण्याची), प्रवाहधार (हत्याराची)---धारधार (हथियारनी)---धाराधार---सोंत, धारधार---धारदाढ---धारपदुनु---नीरोट्टम्, दारैकत्तियिन् कूमैयान बागम्---प्रवाहंवायत्तल---धारॆआयुधगळ हरित बायि---
1619धारणास्त्रीलिंग----व्यक्तिगत विचार या विश्वास।----धारना----ख़याल (यक़ीन)----यछ़-पछ़----धारणा, वीचारु----समजूत, कल्पना, धारणा----धारणा, कल्पना----धारणा, प्रतीति----मत, धारणा----धारणा----नम्मकमु----अबिप्पिरायम्----धारण----अभिप्राय---
1620धारास्त्रीलिंगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग--धारा, अखंड प्रवाह;किसी नियम, नियमावली, विधान आदि का वह स्वतंत्र अंश जिसमें किसी एक विषय से संबंध रखने वाली सब बातों का एक अनुच्छेद में उल्लेख होता है, दफा (सैक्शन);निरंतर चलनेवाला क्रम।--धारा----धारदफ़ातसल्सुल--दारदफालगातार सिलसिलु॑--धारकलमु, धारा---धार, ओह अखंड प्रवाहकलमसतत--धाराकलम, लेखणहार-वृष्टि--धाराधाराक्रम, धारा, प्रवाह--धाराधारा, दफा---धारा----धारपरिच्छेदमुप्रवाहमु--दारै, नीरोट्टम्सट्टत्तिन् पिरिवुइडैविडाद निगळ्चि, पिरवाहन--धार, प्रवाहंसॆक्शन्, वकुप्पुतुटर्च्च--धारॆप्रकरणपरंपरॆ--
1621धारावाहीविशेषणविशेषण---अविच्छिन्न क्रम या गतिवाला;जो क्रमश: खंडो के रूप में बराबर कई अंशों अथवा अंकों में प्रकाशित होता रहे।---धारावाहीकिस्तवार---मुसल्सल (सिल्सिलावार)सिलसिलावार---लगातारसिलसिलु॑वार---सिलसिलेवारक्रमश:---प्रवाही, चालूचालुं---धारावाही----धारावाहीधारावाहिक---लानि-निछिङाधाराबाहिक---धाराबाही----धारावाहिकमयिनधारावाहिकमयिन---इडैविडाद नडक्किर॒तॊडर्न्दु वॆळिवरुगिर॒---अविच्छिन्नमाय, तुटर्च्चयायतुटर्प्रसिद्धीकरणं---धारावाहिधारावाहियागि प्रकटवागुव---
1622धिक्कारपुंलिंग----भर्त्सना, लानत।----धिरकार----लाऩत----लानथ----धिकारु----धिक्कार, निर्भत्सना----धिक्कार----धिक्कार, भर्त्सना----धिक्कार, भर्त्सना----धिक्कार, भर्त्सना----तिरस्कारमु----निन्दनै, कंडित्तल्----भर्त्सन, शकारं----धिक्कार----
1623धीमाविशेषणविशेषण---कम वेगवाला, मंद;निस्तेज, तीव्रता या प्रचंडता से रहित (प्रकाश आदि)।---हौलानिम्मा---धीमा (मद्धम)हलक़ा---कम रफतारकम-गाशुर---ढिलोझको---मंद, धीमानिस्तेज---धीमुंफीकुं---मन्थर, धीरमन्द, क्षीण---कम गतिशीलधिमिक-धामाक---मंथर, मंद----नेम्मदिगवेलुगु लेनि---मॆदुवान, वेगमट॒ट॒मंगलान---मंदंमङ्ङिय---मॆल्लनं, मंदमंदवाद---
1624धीरविशेषणविशेषण---जो शांत स्वभाववाला हो, अविचल;दृढ़, अटल, दृढ़-प्रतिज्ञ।---धीरा----बुर्दबारसाबिर (साबितकदम)---बॊरुतबारगं॑बीर---धीरु, धीरजवानुअटलु---धीराचा, धैर्यवान, अविचलदृढ़, अटळ---धीरदृढ़---धीर, अविचलअटळ---धीर-स्थिरदृढ़, अटळ---धीर----धीरुडुधीरुडु---अमैदियानदिडमनदुडैय---शान्तन्धीरनाय---धीरदृढ़---
1625धीरेक्रिया विशेषणक्रिया विशेषण---धीमी या मंद गति से, आहिस्ता;नीचे या हल्के स्वर में।---निम्मा----आहिस्ता----वारु॑-वारु॑वारु॑-वारु॑---आहिस्ते----सावकाश, आस्तेहळूच---धीरेहळवे---धीरे, आस्ते----धीरे, लाहे-लाहिलाहे लाहे---धीरे----नेम्मदिगनेम्मदिग---मॆळ्ळ्तणिन्द कुरलिल्---सावधानत्तिल्, पय्यॆपतुक्कॆ---मॆल्लगॆ, निधानवागिअडिगंटलल्लि---
1626धुंधलाविशेषणविशेषणविशेषण--धुंध से भरा हुआ;धुएँ की तरह का, कुछ-कुछ काला;मंद, फीका।--धुंदलां----धुंदला----वुनलि वोलसॊप गाशसॊप गाश--धुंधिलो----अंधुक, अस्पष्टधुरकटमंद, फिका--धूंधलुंधुरकाटमंद, धीमुं--धुन्धुकारधोंयाटेधूमिल--धूलिमयधोंवा कोंवाशेंता, निस्तेज--अस्पष्ट, कुहुड़ियाजालुजालुआ---मसकगानुन्नमसकगानुन्नमसकगानुन्न--मंगलानपुगै पोन्र॒नॆळिविल्लाद--मड्.डि.यपुकञ्ञमंदमाय, शोभयिल्लात्त--हिम तुबिदमसुकादमंकाद--
1627धुआंपुंलिंग----जलती हुई चीजों से निकलने वाला वायवीय पदार्थ जो कुछ कालापन लिए होता है (स्मोक)।----धूआ----धुवाँ----दु॑ह----दूंहों----धूर----धूम्र, धुमाडो----धुँया, धोंया----धोंवा----धूंआ----पोग----पुगै----पुक, धूमं----हॊग़ॆ----
1628धुनस्त्रीलिंगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग--प्रबल इच्छा, मन की तरंग;सनक, झक;गाने या बजाने का विशिष्ट ढंग (ट्यून)।--धुन----धुन----कलप॑रिशदुन--धुनि----प्रबळ इच्छासनक, नाद, छंदधुन, सुरावट--धूनतीरसूरनो गुंजारव--प्रबल इच्छा, मनेर आवेगखेयाल, झोंकसुर्--इच्छा, आकांक्षाप्रबृत्तिसुर--प्रबल इच्छाझुंकस्वर--दीक्षव्यसनमुरागमु--तीविर विरुप्पम्वॆरि॒मॆट्टु--इच्छकिरु॒क्कॅरागं, मट्टॅ--आसक्ति, गीळुहुच्चु, मरुलुमट्टु--
1629धुननासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---धुनकी से रूई साफ करना ताकि उसके बिनौले अलग हो जाएं;खूब मारना-पीटना।---पिंजणा----धुनना----दोनुनचेटुन---पिञणुडा॒ढी मार डि॒यणु---पिंजणेंवधारवुं---पीजवुं----धोना, धुनाइ कराथोलाइ---मार पीट करमार पीट कर---मिणिबा----दूदि एकुटबादुट---पंजु अडिक्कनन्गु पुडैक्क---कटयुक (पंञि)वल्लातॆ अटिच्चुमारु॒क---ऎक्कुवुदुबडियुवुदु---
1630धुरंधरविशेषण----किसी विषय में औरों से बहुत बढ़ा-चढ़ा, प्रवीण।----धुरंदर----माहिरे कामिल (अफ़्ज़ल)----गाटुल----माहिरु----धुरंधर, प्रवीण----धुरंधर----धुरन्धर----प्रवीण----धुरंधर, प्रवीण----धुरंधरुडु----निपुणरान----धुरंधरन्, प्रवीणन्----धुरीण----
1631धुरीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---लकड़ी या लोहे का वह छड़ या डंडा जो पहियों की गरारी के बीचोबीच रहता है और जिसके सहारे पहिया चारों ओर घूमता है, अक्ष;मूल आधार।---धुरा----धुरी (मह्वर)----ऒहॊकगॅड़---सराईमूलु आधारु---कणा, अक्ष, धुरामूळ-आधार---धरीमूळ आधार---धुर, अक्षदण्डमूल आधार---धुरामूल, भेटि---अख----इरुसुआधारमु---अच्चु, इरुशुमुक्किय आदारम्---अच्चुतंडु, अक्षंमूलाधारं---अच्चुमूलाधार---
1632धूम-धामस्त्रीलिंग----उत्साह तथा उल्लास से युक्त होनेवाला ऐसा आयोजन जिसमें खूब चहल-पहल और ठाठ-बाट हो।----धुमधाम----धूमधाम (तुमतराक़), ज़ोरोशोर----दुमदाम----धूमधाम----धाम-धूम----धूमधाम----धुमधाम----लरा ढपरा----धूमधाम----वैभवमु----आडंबरम्, विमरिशै----कोलाहलं----वॆडगु, विजृभ्मणॆ----
1633धूम्र-पानपुंलिंग----तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट आदि पीना।----सिगड़त बीड़ी पीणा----तम्बाकूनोशी----तमोक चॊन----तमाक नोशी, तमाक छिकणु----धूम्रपान----धूम्रपान----धूमपान----धूमपान----धूमपान----पोगत्रागुट----पुगै पिडित्तल्----पुकवलि, धूमपानं----धूम्रपान----
1634धृष्टतास्त्रीलिंग----ढिठाई, दुस्साहस।----ढिठाई, ढीठता----गुस्ताख़ी (बेहयाई)----बेहया॑यी----निठुर, निर्लजु----धृष्टता, धीटपणा, दुस्साहस----धृष्टता----धृष्टता----धृष्टता----धृष्टता----पोगरु----अदिगप् पिरसिंगित्तनम्----धार्ष्ट्यं साहसं----निर्ल्ज्जतन, उद्घटतन----
1635धैर्यपुंलिंग----अनुद्विग्नता, अविकलता, धीरज, सब्र।----धीरज----सब्र----सबु॑र----धीरजु----धैर्य, धीर----धैर्य----धैर्य----धैर्य----धैर्ज्य----धैर्यमु, ओपिक----पॊरु॒मै, मनउरु॒दि----क्षम, समाधानं----ताळ्मॆ, निधान----
1636धोखापुंलिंगपुंलिंग---छल, कपट;भ्रम, भ्रांति।---धोखा----धोका----दोखु॑, छ़लब्रम---दोखो----फसवणूक, कपट, दगागफलत, भ्रांति---धोखो दगोगफलत, भ्रांति---धोंका, कपटधोका, भ्रम---छलभ्राति, भ्रम---धोखा, धोकाभ्रांति---मोसमुभ्रम, भ्रांति---एमाट॒ट॒मबिरमै, मनक्कुऴप्पम्---चतितॆट॒टि॒द्धारण---मोसभ्रांति---
1637धोनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---जल या किसी तरल पदार्थ के प्रयोग से साफ करना;दूर करना, मिटाना।---धोणा----धोना----छलुनदूर करुन---धुअणु----धुणेंदूर करणें---धोवुंदूर करवुं---धोयामेटानो---धोदूर कर, नोहोवा कर---धोइबादूर करिबा---कडुगुट, कडिगिवेयुटकडुगुट, कडिगिवेयुट---अलंब, तुवैक्कनीक्क---कऴुकुककळुकिक्कळयुक---ऒगॆयुवुदु, तॊळॆयुवुदुअळिसुवुदु---
1638धोंकनासकारात्मक क्रिया----आग दहकाने के लिए धोंकनी, पंखे आदि की सहायता से जोर की हवा करना।----फूकणा----धौकना----दमुन----धंवणु----भाता फुंकणें----फूंक मारवी---------बिचि दि जुइ जला----बिंचिबा (आग-सुलगाने को)----विसुरुट----तुरुत्तियाल, काट॒ट॒डिक्क----उल ऊतुक----तिदियॊत्तुवुदु----
1639ध्यानपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--अंत:करण में उपस्थित करने की क्रिया या भाव, मनोयोग, अवधान;सोच-विचार, मनन;चित्त या मन को पूरी तरह एकाग्र और स्थिर करने की क्रिया या भाव।--धिआन----मुराक़बाख़याल (फ़िक्र)तवज्जोह--द्यानद्यानद्यान--ध्यानु----लक्ष, अवधान, ध्यानचिंतन-मननध्यान, एकाग्रता--ध्यानचिंतन मननध्यान, एकाग्रता--ध्यान, मनोयोगमनन, चिंतनध्यान, अवधान--ध्यानमननध्यान--ध्यानमुमनन---ध्यानमुआलोचनध्यानमु--गवनम्योचित्तल्, चिन्तनैगवनम्--श्रद्धमननंध्यानं--ध्यानचिंतनॆएकाग्रतॆ, ध्यान--
1640ध्येयपुंलिंग----उद्देश्य----उद्देश----मक़्सूद----मकसद----मक्सदु, उद्देश्यु----उद्देश्य---------उद्देश्य----उद्देश्य---------उद्देश्यमु, लक्ष्यमु----कुरि॒क्कोळ्----उद्देशं----गुरि----
1641ध्रुवविशेषणविशेषणपुंलिंगपुंलिंग-अचल, अटल, दृढ़, पक्का।स्थायी, नित्य, शाश्वत।पृत्वी के दोनों नुकीले सिरे (भूगोल);एक प्रसिद्ध तारा जो सदा उत्तरी ध्रुव के ठीक ऊपर रहता है।-धुरू----साबित (साकिन)दांइमी (दवामी)कुत्बक़ुत्ब ळम्-पकु॑पकु॑-दुव, कुतुब-अचलु, अटलुकाइमुकुतुबुध्रुव (तारो)-अटळ, दृढ़, ध्रुवस्थायी, नित्य, शाश्वतध्रुव (पृथ्वीची दोन टोके)ध्रुव (तारा)-ध्रुव, स्थिरस्थायी, नित्य, शाश्वतध्रुव (पृथ्वीना बे खूणा)ध्रुव तारो-ध्रुव, अटलस्थायी, शाश्वतमेरुध्रुव तारा-अचल, स्थिरस्थायी, नित्यमेरुध्रुव तारा-ध्रुव, अटळस्थायी, नित्यपोलध्रुव तारा-स्थिरमयिनस्थिरमयिनध्रुवमुध्रुवतार-अशैयादनिलैयानबूमियिन् इरु दुरुवंगळ्दुरुव नक्षत्तिरम्-दृढ़, स्थिरंस्थायि, शाश्वतंध्रुवंध्रुवनक्षत्रं-दृढशाश्वतध्रुवध्रुव-
1642ध्वजपुंलिंगपुंलिंग---झंडा, पताका;चिह्न, प्रतीक।---धुजा----पर्चमनिशान (अ़लामत)---जंडु॑निशानु॑---झंडोनिशानु---झेंडा, पताका, ध्वजचिह्न, प्रतीक---ध्वजचिह्न---ध्वजा, झाण्डाचिह्न---पताका, निचानचिन, प्रतीक---ध्वज, पताकाचिह्न---ध्वजमु, जेंडा, पताकचिह्नमु, गुर्तु---कॊड़िअ़डैयाळम्---ध्वजं, कॊटिचिह्नं, अटयाळम्---बाउटचिह्नॆ---
1643ध्वजारोहणपुंलिंग----झंडा फहराने की क्रिया।----झंडा लहराउणा----पर्चमकुशाई----जंडु लॅहरावुन----झंडो फहिराइणु, झंडे जी सलामी----ध्वजारोहण----ध्वजारोहण----पताका उत्तोलन----पताकात्तोलन----ध्वजा-उत्तेळन----ध्वजारोहामु----कॊडियेट॒ट॒म्----ध्वजारोहणं, कॊडियेट॒ट॒म्----ध्वजारोहण----
1644ध्वनिस्त्रीलिंगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग--आवाज़, शब्द;बाजे आदि बजने से उत्पन्न होने वाला शब्द;(काव्य में), व्यंग्य, व्यंग्यार्थ।--धुनी----आवाज़ (सौत)आवाज़ (सदा)तंज़--आवाज़आवाज़---आवाज़्रु, ध्वनीआवाज़्रु, ध्वनीकाव्य जी गुझी माना--आवाज, शब्द, ध्वनिवाद्यनादकाव्यांत व्यंग्यार्थ ध्वन्यार्थ--ध्वनिबाद्यवादनकाव्यमां व्यंग्यार्थ के ध्वन्यार्थ--ध्वनि, शब्द-ध्वन्यार्थ--ध्वनिशब्द, गुंजनव्यंग्य--ध्वनि, शब्दबाद्य शब्दव्यंग्य--ध्वनि, चप्पुडुध्वनि, चुप्पुडुघ्वनि--ऒलिवाद्दिय ऒलिप्पुमरै॒ पॊरुळ्--ध्वनिनादं, ध्वनिव्यंग्यं, ध्वनि (काव्यत्तिल्)--शब्दनादध्वनि--
1645नंगाविशेषणविशेषणविशेषण--जो कोई कपड़ा न पहने हो;जिस पर कोई आवरण या आलंकारिक वस्तु न हो;निर्लज्ज, बेशर्म, दुष्ट, पाजी।--नंगा----नंगानंगा (बेपर्दा)नंगा--न्यथु॑ नॊन, नंगय, नंगु॑न्यथु नॊनबॆशरु॑म--नंगो उधाड़ोउधाड़ोबेशर्मु--नागवाउधडानिर्लज्ज--नागुं, उधाडुंउधाडोबेशरम--उलड्.ग, नेड्.टानिरालंकारनिर्लज्ज, पाजी, बेहया--नड.ठाउदंनिर्लज्ज--लंगळा----नग्नमयिन दिसिमोलनग्नमयिन, दिसिमोलसिग्गुलेनि--अम्मणमानमूडप्पडादवॆट्कमिल्लाद--नग्नमायतुर॒न्ननाणं कॆट्ट--बॆत्तळॆनिरावणनाचिकॆगेडि--
1646नकदपुंलिंगविशेषणक्रिया विशेषण--नोटों, सिक्कों आदि के रूप में खड़ा धन जो देन आदि के बदले में तुरंत दिया या चुकाया जाए, उधार का विपर्याय।जिसका मूल्य रुपए पैसे के रूप में तुरंत चुकाया जाए।तुरंत दिए हुए रुपए के रूप में।--नकद----नक़्दनक़्दनक़्द--नकु॑दनकु॑दनकु॑द--नकद, रोकिड़ो----रोख रक्कम, नकदनकद, रोखनकद--नगदरोकड़ानगद--नगदनगदनगद--नगदनगदनगद कै--नगद----रोक्कमु, नगदुरोक्कमु, नगदुरोक्कमु, नगदु--रॊक्कप्पणम्रॊक्कमागरॊक्कमाग--रॊक्कंरॊक्कंरॊक्कं--रॊक्क दुड्डु, हणनगदुनगदु--
1647नकदीस्त्रीलिंग----रुपया-पैसा जो तैयार या नोटों, सिक्कों आदि के रूप में सामने हो, खड़ा धन।----नकदी----नक़्दी----नकु॑दी----नकदी, रोकड़ि----रोकड, नकदी----रोकड नाणुं----नगदी----जमा टका----नगदी----रोक्कमु, नगदु----रॊक्कप्पणम्----रॊक्क पणं----नगदु हण----
1648नकलस्त्रीलिंगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग--किसी को कुछ काम करते हुए देखकर उसी के अनुसार करने की क्रिया या भाव, अनुकरण;परीक्षा में, एक परीक्षार्थी का दूसरे द्वारा लिखे हुए उत्तर को अपनी उत्तर पुस्तिका में उतार लेना;किसी कृति, चित्र लेख आदि की ज्यों की त्यों तैयार की हुई प्रतिलिपि, अनुलिपि।--नकल----नक़्ल----नकु॑लनकु॑लनकु॑ल--नकुलु----अनुकरण, नक्कलनक्कल, कॉपीनक्कल, प्रतिलिपि--नकलनकलप्रतिलिपि--नकल, अनुकरणनकल, टुकाटुकिनकल, प्रतिलिपि--अनुकरणनकलप्रतिलिपि--नकल, अनुकरणकपि करिबाप्रतिलिपि--अनुकरण, नकलुकापी चेयुटप्रतिलिपि, नकलु--विगडम्काप्पि अडित्तल्नगल् पिरदि, पडि--अनुकरणंकोप्पियटिक्कल्पकर्प्पु--अनुकरणॆकापिमाडुवुदुप्रतिरूप, नकलु--
1649नक्काशीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---धातु, पत्थर आदि पर खोद कर बेल-बूटे बनाने का काम या कला;उक्त प्रकार से बनाए गए बेल-बूटे आदि।---नकाशी----नक़्क़ाशी----नका॑शीनका॑शी---नकाशी----नक्षीकामनक्षी---नकशीनकशीकाम कोतरकाम---नकाशीनकशा---भास्कर्यधातु आदित, खोदित कारुकार्य---उत्रवोदन कळा----नगिषि चेक्कडमुलुनगिषि चेक्कडमुलु---नकासु वेळैनकासु वेळै---पूवेळ कॊत्तुपणिकॊत्तिय पूक्कळ्---कॆत्तनॆ कॆलसकॆत्तनॆ---
1650नक्शापुंलिंगपुंलिंग---रेखाओं आदि द्वारा किसी वस्तु की अंकित की हुई वह आकृति जो उस वस्तु के स्वरूप का सामान्य परिचय कराती है, मानचित्र;रूपरेखा, खाका।---नक्शा----नक़्शा----नकशिनकशि---नक्शो----नकाशारुपरेखा, आराखडा---नकशोरूपरेखा---नकशानकशा---मानचित्रआकृति, रूपरेखा---नक्शा----पटमु, बोम्बपटमु, बोम्ब---वरै पडम्उरुव पडम्---भूपटंस्कॆच, रूपरेख---रेखाचित्रकरडु---
1651नक्षत्रपुंलिंगपुंलिंग---तारा;चंद्रमा के पथ में पड़ने वाले 27 तारों का समूह।---नछत्तर----सितारामनाज़िले क़मर (मंज़िल)---तारुख,नॆछतुर---नक्षत्रु, तारोनक्षत्रु---तारा, नक्षत्रचंद्राच्या मार्गांत पडणारे 27 नक्षत्रांचा समूह---नक्षत्रचन्द्रमां नामार्गमां आवतो नक्षत्रो समूह---नक्षत्र, तारानक्षत्र---तरा----नक्षत्र, तारा----नक्षत्रमु, चुक्कनक्षत्रमु, चुक्क---नक्षत्तिरम्, विण्मीन्नक्षत्तिरक्कूट्टम्---नक्षत्रंनक्षत्रं---नक्षत्रनक्षत्र मंडल---
1652नख-शिखपुंलिंग----पैर के नाखून से लेकर सिर के बालों तक के सब अंग, शरीर के अंग-प्रत्यंग।----नख-शिख, सिर-पैर----सरापा----कलु॑-नलु॑----नंहं खां चोटी (सरीर जा सभु अंग)----नखशिखान्त----नखशीख----आपाद-मस्तक---------आपाद मस्तक----नखशिखपर्यन्तमु आपाद मस्तकमु----उच्चि मुदल् उळ्ळंगाल् वरैयुळ्ळ उरु॒प्पुगळ्----नख-शिखान्तं, पादादिकेशं----नखशिखांत----
1653नगपुंलिंगपुंलिंग---नगीना, मणि;अदद या संख्यासूचक एक शब्द।---नगनग---नगीनाअ़दद---नगीनु॑नग---नगु, मण्योनंगु, अददु---रत्नसंख्यावाचक शब्द, नग---नंगसंख्यावाचक शब्द---मणि, रत्नअदद---मूरर परा भरिलैके शरीरर अंग समूहसंख्या---सापर मणि, रत्न----मणिउरुवु---रत्तिनम्, मणिऎण्णै कुरि॒क्कुम शॊल्---रत्नंऎण्णं---रत्नसंख्यॆ---
1654नगरपुंलिंग----मनुष्यों की वह बस्ती जो गांवों कस्बों आदि से बहुत बड़ी हो, शहर।----नगर----शह्र (बलद)----शहर, न॑गु॑र----नगरु, शहरु----शहर, नगर----नगर----नगर, शहर----चहर----नगर----नगरमु, पट्टणमु----नगरम्----नगरं----पट्टण----
1655नगरपालिकास्त्रीलिंग----आधुनिक नगर वयवस्था में नगरवासियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की वह संस्था जो नगर के स्वास्थ्य, जल, नल, रोशनी आदि का प्रबंध करती है (म्युंसिपलिटी)।----नगरपालका----बल्दिया (मियोनिसपिलटी)----म्यूनिसपलटी----मयूनिस्पालटी, नगरपालिका----नगरपालिका----नगरपालिका, शहेरनी सुधराई----पौर सभा----नगरपालिका----नगरपाळिका----पुरपालकसंघमु, म्युनिसिपालिटी----नगराट्चि----मुनिसिपालिटि॒ट॒----नगरपालिकॆ----
1656नगाड़ापुंलिंग----डुगडुगी की तरह का चमड़ा मढ़ा हुआ एक प्रकार का वाद्य यंत्र, नक्कारा।----नगारा----नक़्क़ारा----नगारु॑----नग़ारो----नगारा----नगारुं, ढोल----नाकारा----नेगेरा----नगारा----नगारा----नगरा----पॆरुम्पर् नगरावु----नगारि----
1657नगीनापुंलिंग----रत्न, मणि, नग।----नगीन----नगीना----नगीनु॑----कीमतु, पथरु, मण्यो----रत्न----नगीनो, रत्न----रत्न, मणि----मणि----मणि, रत्न----मणि----रत्तिनम, मणि----रत्नं, नटुनायकं----रत्न----
1658नग्नविशेषणविशेषण---नंगा;आवरण रहित, अनढका।---नंगा----नंगा (उ़र्यां, बरह्ना)बेपर्दा---नंगु॑नंगु॑---नंगोउघाड़ो---नागवा, नग्नउघडा, अनावृत---नागुं, नग्नउघाडुं---नग्न, उलड्.गनिरावरण, अढाका---नड.ठाआबरणहीन---नग्न, लंगळाआवरणरहित---नग्नमयिनतेरलेनि---अम्मणमानमूडप्पडाद---नग्नंतुर॒न्न---बॆतलॆहॊदिकॆ इल्लद---
1659नज़रबंदविशेषण----वह बंदी जिसकी चेष्टाओं पर नजर रखी जा सके और जो निश्चित स्थान और सीमा के बाहर आ-जा न सके (डेटॅनू)।----नज़रबंद----नज़रबंद----नज़रबंद----नज़रबंदु----स्थानबद्ध कैदी, नजरबंद----नजर केद----नज़रबन्दी----नजरबंदी----नजरबंद----स्वाधीनमु, अदुपु----कावल् कैदि----वीट्टुतटविलुळ्ळ----कण्गावलिनल्लि इडलाद----
1660नटपुंलिंगपुंलिंग---नाटक खेलने वाला, अभिनेता;तरह-तरह के शारिरिक करतब दिखाने वाली एक जाति।---नट----अदाकारनट (बाजीगर)---अदाकारतमाशिगॊर---नटु, अदाकारुनटु, बाज़ीगरु, कलाबाजु---नट, अभिनेताडोंबारी---नटबाजीगर---अभिनेतानट---अभिनेतानट जाति---नट, अभिनेताकेळा---नटुडु, अभिनेतनटुडु, अभिनेत---नडिगर्कऴक्कूत्ताडि---नटन्कूत्ताटि---नटडॊम्बरवनु---
1661नटखटविशेषण----चंचल, ऊधमी, शरारती।----शरारती, नटखट----शरीर (शोख़)----नटखट, शरारती----हर्कती, डिं॒गो----खोडकर----नटखट, खटपटी----छटपटे, चञ्चल----दुष्ट, चंचल----नटखट, चंचल----अल्लरि, चिलिपि----विषमम् शॆय्गिर॒, कुरु॒बुक्कारन्----विकृति----तुंट----
1662नमस्कारपुंलिंगपुंलिंग---झुककर आदरपूर्वक किया गया अभिवादन;अभिवादन सूचक शब्द।---नमसकार----तस्लीम (आदाब)सलाम---नमसकारनमसकार---नमस्कारु----नमस्कारअभिवादन---नमस्कारअभिवादन---नमस्कार----नमस्कारनमस्कार---नमस्कार----नमस्कारमुनमसकारमु---तलै वणंगुदल्वणक्कम्---नमस्कारंनमस्कारं---नमस्कारनमस्कार---
1663नमूनापुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--किसी वस्तु की बहुत-सी इकाइयों में से कोई इकाई जो उस वस्तु का स्वरूप बतलाने के लिए दिखाई जाती है (सेंपल);किसी पदार्थ का कोई ऐसा अंश जो उसके गुण और स्वरूप का परिचय कराने के लिए निकाला गया हो, बानगी (स्पेसिमेन);वह जिसे देखकर उसके अनुसार वैसा ही कुछ और बनाया जाए, प्रतिमान।--नमूना----नमूना----नमूनु॑नमूनु॑नमूनु॑--नमूनो----नमुनाबानगी (स्पेसिमन)आदर्श--नमूनोबानगीआदर्श--नमुनानमुनाआदर्श--नमूनाचानोकिआदर्श, मानदंड--नमुना----नमूना, मादिरि मच्चुमादिरि, मच्चु, नमूनामादिरि, मच़्चु, नमूना--मादिरिमादिरिमादिरि--सांपिळ्, मातृकसांपिळ्मातृक--मादरिनमूनॆपडिकट्टु, निदर्शन--
1664नम्रतास्त्रीलिंग----विनीत होने की अवस्था, गुण या भाव।----निम्मरता----इन्किसार (नर्मी)----नरु॑मी----निहठाई, निउड़त----विनम्रता----नम्रता----नम्रता----नम्रता----नम्रता----विनयमु----पणिवु अडक्कम्----नम्रत, वणक्कं----नम्रतॆ----
1665नयाविशेषण----जो अभी हाल में निकला या बना हो, नवीन, ताज़ा।----नवां----नया----नॊव----नओं----नवे, ताजे----नवुं----नूतन, नवीन----नतुन----नूआ----कोत्त----पुदिय----पुतिय----हॊस----
1666नरपुंलिंग----पुरुष, आदमी, मर्द।----मर्द----नर----नर----पुरुष, नरु----नर---------नर, पुरुष----नर, पुरुष----नर----नरुडु, मातवुडु----मनिदन्, आण----नरन्, मनुष्यन्----मनुष्य, गंडु----
1667नरमविशेषण----कोमल, मृदु, मुलायम।----नरम----नर्म----नरु॑म----नरमु----मऊ, नरम----नरम----नरम, कोमल, मृदु----कोमल----नरम----मेत्तनि----मिरुदुवान, मॆन्मै----मृदुत्वं, मार्धवं----कोमलतॆ----
1668नरमी (नर्मी)स्त्रीलिंग----नरम या नर्म होने की अवस्था, गुण या भाव, मृदुता, कोमलता।----नरमी----नर्मी----नरमी----नर्मी----कोमलता, नरमी----नरमाई----मृदुता, कोमलता----कोमलता----नरमी----मेत्तदनमु, मेतक----मॆन्मैयान, मॆन्मै----मृदुत्वं, मार्धवं----कोमलतॆ----
1669नरेशपुंलिंग----राजा।----राजा----बादशाह----राजु॑----राजा, नरेशु----राजा, नरेश----नरेश----राजा, नरेश----रजा----नरेश, राजा----नरेशुडु, राजु----अरशन्----राजावु, नरेशन्,----राज----
1670नर्तकीस्त्रीलिंग----नाचने का पेशा करने वाली स्त्री, नटी, वेश्या।----नाची----रक़्क़ासा----गतु॑रॆन्य----नाचिणी, नर्तकी----नर्तकी----नर्त्तकी-------------------नर्तकि----आडलऴगि----नर्तकि---------
1671नलपुंलिंगपुंलिंग---ऐसा वर्तुलाकार लंबा खंड या रचना जिसका भीतरी भाग खोखला या पोला हो और जिसके अंदर एक सिरे से दूसरे सिरे तक चीज़ें आती जाती हों (पाइप);जल-कल का वह सिरा जिसमें टोटी लगी होती है और जिसका पेंच दबाने या घुमाने से पानी निकलता है (टेप)।---नलटैप---नल----नल्कु॑, पयिपनलकु॑, नल्य---नड़ोनलु, नलको---नळनळ---नळनळ---नल, पाइपकल---पाइप, नलीटेप---नळ----गोट्टमु, नाळमुकोळाइ---कुऴाय्कुऴाय्---कुऴल्टाप्, पैप्---कॊळवॆनल्लि---
1672नलकूपपुंलिंग----एक विशेष प्रकार का आधुनिक यंत्र जिसके द्वारा सिंचाई के लिए जमीन के अंदर से पानी निकाला जाता है (ट्यूबवेल)।----नलकूप----टियूबवेल----ट्यूबवॆल----बर्मी खूह----नलकूप, टयूबवेल----नलकूपो, ट्यूबवेल----नलकूप, टयूबवेल----नलीनाद----नळकूप----ऊट बावि, ट्यूबवेल----कुऴाय् किणरु॒----कुळल्क्किणर॒----ट्यूबवॆल्----
1673नवविशेषण----नया, नवीन, आधुनिक।----नवां----जदीद (नौ)----नॊव----नओं----नवा, आधुनिक----नव, नवीन----नव, आधुनिक----नतुन, न----नब----कोत्त----पुदिय, नवीन----नवीनमाय, पुतिय----हॊस, आधुनिक----
1674नवनीतपुंलिंग----मक्खन।----मक्खण----मक्खन----थ॑न्य----मखणु----नवनीत, लोणी----नवनीत, माखण----माखन, नवनीत----माखन, नवनीत----नवनीत, लहुणी----नवनीतमु, वेन्न----वॆण्णॆय्----वॆण्ण, नवनीतं----बॆण्णॆ----
1675नवयुवकपुंलिंग----जो अभी हाल में युवक हुआ हो, नौजवान, तरुण।----नौजवान----नौजवान----नवजवान----नौजवानु----नवयुवक----नवयुवक----नवयुवक, तरुण----नवयुवक----नवजुबक----नवयुवकुडु----इळैञन्----युवावु----तरुण----
1676नवीनविशेषणविशेषण---नया, नूतन;जो पहले-पहल या मूलरूप में बना हो, मौलिक।---नवां, नवीन----जदीद----नॊव, नवीनु॑----नओं----नवीन, नूतनमौलिक---नवीन, नवुंमौलिक---नवीन, नूतनमौलिक---नबीन, नतुनमौलिक---नबीन----नवीनमयिन, कोत्तनवीनमयिन, कोत्त---पुदियअसल्---नूतनं, नवीनंआद्यमायिट्टुळ्ळ---हॊस, ईचिनमौलिक---
1677नशाबंदीस्त्रीलिंग----राज्य या समाज द्वारा मादक द्रव्यों के बेचने-खरीदने और पान करने पर पाबंदी लगाना (प्रॉहिबिशन)।----नशाबंदी----नशाबंदी----नशिब॑न्दी----नशेबंदी, शराबबंदी----दारुबंदी----नशाबंधी----मादक वर्णन----मादकद्रव्य निषेध----निशा-निबारण----मद्यनिषेधमु----मदुविलक्कु----मद्यनिरोधनं----मद्यनिषेध----
1678नष्ट-भ्रष्टविशेषणविशेषण---सब तरह से खराब और बरबाद;व्यर्थ और बेकार।---तहस-नहस----तबाहोबरबादज़ाए---बॊरबादफॊज़ूल, ब्यकार---ख़राबु, बर्बादु, नासुबेकारु---नष्ट-भ्रष्ट, विध्वंसव्यर्थ---नष्ट-भ्रष्टव्यर्थ, बेकार---नष्ट-भ्रष्ट, तछनछनष्ट, व्यर्थ---समुलंचू नष्टअकामिला---नष्ट-भ्रष्ट----नशिंचि कृशिंचिनव्यर्थमयिन---नाशमान, अऴिन्दुविट्टवीणान---नशिच्चउपयोगशून्यं---ध्वंस, भग्ननिष्प्रयोजन---
1679नसस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---शरीर के अंदर का तंतु-जाल, स्नायु, तंत्रिका;रक्तवाहिनी नली या नाड़ी।---नसनस---रग, नस----ना॑रना॑र---नस----स्नायु, नसरक्तवाहिनी शीर किंवा नाडी---नसरग---स्नायुशिरा, नाडि---स्नायुरग---स्नायुनाड़ी---नरमुनाडि---नरंबुरत्तक्कुऴाय्, दमनि---ञरंपुरक्तक्कुऴल्---नर, स्नायुरक्तनाळ---
1680नसबंदीस्त्रीलिंग----शल्य-क्रिया द्वारा पुरुष की जननेन्द्रिय के वीर्य-प्रवाह के मार्ग को अवरुद्ध कर देने की क्रिया ताकि वह प्रजनन कार्य में अक्षम हो जाए।----नसबंदी----नसबंदी----नसब॑न्दी----नसबंदी----नसबंदी----नसबंदी----निवीर्यकरण---------नसबंदी----संतान निरोधमु----कुडुंबक्कट्टुप्पाडुक्कान अरु॒वै चिकिच्चै----बन्ध्यंकरणं----नाळबंधन----
1681नसल (नस्ल)स्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---वंश;संतति।---नसल----नस्ल----नसु॑लनसु॑ल---नसुलु----वंश, जातसंतति---नसल, वंशसंतति---वंशसंतति---बंशसंतान---बंशसंतति---वंशमु, कुलमुसंतानमु---वमिशम्, इनम्संददि---इनं, वंशंसंतति---वंश, कुलसंतति---
1682नहानाअकारात्मक क्रिया----शरीर को स्वच्छ करने के लिए जल से धोना, स्नान करना।----नहाउणा----नहाना----श्रानकरुन----सनानु, करणु, विहिंजणु----स्नान करणें----नाहवुं----नाओया, स्नान करा----गाधो----गाधोइबा, स्नान-करिबा----स्नानमुचेयुट----कुळिक्क----कुळिक्कुक----स्नान माडुवुदु----
1683नागपुंलिंगपुंलिंग---सर्प, सांप;काले रंग का, बड़ा और फन वाला सांप, करैत।---नाग----सांपनाग (अफ़्ई)---सरुफसरुफ---नांगु----साप, सर्पनाग---नाग, सापनाग---नाग, सर्प----सापफेटि साप---नाग----सर्पमु, पामुनागुबामु---पांबुकरु नागम्---नागं, पांपुकरिमूर्खन्---हावुकरिनागर---
1684नागरिकविशेषणविशेषणपुंलिंग--नगर में रहने वाला, नगर से संबंधित;असैनिक (सिविल)।किसी राज्य में जन्म लेने वाला वह व्यक्ति जिसे उस राज्य में रहने, नौकरी करने, संपत्ति रखने आदि के अधिकार प्राप्त होते हैं (सिटीज़न)।--नागरिकनागरिक---शह्री-शह्री--शाहरुक, शहरीसिवलशहरी--शहरवासी, नगरवासीग़ैर फ़ौजीनगरवासी, नागरिकु--नागरिकअसैनिक (सिव्हिल)नागरिक--नागरिकमुलकीनागरिक--नागरिक, शहुरेअसामरिकनागरिक--चहरीयाअसैनिकनागरिक--नागरिकअसैनिक---नागरिकुडुसिविलपौरुडु--नगर वाशिकुडिमुरैयान, सिविल् (राणुव चार्बट॒ट॒)कुड़िमगन्--नगरवासिसिविल्पौरन्--नागरिकअसैनिकनागरिक--
1685नागिनस्त्रीलिंग----नाग (सर्प) की मादा।----नागण----नागन----सर्यपॆन्य, गुनस----नांगिणि----नागीण----नागण----नागिनी----माइकी साप----नागुणी----आडपामु----पॆण् पांबु----पॆण्पाम्पु----हॆण्णु हावु----
1686नाचनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करने के लिए पैरों को थिरकाना, अंगों को हिलाना-डुलाना;संगीत के स्वर में ताल-स्वर के अनुसार हाव-भाव पूर्ण चेष्टाएं करना।---नच्चणा----नाचना----नच़ुननच़ुन---नचणु----नाचणेंनाचणें---नाचवुंनाचवुं---नाचा----नाचि बागि उठनृत्य कर---नाचिबा----नाट्यमुचेयुट नाट्यमाडुटनाट्यमुचेयुट नाट्यमाडुट---नाट्टियमाडनडनमाडुदल्---तुळ्ळुकआटुक, नृत्तं वय्क्कुक---कुणिदाडुवुदुनर्तिसुवुदु---
1687नाटकपुंलिंगपुंलिंग---दृश्य काव्य (ड्रामा);दिखावटी कार्य।---नाटक----ड्रामानाटक---पा॑थु॑र, नाटुख, ड्रामापा॑थुर---नाटकु----नाटकढोंग---नाटकढोंग---नाटक----नाटकदेखुवाबलै करा कार्य---नाटक----नाटकमुनाटकमु---नाडगयम्पाशांगु---नाटकंप्रहसनं---नाटकवेष, नाटक---
1688नातापुंलिंग----संबंध, रिश्ता।----साकाचारी, नाता----नाता----रिशतु॑----नातो, रिश्तो----नातें, संबंध----नातो, संबंध----संबंध, कुटुम्बिता----संबंध----संबंध----संबंधमु----उर॒वु----बन्धं----संबंध, नॆटंस्तिकॆ----
1689नाथपुंलिंगपुंलिंगस्त्रीलिंग--प्रभु, स्वामी, अधिपति;विवाहिता स्त्री का पति।ऊंटों, बैलों आदि को वश में रखने के लिए नथनों में डाली जाने वाली रस्सी।--नाथ-नत्त्थ--मालिकख़ाविंदनकेल--मा॑लिखरून, खानु॑दारनॊकु॑र--नाथु, स्वामीपति, घोटुढगे॒ या उठ जे नक जी नोड़ी--प्रभु, स्वामी, नाथपतिदोरी, वेसण--नाथपतिनथ--नाथ, प्रभुपति, स्वामीनाकेर दड़ि--गराकीपति, स्वामी, गिरियेकनाकी--नाथ, प्रभुपतिलोथ, (नथ)--नाथुडु, प्रभुवुनाथुडु, भर्तपग्गुमु, मुक्कुताडु--ऎजमानन्, अदिपदिकणवन्मूक्कणांकयिरु॒--नाथन्पति, भर्त्तावुमूक्कुकयरु॒--प्रभुगंडमूगुदार--
1690नादानविशेषण----अकुशल या अनाडी।----अंजाणा, निआणा, नदान----नादान----नादान, बेकु॑ल----नादानु----मूर्ख, अडाणी, नादान----नादान, अणसमजु----आपटु, आनाड़ि----बुद्धिहीन----अनाड़ी----अमायकुडु----कपडमट॒ट॒----प्रावीण्यमिल्लात्त----दड्ड----
1691नाप-तोलस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---कोई चीज़ नापने या तौलने की क्रिया या भाव, नाप-जोख;नाप या तौल कर स्थिर की गई मात्रा या परिमाण, माप और वजन।---नापतोल----नापतौल----मींच़-तोलमींच़-तोल---माप-तोर----माप, जोखमाप अणि वजन---मापवुं के जोखवुं तेमाप अने वजन---माप जोख----जोखओजन---माप तउल----कोलत-तूकमुकोलत तूकमु---अळत्तल, निरुत्तल्अळवु, निरै॒---अळक्कल्अळवु, तूक्कवुं अळवुं---अळतॆ, तूकअळतॆ, तूक---
1692नापनासकारात्मक क्रिया----लंबाई, चौड़ाई, गहराई ऊँचाई, परिमाण, मात्रा आदि का ठीक ज्ञान प्राप्त करना, मापना।----नापना----नापना----मापुन----मापणु----मापणें----मापवुं----मापा----जोख----मापिबा, नापिबा----कोलुचुट----अळक्क----अळक्कुक----अळतॆ माडुवुदु----
1693नामपुंलिंगपुंलिंग---वह शब्द जिससे किसी वस्तु, व्यक्ति आदि का बोध हो या उसे पुकारा जाए (नेम);ख्याति, प्रसिद्धि, यश, कीर्त्ति प्रतिष्ठा।---नां, नाम----नाम----नावनाव-इसु॑म---नालो----नांवनावलौकिक, कीर्त्ति---नाम, संज्ञाकीर्त्ति---नामख्याति---नामकीर्त्ति यश, नाम---नाम----पेरुपेरु---पॆयर्कीर्त्ति, पुगऴ्---पेरु, नामंप्रसिद्धि, पेरु---हॆसरुकीर्त्ति---
1694नामकरणपुंलिंगपुंलिंग---किसी का नाम रखने या किसी को नाम देने की क्रिया या भाव;एक संस्कार जिसमें विधिवत् पूजा-पाठ करके बच्चे का नाम रखा जाता है।---नामकरन----तस्मियाअ़क़ीक़ा---सॅन्दरश्रान सॅन्दर---नाले रखण जी रस्मछठी---नामकरणबारसं---नामकरणनामकरण---नामकरण----नामकरणनामकरण संस्कार---नामकरण----नामकरणमुनामकरणमु---पॆयर्-शूट्टल्पॆयर् शूट्टु विऴा---नामकरणं पेरिटल्नामकरण संस्कारं---नामकरणनामकरण---
1695नामेपुंलिंग----लेखा आदि वह खाता, स्तंभ या मद जिसमें किसी पक्ष को दी गई रकम लिखी जाती है, 'जमा' का विपर्याय (डेबिट)।----नावें----दैन----खातु॑----हासुलु खाते----नावें----नामे----खरच----खरच----ड़ेविट, ब्यय, खर्च----खर्चु----वखु-कणक्कु----पेरिल् चॆलवु----देणॆ खातॆ----
1696नायकपुंलिंगपुंलिंग---नेता, मार्गदर्शक;काव्य, नाटक, उपन्यास आदि का प्रधान पात्र।---नाइक----रहबर, रहनुमाहीरो---नायुक, हीरोनायुक, हीरो---नाइकु, नेतानाटक, उपन्यास वग़ैरह जो मुख्य पात्रु---नेता, मार्गदर्शक, नायकनायक---नायकनायक---नेतानायक---पथप्रदर्शक, नेतानायक---नायक----नायकुडुनायकुडु---तलैवर्, वऴिकाट्टितलैवन्---नतावुनायकन्---मुखंडनायक---
1697नायिकास्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---स्त्रीनेता, वीरांगना, अभिनेत्री;काव्य, नाटक, कहानी, उपन्यास आदि का मुख्य स्त्रीपात्र।---नाइका----हीरोइन----नायिकॆन्य, हीरोयिन----नाइका, वीर स्त्री----वीरांगना, अभिनेत्री, नायिकानायिका---नायिकानायिका---नायिका, नेत्री----नायिका, बीरांगनानायिका---नायिका----नायिकनायिक---तलौवि, नडिगैतलैवि---नायिकनायिक---नांयकि, अभिनेत्रिनायिका---
1698नारापुंलिंग----किसी दल, समुदाय आदि की तीव्र अनुभूति और इच्छा का सूचक कोई पद या वाक्य जो लोगों को आकृष्ट करने के लिए उच्च स्वर से बोला जाए, (स्लोगन)।----नाह्रा----ऩारा----नारु॑----नारो----घोष----सूत्र, नारो----स्लोग्यान्----ध्वनि, जयगीत, श्लोगन----श्लोगन----प्रबोधगीति प्रचार-गीतमु----गोषं, कोरिक्कै मुऴक्कम्----मुद्रावाक्यं----घोषणॆ, जयजयकार----
1699नाराज़विशेषण----अप्रसन्न, रुष्ट।----नराज़----नाराज़ (नाख़ुश)----नाराज़----नाराजु----नाराज, रुष्ट----नाराज----अप्रसन्न, असन्तुष्ट----रुष्ट----नाराज़ रुष्ट, अप्रसन्न----कोपमुवच्चिन----कॊपमडैन्द----पिणड्.डि.य, क्रुद्धन्----कोपगॊण्ड----
1700नारीस्त्रीलिंग----स्त्री, औरत।----नारी----औ़रत----ज़न्य, ज़नानु॑----नारी----स्त्री, नारी, बाई----नारी, स्त्री----नारी, स्त्री----नारी----नारी, स्त्री----स्त्री, नारि----मगळिर्, स्तिरी----स्त्री, नारि----हॆगंसु----
1701नालापुंलिंग----वह गहरा तथा लंबा कृत्रिम जल-मार्ग जो नहर आदि की अपेक्षा कम चौड़ा होता है तथा जिसमें बरसाती, गंदा या फालतू पानी वह कर किसी नदी आदि में जा गिरता है।----नाला----नाला----नालु॑----नालो, बडी॒ नाली----नाला----नाळुं----नाला----खावै, नर्दमा----नाळ----कालुव----वाय्क्काल्----ओट, कान, चॆरि॒य तोटु----कालुवॆ----
1702नावस्त्रीलिंग----नदी से पार उतरने की एक प्रसिद्ध सवारी, नौका, किश्ती।----बेड़ी----कश्ती----नाव----बे॒ड़ी----नौका, नाव----नाव, नौका----नौका----नाओ----नाब----पडव, नाव----पडगु----तोणि----दोणि----
1703नाविकपुंलिंग----वह जो नौका खेता हो, मांझी, मल्लाह।----मलाह----मल्लाह----हां॑ज़, मलु॑----मलाहु----नाविक, नावाडी----नाविक, वहाणवटी----नाविक, माझी----नाविक, नावरीया----नाबिक----नाविकुडु----पडगोट्टि----वंचिक्कारन्----नाविक----
1704नाशपुंलिंगपुंलिंग---रचनाओं के टूट-फूट कर ध्वस्त होने की क्रिया या भाव, ध्वंस, विध्वंस;अपव्यय, बरबादी।---नास----बरबादी (नास)तज़ई़---नाशनाश---नासुनासु---नाश, विध्वंसअपव्यय, नुकसान---नाश, पायामालीनुकसान---नाश, ध्वंसअपव्यय, नाश---नाशअपव्यय---ध्वंस----नाशनमुनाशनमु---अऴिवुनाशम्---नाशंपाऴाक्कल्---विनाशअपव्यय---
1705नास्तिकपुंलिंग----ईश्वर, परलोक, मत-मतांतरों आदि को न मानने वाला।----नासतिक----मुल्हिद (दह्रिया)----नासत्यख, लादीन----नास्तिकु----नास्तिक----नास्तिक----नास्तिक----नास्तिक----नास्तिक----नास्तिकुडु----नास्तिगन्----नास्तिकन्----नास्तिक----
1706निंदास्त्रीलिंग----दूसरों के समक्ष किसी के दोषों, बुराइयों आदि का वर्णन।----निंदिआ----मज़म्मत (बुराई)----ओज़रुनगांज़रुन, नॆन्यद्या----निंदा----निंदा----निंदा, बदगोई----निंदा----निंदा----निंदा----निंद----निन्दनै इगऴच्चि----निन्द----निंदॆ----
1707नि:शुल्कविशेषण----जिस पर कोई शुल्क या कर न लगता हो।----मुफ़त, बिना फीस, बिना टैक्स----बिला मह्सूल----फीसु॑ वरा॑य----बिना फ़ी----मोफत, फुकट, नि:शुल्क----मफत, नि:शुल्क----नि:शुल्क----नि:शुल्क----नि:शुल्क माहाळिआ----उचितमु----कट्टणमिल्लाद, इलवशमान----फीसिल्लातॆ, सौजन्यं----शुल्करहिंत, शुल्कविल्लद----
1708नि:संतानविशेषण----संतान-रहित।----बेउलाद----लावलद----हाँठ॑, शुर्य वराय----बेऔलादु----नि:संतान----नि:संतान----नि:संतान----नि:संतान, संतानहीन----नि:संतान, समपि, पाख----निस्संतु----मक्कट् पेरि॒ल्लाद----संतानमिल्लात्त----संतानरहित----
1709निकटक्रिया विशेषण----समय या स्थान की दृष्टि से पास ही में, समीप।----नेड़े----क़रीब----न॑ज़्यदीख----वेझो----जवळ, समीप, निकट----निकट----निकटे, काछे----समीप, ओचार----निकट----दग्गर----अरुगे, किट्ट----ऒटुत्तु----हत्तिर----
1710निकम्माविशेषणविशेषण---जो कोई काम न करता हो, बेकार;जो किसी काम में आने योग्य न हो।---निकम्मा----नाकारा----निकमु॑नाबु॑कार---निकमो----बेकारनिरुपयोगी---नकामोनकामुं---अकर्मण्य, अपदार्थअकेजो---निष्कर्माअकर्मण्य---निकमा, अकर्मण्य----पनिपाटलेनि, पनिकिमालिनएंदुकु पनिकिरानि---उदवादवीणान---पणियॊन्नु चॆयात्तउपयोगशून्यं---कॆलसक्कॆ बारद, सोमारिप्रयोजनविल्लद---
1711निकलनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया---भीतर से बाहर आना;उदित होना।---निक्लणा----निकलना----खसुन, नेरुननेरुन---निकिरणु----निघणेंउगवणें---नीकळवुंउदय थवो---बेरानोओठा---ओलाइ आहउदय ह---निकिलिबा, बाहारिबाउदित हेबा---वयटकु बच्चुटउदयिंचुट---वॆळिवरउदिक्क---पुर॒त्तु वरिकउदिक्कुक---हॊरडुवुदुउदयवागुवुदु---
1712निकासीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---निकलने या निकालने की क्रिया, ढंग या भाव;दुकान में रखे हुए अथवा कारखानों आदि में तैयार होने वाले माल का बिकना, खपत, बिक्री।---निकासी----निकासी----नेरनु॑च वथबिकरी---नेकालु----प्रस्थानबिक्री, खप---निकासीखपत, वेचाण---बाहिर कराकाटति, बिक्री---बहिष्कारबिक्री---निस्कासन, निकासबिक्रि---बहिष्कणामु, विडुदलअम्मकमु---वॆळियेट॒टुदळ्विर्पनै---पुर॒त्तु वरल्, पुर॒त्ताक्कल्विल्पन---हॊरगॆ बरुवुदुमाराट---
1713निकृष्ठविशेषण----खराब, बुरा, निम्न, घटिया।----नखिद्ध----ख़राब----नाकारु॑----नीचु, घटि ज़ाति----निकृष्ट----निकृष्ठ, ऊधम----निकृष्ट, अधम----निष्कृष्ट----निकृठष्ट, अधम----निकृष्टमयिन----कॆट्ट, मट्टमान----निकृष्टं----नीच----
1714निखट्टूविशेषणविशेषण---(व्यक्ति) जो कुछ भी न कमाता हो;आल्सी, बेकार।---निखट्टू----निखट्टू----बॆहबालबॆकार, आलछ़य---निकमो, न कमाईंदड़ुआलसी---निरुद्योगीआळशी, बेकार---रखडेलआलसु---निष्कर्मा, बेकारआलसे---निष्कर्मा, उपार्जनहीननिष्कर्मा, एलेहुवा---निकमाबेकार, अळसुआ---पनिकिमालिनसोमरिपोतु---ऒन्रु॒म् संबादिक्कादशोंबेरि---संपादिक्कान् कॊळ्ळात्तमुळुमटियन्---मैगळ्ळसोमारि---
1715निगलनासकारात्मक क्रिया----काई ठोस चीज बिना चबाए ही गले के नीचे उतार लेना।----निगलना----निगलना----न्यंगु॑लुन----गी॒हणु----गिळणें----गळवुं----गेला----गिल----गिळिबा----मिंगुट----विळंग----विळुंड्.ङुक----नुंगुवुदु----
1716निग्रहपुंलिंग----बंधन, रोक आदि के द्वारा किसी क्रिया, वस्तु या व्यक्ति को स्वतंत्र आचरण न करने देना, अवरोध, रोक।----रोक----बंदिश----ज़बुथ, कंट्रोल----संयमु, ज़ाब्तो----निग्रह, अवरोध----निग्रह, अटकाव----निग्रह----निग्रह, दमन----निग्रह----आटंकमु निर्बंधन----तडुत्तल, अडक्कुदल्----निग्रहं, अटक्कल्----निग्रह----
1717निचोड़पुंलिंगपुंलिंग---वह अंश या रस जो मलने, मरोड़ने या दबाने पर निकले, सत्व;सारांश।---निचोड़----निचोड़----सार, निचोडमॅखसर---निचोड़ु----सार, सत्त्वसारांश---निचोडसारांश---सत्वसार---रससार-अंश---चुपुड़ा रससारांश---सारमुसारांशमु---पिळिन्दॆडुत्त शारुशुरुक्कमान करुत्तु---रसं, चारु॒सारांशं---रससारांश---
1718निचोड़नासकारात्मक क्रिया----गीली या रसदार वस्तु से उसका तरल अंश निकालने के लिए उसे ऐंठना, घुमाना, दबाना या मरोड़ना।----निचोड़ना----निचोड़ना----चीरुन----निचोड़णु, निपूड़णु (कपिड़ो वग़ैरह)----पिळणें----निचोववुं----निङड़ानो----शोह, चेप----चुपुड़िबा----पिंडुट----पिऴिय----पिऴियुक----हिंडुवुदु----
1719निडरविशेषणविशेषण---निर्भय, निर्भीक;साहसी।---निडर----बेबाक (निडर)----बेखोफह्यमती---निडरु, बेडपो----निर्भय, निडरसाहसी---नीडर----निर्भय, निर्भीकसाहसी---निर्भयसाहसी---निर्भय, निड़रुआ----भयमुलेनिधैर्यमुगलवाडु---अंजाद, बयमट॒ट॒दैरियमान---निर्भयन्धैर्यशीलन्---अंजिकॆ इल्लद, निर्भयसाहसि---
1720नितांतविशेषणविशेषण---बहुत अधिक;बिल्कुल पूर्ण, सम्पूर्ण।---बिलकुल, असलों----निहायततमाम---स्यठामुकमल---तमाम धणोबिलकुल---नितांत, फार अधिकनितांत, सर्वथा---नितांत, खूबसंपूर्ण---नितान्त----अति बेयिसंपूर्ण---नितान्त----मिक्किलिसर्वथा---मिग अदिगमानमुट॒टि॒लुम्, मुऴदुम्---वळरेंयधिकंपूर्णमाय---बहळतीर, संपूर्ण---
1721निथारनासकारात्मक क्रिया----कोई तरल पदार्थ इस प्रकार स्थिर करना कि उसमें घुली हुई वस्तु या मैल तल में बैठ जाए (डिकेन्टेशन)।----नितारना----निथारना----चकिस बॆहनावुन----आछिराइणु, आठिराइणु----निथळणें----नितारवुं----थितानो----निगरा----निथर, थिर-रखिबा----तेर्युट----तॆळिय वैत्तु वडिक्क----ऊटटित्तॆळिक्कुक----तिळिवग्गिसुवुदु----
1722निदानपुंलिंगपुंलिंग---मूल कारण;चिकित्सा शास्त्र में रोग की पहचान द्वारा रोग के कारणों का निश्चय (डाइगनोसिस)।---निदान----इ़ल्लते ग़ाईतश्ख़ीस---वजहतशखीस---कारणुबीमारीअ जी शिनाख़्त---निदान, कारणरोगाचे निदान---निदान, मूळ कारणरोगनु निदान---निदान, मूलकारण----उत्स, मूलकारण----निदान----मूलकारणमुरोग-निर्धारण---अडिप्पडै कारणम्----मूल कारणं----मूलकारणरोग निदान, रोग निरुपणॆ---
1723निद्रास्त्रीलिंग----नींद (स्लीप)।----नींद----नींद----न्यन्दु॑र----निंड----झोप, निद्रा----निद्रा, ऊँघ----निद्रा----टोपनि----निद्रा, नींद----निद्र----तूक्कम्----उर॒क्कं, निद्र----निद्दॆ----
1724निधनपुंलिंग----मृत्यु, देहावसान।----मौत----इंतिक़ाल----मरुन----देहांतु, मौतु----निधन, मृत्यु----निधन, मरण----मृत्यु----मृत्यु, स्वर्गबास----निधन, स्वर्गबास, मृत्यु----निधनमु, मृत्युवु----मरणम्, शावु----मरणं----सावु, मृत्यु----
1725निधिपुंलिंग----किसी विशेष कार्य के लिए अलग रखा या जमा किया हुआ धन (फंड)।----पूंजी----फ़ंड (रक़म)----संच़्यथ, खज़ानु॑----धनु, निधि----कोष, निधि----निधि, खजानो----निधि----कोष, निधि----निधि----निधि----निदि, पॊक्किषम्----फण्डु, निधि----निधि----
1726निपटनाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रियाअकारात्मक क्रिया--पूरा होना, संपन्न होना;निवृत होना;लेन-देन, झगड़े, विवाद आदि का निपटारा होना।--निब्बड़ना----निमटना----अन्द वातुनमॅकलुन---निबिरणु, पूरो थियणुवांदो, थियणुफ़ैसिल थियणु--पुरे होणें, संपन्न होणेंनिवृत्त होणेंनिर्णय होणें--नीपटवुंनिवृत्त थवुंपतवुं--पुरो हओयामिटा, चोकानिष्पत्ति हओया--पूर्ण हनिबृत हनितपत्ति ह--संपन्न हेबापूरा हेबा, संपन्न हेबा---मुगियुटनिवृत्तुडगुटपरिष्कारमु--निरै॒वु पॆर॒ओय्वु पॆर॒कॊडुक्कल् वांगल्--पूर्णमाकुकऒऴियुकतीरुमानं वरुत्तुक--मुगियुवुदुनिवृत्तनागुवुदुतीर्मानवागुवुदु--
1727निपटानासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---कार्य आदि पूर्ण या संपादित करना;विवाद या झगड़े को समाप्त करना।---निबेड़ना----निमटाना----म्वकलावुनकथ च़टुन्य---निबेरणु, पूरो करणुनिबेरणु, फैसिलो करणु---आवरणे, संपाविणें, कार्य संपविणेंविवाद वा झगडा समाप्त करणें---निपटाववुंपताववुं---काज सारा----संपादित करभीमांसा कर---संपादन करिबाभीमांसा करिबा---मुगिंचुटपरिष्करिंचुट---वेलैयै मुडिक्कशॆडैयै तीर्क्क---कार्यं नेटुकवऴक्कु अवसानिप्पिक्कुक---पूरैसुवुदुतिर्मानिसुवुदु---
1728निपुणविशेषण----दक्ष, प्रवीण, कुशल।----निपुंन----माहिर----मा॑हिर----माहिरु, भड़ु----दक्ष, निपुण----निपुण----निपुर्ण, दक्ष----निपुण----निपुण, दख्य, कुशळ----निपुणुडु----कैतेर्न्द----निपुणन्, कुशलन्----निपुण----
1729निबंधपुंलिंग----वह विचारपूर्ण विवरणात्मक और विस्तृत लेख जिसमें सब अंगों का मौलिक और स्वतंत्र रूप से विवेचन किया गया हो (एस्से)।----लेख, निबंध----मज़्मून----मज़मून, लेख----मज़्मूनु----निबंध----निबंध----निबन्ध----निबंध----प्रबंध----व्यासमु----कट्टुरै----उपन्यासं----प्रबंध----
1730निबाहनासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---निर्वाह करना, निभाना;(दायित्व, प्रतिज्ञा आदि का) पालन करना, पूरा करना।---निभाउणा----निबाहना (निभाना)----गुज़ारु॑ करुनवादु॑ पूरु॑ करुन---निबाहिणु----निर्वाह करणेंपूर्ण करणें---निभाववुंपूरुं करवुं---निर्वाह करापालन करा---निर्बाह करपूरा कर---निबाहिबा, निर्बाह करिबापाळन किरिबा, पूरा करिबा---निर्वहिंचुटनिर्वहिंचिंट---निर्वहिक्कपॊरु॒प्पै/वाक्कै/निरै॒वेट॒ट॒---निर्वाहिक्कुकपालिक्कुक, पूर्त्तियाक्कुक---निर्वाह माडुवुदु, निभायिसुवुदुपूरॆसुवुदु---
1731निभानासकारात्मक क्रियासकारात्मक क्रिया---उत्तरदायित्व, कार्य, वचन आदि को पूरा करना;व्यक्ति अथवा स्थिति के अनुरूप अपने आपको ढाल कर समय बिताना।---निभाउणा----निभाना----निबावुन----निबाहिणु----उत्तरदायित्व पूर्ण करणेंनिभावणें---निभाववुंनभाववुं---निर्वाह करा----कथा राख, दायित्व पूरा करखाप खा---निर्भाइबा, वचन पूरा करिबा----निर्वहिंचुटभरायिंचुट---पॊरु॒प्पै निरैवट॒ट॒समाळित्तुक्कॊळ्ळ---चुमतल पूर्तियाक्कुकशोभिक्कुक---पूरैसुवुदुनिर्वाहमाडुवुदु---
1732निमंत्रणपुंलिंग----किसी को किसी शुभ अवसर पर आदरपूर्वक बुलाने की क्रिया या भाव।----सद्दा----द़ावत----साल करुन, सालस-वनुन----नोतो, नींड, दावत----निमंत्रण----निमंत्रण, नोतरुं----निमन्त्रण----निमंत्रण----निमंत्रण----आह्वानमु----अऴैप्पु----क्षणं----आमंत्रण, आह्वान, कर----
1733नियंत्रणपुंलिंगपुंलिंग---मनमानी रोकने के लिए बंधन लगाना, नियम आदि द्वारा रोकना;व्यापारिक क्षेत्र में, शासन द्वारा किसी वस्तु के मूल्य और वितरण को नियमित और सुनिश्चित करना (कंट्रोल)।---कंट्रोल----बंदिशकंट्रोल---कंट्रोल, ज़बु॑थकंट्रोल---ज़ाब्तोकन्ट्रोलु---नियंत्रणनियंत्रण---नियंत्रणअंकुश, नियंत्रण---नियन्त्रण----नियंत्रणनियंत्रण---नियंत्रण----नियंत्रणकंट्रोलु---कट्टुप्पाडुविलैक्कट्टुप्पाडु---नियंत्रणंनियंत्रणं---निबंधनॆनियंत्रण---
1734नियमपुंलिंग----मनमानी रोकने के लिए लगाए गए बंधन।----नेम, नियम----कानून (ज़ाबिता)----कोनून----नियमु, काइदो----नियम----नियम----नियम----नियम----नियम----नियममु----शट्टम----नियमं, चट्टं----नियम----
1735निरंकुशविशेषणविशेषण---जिस पर किसी प्रकार का नियंत्रण न हो;स्वेच्छापूर्वक मनमानी अथवा अत्याचार करने वाला।---लुंडा----मुत्लकुलइ़नान----बॆगंड, बेकोबूबॆगंड---बेरोकुछुड़वागु॒---अनियंत्रित, निरंकुशस्वेच्छाचारी---निरंकुशस्वच्छंदी---निरंकुशस्वेच्छाचारी---अनियंत्रितस्वेच्छाचारी---निरंकुश----निरंकुशमुनिरंकुशमु---कट्टुप्पाडट॒ट॒तान्तोन्रियान---निरंकुशमायस्वेच्छाप्रभुवाय---निरंकुशस्वेच्छाचारि---
1736निरंतरविशेषण----अंतर-रहित, लगातार।----लगातार, निरंतर----मुतवातिर----लगातार----लगा॒तार----निरंतर, सतत----निरंतर----निरन्तर----लानिनिछिङा----निरंतर----निरंतरमु, एडतेगकुण्ड----इडैविडादु----निरंतरं, तुटरॆ----ऒन्दॆसमनॆ यावागलू----
1737निरस्त्रीकरणपुंलिंग----आधुनिक राजनीति में, परस्पर युद्ध की संभावना कम करने के लिए देश का सैनिक बल कम करना (डिस आर्मामेंट)।----निरसतरीकरन----तकें अस्लिहा----सिलाह तरु॑क करुन----निहथियारबंदी----निरस्त्रीकरण----निरस्त्रीकरण----निरस्त्रीकरण----निरत्रीकरण----निरस्त्रीकरण----निरस्त्रीकरणमु----आयुंदगळै ऒळित्तल्----निरायुधीकरणं----नि:शस्त्रीकरण----
1738निराविशेषणविशेषण---विशुद्ध;केवल, सिर्फ, एक मात्र।---निरा----ख़ालिस----छराहछराह---निरो, निजुरुगो॒---विशुद्धकेवळ, एकमात्र---विशुद्धएकमात्र---विशुद्धकेवल, शुधु---विशुद्धकेवल, एक मात्र---विशुद्धकेबळ, एक-मात्र---शुद्धमयिनकेवलमु, वट्टि---शुद्दमान, असल्वॆरु॒म, तनियान्---शुद्धमायवॆरुं॒---शुद्ध, अप्पटकेवल, मात्र---
1739निराकरणपुंलिंगपुंलिंग---दूर करना या हटाना;आपत्ति आदि का तर्कपूर्वक खंडन, निवारण या परिहार करना।---रद्दणा----इज़ालातरदीद---दूरकरुनवॅपाय---निवारणुखंडनु---निवारण, निरसनखंडन, निवारण---निराकरणखंडन, निवारण---निराकरणनिवारण---निराकरणप्रत्याख्यान---निराकरण----निराकरणमुनिराकरणमु---अगट॒ट॒ल्कारणम् कूरि॒ ऒदुक्कुदल्---निराकरणंखण्डनं---दूर माडुवुदुनिराकरणमाडुवुदु---
1740निराकारविशेषणपुंलिंग---जिसका कोई आकार न हो, स्वरूप रहित।ब्रह्म।---निराकार----गैरमुजस्समब्रह्म---न्यराकार----निराकारु----निराकारब्रह्म---निराकारब्रह्म---निराकार----निराकार----निराकार----निराकारमयिननिराकारुडु---उरुवमट॒ट॒कडबुळ्---निराकारन्ब्रह्मं---निराकारब्रह्म---
1741निराधारविशेषण----जिसका कोई आधार न हो, आधारहीन;----निराधार----बेबुनियाद----अपुज़---------मिथ्या----प्रमाण रहित----निराधार----निराधार----निराधार----निराधारमु----आदारमट॒ट॒----अटिस्थानरहितं----निराधार----
1742निरामिषविशेषणविशेषण---जिसमें मांस न मिला हो;(व्यक्ति) जो मांस (अंडा, मछली आदि) न खाता हो।---वैशनों----ग़ैरलह्मीसब्ज़ीख़ोर---वशनववशनव---वेश्नू (खाधो) वैष्णव (खाधो)वेश्नू (माण्हूं) वैष्णव---निरामिष, शाकाहारशाकाहारी---निरामिषअन्नाहारी---निरामिष----निरामिषनिरामिष भोजी---निरामिष----मांसरहितमगु, शाकाहारमुशाकाहारि---मामिसम् शेरादमामिस उणवु उण्णाद---मांसं चेरात्तसस्यभुक्कु---निरामिषसस्याहारि---
1743निराशविशेषण----जिसे आशा न रह गई हो, हताश।----निरास----नाउम्मीद (मायूस)----न्यराश, नावॅमेद----निराशा----निराश----निराश----निराश, हताश----निराश, हताश----निराश----निराशचेंदिन----नंबिक्कै इऴन्द----निराशनाय----निराशॆयाद----
1744निरीक्षकविशेषण----जांच पड़ताल, निरीक्षण आदि करने वाला (इन्सपेक्टर)।----इंसपैक्टर, निरिखिअक----इन्सपेक्टर----इनसपॆकटर----इन्स्पेकटरु----निरीक्षक----निरीक्षक----निरीक्षक----परिदर्शक----निरीक्षक----तनिखीचेयुवाडु, इन्स्पेक्टरु----मेल् पावैंयाळर्, कण् काणिप्पवर्----निरीक्षकन्----इन्स्पॆक्टर, परिशीलक----
1745निरूपणविशेषण----छान-बीन तथा सोच-विचार कर किसी बात या विषय का विवेचन करना।----निरना, निरूपण----तज्ज़िया----सरु॑करुन----समुझाणी, वर्णनु----निरूपण----निरुपण----निरूपण----निरूपण----निरूपण----निरूपण----आराय्न्दु निरूबित्तल्----निरूपणं----निरूपणॆ----
1746निर्जीवविशेषण----प्राणरहित, जड़, अचेतन।----निरजीव----बेजान (जामिद)----मॅरदु॑----निर्जीवु----निर्जीव----निर्जीव----निर्जीव जड़----निर्जीव----निर्जीव----निर्जीवमयिन----उय़िरट॒ट॒----जीवनिल्लात्त----निर्जीव----
1747निर्णयपुंलिंगपुंलिंग---किसी बात या विषय की पूरी जानकारी और छानबीन के बाद स्थिर किया गया मत, निष्कर्ष या परिणाम, फैसला।निश्चय, संकल्प।---निरना----फ़ैस्ला (तस्फ़िया)----फासलु॑फासलु॑---फ़ैसिलो, निर्णय----निर्णयनिश्चय---निर्णय, फैसलोनिश्चय---निर्णयसंकल्प---निर्णयसंकल्प---निर्णय----निर्णयमुनिश्चयमु---तीर्मानम्निच्चदम्---तीरुमानं, विधिनिश्चयं, निर्णयं---निर्णय, तिर्माननिर्धार---
1748निर्दयविशेषण----दया-हीन, कठोर, निष्ठुर।----निरदई----बेरह्म----बेरहम----निर्दयी----निर्दय----निर्दय----निर्दय, कठोर----निर्दय----निर्दय, कठोर----निर्दयुडु, दयलेनिवाडु----इरक्कमट॒ट॒----निर्दयन्, निष्ठुरन्----निर्दयि----
1749निर्देशकपुंलिंग----दिशा बताने, निर्देश करने या निर्देशन करने वाला (डाइरेक्टर)।----डाइरैकटर, निरदेशक----हिदायतकार----ह्यदायथकार----डाइरेक्टरु, हिदायतकारु----निर्देशक----निर्देशक----निर्देशक----परिचालक, अधिकार----निर्देशक----निर्देशकुडु----वळिकाट्टुबवर, इयक्कुनर्----निर्देशकन् डयरेंक्टर॒----निर्देशक----
1750निर्दोषविशेषणविशेषण---जिसमें कोई अवगुण, दोष या बुराई न हो;जिसने कोई अपराध न किया हो, निरपराध।---निरदोष----बेऐ़वबेकुसूर (बेख़ता)---आ॑बु रोसबेकॊसूर---बेऐबुनिर्दोषु, बेडो॒ही---निष्कलंकनिरपराधी, निर्दोष---निर्दोषनिरपराधी, निर्दोष---निर्दोषनिरपराधी---निर्दोषनिरपराधी---निर्दोष----निर्दोषिनिर्दोषि---कुट॒ट॒मट॒ट॒कुट॒ट॒म सॆय्याद---दोषमिल्लात्त, कुट॒ट॒मट॒ट॒निरपराधि---निसकळंकनिरपराध---
1751निर्धनविशेषण----धन-रहित, गरीब।----निरधन----ग़रीब (मुफ़्लिस)----गरीब----निर्धनु, गरीबु----गरीब, निर्धन----निर्धन----निर्धन, दरिद्र----निर्धन----निर्धन----बीदवाडु----एऴै----निर्धनन्----बडव----
1752निर्धारणपुंलिंग----तय या निश्चित करना, दृढ़ धारणा बनाना।----निरना, निरधारन----तअ़य्युन (तश्ख़ीस)----तयकरुन, का॑यिम करुन----फैसिलो----निश्चित करणें----निर्धारण----निर्धारण----निर्धारण----निर्धारण----निर्धारण----तीर्मानित्तल्----निर्धारणं, निश्चयिक्कल्----निश्चियसुवुदु----
1753निर्बलविशेषणविशेषण---(शारीरिक दृष्टि से) बलहीन, कमजोर;जिसे यथेष्ट अधिकार या सत्ता प्राप्त न हो, शक्तिहीन।---लिस्सा, निरबल----कमज़ोर----न्यरबल (हिं) कमज़ोरबेकस---निब॒लुबेअसरु---अशक्त, निर्बलअधिकारहीन, दुबळा---निर्बलदुबळो, अधिकार वगरनो---दुर्बल, क्षीणनिर्बल---दुर्बल, शक्तिहीनअधिकारहीन, अक्षम---निर्बळ, दुर्बळशक्तिहीन, अख्यम---बलहीनुडुनिर्बलुडु---बलमटटबलुवट॒ट॒---बलमिल्लात्तअधिकारमिल्लात्त---अशक्तशक्तिहीन---
1754निर्भरविशेषण----किसी दूसरे पर अवलंबित या आश्रित।----निरभर----मुन्हसिर----अलोन्द, आवेज्रु॑----आश्रित, निर्भर----निर्भर, आश्रित---------निर्भर----निर्भर----निर्भर----आश्रितुडु----अंडियुळ्ळ----आश्रयिच्च----परावलंबि----
1755निर्भीकविशेषण----निर्भर, निडर।----निरभै----बेबाक (बेख़ौफ़)----बॆखोफ----निर्भय, बेडपो----निर्भीक, निडर----निर्भीक, निडर----निर्भीक, निडर----निर्भीक----निर्भीक, निडर----निर्भयुडु----वयमट॒ट॒----निर्भयन्----निर्भीक, धैर्यशालि----
1756निर्मलविशेषणविशेषण---(वस्तु) जिसमें मल या मलिनता न हो, साफ, स्वच्छ;निष्कपट, शुद्ध।---साफ, निरमल----साफ़, शफ़्फ़ाफ़----न्यरमल (हिं.) साफ़शॅद---निर्मलु, साफुनिर्मलु, पवित्रु---निर्मळनिष्कपट, शुद्ध---र्निल, स्वच्छनिष्कपट, शुद्ध---निर्मल, स्वच्छशुद्ध---निर्मलशुद्ध---निर्मळ, स्वच्छनिष्कपट, शुद्ध---निर्मलमयिननिर्मलमयिन---माशट॒ट॒, शुद्दमानकपडमट॒ट॒---स्वच्छं, निर्मलंनिष्कपटं---स्वच्छनिष्कपट---
1757निर्माणपुंलिंग----कोई नई चीज तैयार करना या बनाना, रचना;----रचना, निरमाण----ताम़ीर----ता॑मीर----निर्माणु----निर्माण, रचना----निर्माण, रचना----निर्माण, रचना----निर्माण----निर्माण, रचना----निर्माणमु----कट्टुदल, उण्डाक्कुदल्----निर्माणं----रचनॆ----
1758निर्यातपुंलिंगपुंलिंग---माल बाहर भेजने की क्रिया या भाव;बाहर या विदेशों में भेजा हुआ माल।---बरामद, निरयात----बरामद----बरामदबरामद---रवानिगिबा॒हिरि मोकिल्युलु मालु---निर्यातनिर्यातीचा माल---निकासनिकासनो माल---रप्तानिरप्तानि माल---रप्तानीरप्तानीकृत बस्तु---रफ्तानी----ऍगुमतिऍगुमति---एट॒टुमदिएट॒टुमदि शॆयद पॊरुळ्---कयट॒टुमतिकयट॒टुमतिच्चरक्कु---रफ्तुरफ्तु सरकु---
1759निर्वाचनपुंलिंग----बहुतों में से किसी एक या अधिक को चुनना, चयन।----चोण----इंतिख़ाब----चुनाव, इंतिखाब----चूंड----निवड----चूंटवुं ते----निर्वाचन, चयन----बाछनि----निर्बाचन----ऍन्निक----तेर्न्दॆडुत्तल्----तिरञ्ञॆटुक्कल, तिरञ्ञॆटुप्पु----आयकॆ----
1760निवारणपुंलिंगपुंलिंग---दूर करना, हटाना;रोकथाम, निषेघ, मनाही।---हटाउणा, निवारण----इज़ाला (तदारुक)तदारुक---दूरकरुनमनाह, ठाख---निवारणुरोकणु---निवारणनिषेध, मनाई---निवारण----निवारणनिषेध---निबारणनिषेध---निबारण----निवारणनिषेधमु---अगट॒ट॒ल् अप्पुर॒प्पडुत्तळ्तडुत्तल्---निवारणंतटयल्, निर्त्तिवप्पु---निवारणॆतडॆ---
1761निवेदनपुंलिंगपुंलिंग---नम्रतापूर्वक किसी से कोई बात कहना, प्रार्थना करना;अर्पण, समर्पण।---बेनतीअरपण---इल्तिमासतस्लीम---अरु॑ज़, जा॒रु॑पारु॑अरपन---वेनतीअर्पणु---निवेदनअर्पण, समर्पण---निवेदननिवेदन---निवेदन, प्रार्थनाउत्सर्ग, अर्पण---प्रार्थनाअर्पण---निबेदन----निवेदनमुसमर्पण---विण्णप्पंसमर्पित्तल्---निवेदनंसमर्पणं, निवेदनं---निवेदनॆ, अरिकॆअर्पनॆ---
1762निवेशपुंलिंग----किसी व्यापार, उद्योग आदि में धन या पूंजी लगाने का कार्य तथा इस प्रकार से लगाया हुआ धन, पूंजी आदि (इन्वैस्टमेंट)।----पूंजीलाउणा, निवेश----सरमायाकारी----सरमायि----सीड़प (पूंजीअ जी)----भांडवलाची गुंतवणूक----मूडीनुं रोकाण----नियोग----व्यवसायत लगोवा धन आदि----लगाण-धन----पेट्टुबडि----मुद्लीडु शॆयदल्----मुतलिर॒क्कल, मुतलमुटक्कु----बंडवाळ----
1763निशास्त्रीलिंग----रात्रि, रजनी, रात।----रात----रात----राथ----राति----रात्र, निशा----निशा----रात्रि, निशा----राति----निशा----निश, रात्रि----रात्रिरि, इरवु----रात्रि, निश----रात्रि----
1764निशानपुंलिंगपुंलिंगपुंलिंग--ऐसा चिह्न या लक्षण जिससे कोई चीज पहचानी जाए या जिससे किसी घटना या बात का परिचय, प्रमाण या सूत्र मिलें;दाग, धब्बा;झंडा या पताका जिससे किसी संप्रदाय, राज्य आदि की पहचान होती है।--निशान----निशान----निशानु॑दागजंडु॑--निशानु----खूण, चिन्हडाग, लांछननिशाण, झेंडा, पताका--निशानडाघ, लांछननिशान, झंडो, ध्वज--चिह्न, निशानदागपताका, झण्डा--चिनदागपताका, निचान--निशाण, चिन्हदाग, धब्बापताका-चिन्ह--गुरुतुमरक, मच्चगुरुतु--अडैयाळम्करै, माशुकॊडि--अटयाळंअटयाळं, पाटुचिह्नं--गुरुतुकलॆबाउट--
1765निश्चयपुंलिंग----कोई कार्य करने का अंतिम निर्णय या संकल्प करना।----निशचा----अ़ज़्म----फा॑सलु॑----निश्चय, पको इरादो----निश्चय----निश्चय----निश्चय----निर्णय----निश्चय----निश्चयमु----तीर्मानित्तल्----निश्चयं----तीर्मान----
1766निश्चलविशेषणविशेषण---अविचल, स्थिर;अपरिवर्तनशील।---निशचल----ग़ैरमुतज़ल्ज़लग़ैरमुबद्दल---नहिलु॑वुनन बदलवुन---अचलु, अडो॒लु----स्थिर, निश्चलअपरिवर्तनशली---निश्चल, स्थिरअपरिवर्तनशील---अचलनिश्चल---अबिचलअपरिबर्तनशील---निश्चल----निश्चलमुनिश्चलमु---अशैयाद, निलैयानमारा॒द---स्थिरंमारा॒त्त---दृढकदलद---
1767निश्चितविशेषणविशेषण---(बात या प्रस्ताव) जिसके संबंध में निश्चय हो चुका हो;जो अटल या स्थिर हो।---निश्चित----तै (तैशुदा)यक़ीनी---मुकररन बदलवुन---मुकररु, पको----निश्चितस्थिर---निश्चितस्थिर---निश्चितस्थिर, पाका---निश्चितअटल, स्थिर---निश्चित----निश्चितमुस्थिरमयिन---निच्चयिक्क प्पट्ट तीर्मानिक्कप्पट्टनिलैयान---निश्चितं, तीरुमानिच्चदृढ़ं---निश्चितअल्लाडद---
1768निश्छलविशेषण----(व्यक्ति) छल-कपट से रहित।----निच्छल----सादालौह; (मुख़्लिस)----छलु॑, कपटु, रॊस----निष्कपट----निश्छल, कपट रहित---------अकपट, सरल----निष्कपट, छलनाहीन----निश्छल, निष्कपट, सरळ----सरळचित्तुडु, कल्ल कपटमुलेनि----कपडमट॒ट॒----कपटमिल्लात्त, निष्कपटन्----निष्कपट----
1769निष्कर्षपुंलिंगपुंलिंग---विचार-विमर्श आदि के उपरांत निकलने वाला परिणाम या स्थिर होने वाला सिद्धान्त (कन्कलूज़न);सारांश, निचोड़।---सिट्टा----नतीजाख़ुलासा---मतलबमतलब, निचोड़---नतीजोसारु---निष्कर्षसारांश, तात्पर्य---निष्कर्षसारांश, तात्पर्य---निष्कर्षसार, मर्म---मंतब्यसारांश---निष्कर्ष सारांश, सारसार---निष्कर्षसारांशमु---आराय्नदपिन् ऎडुक्कुम् मुडिवुशुरुक्कमान करुत्तु---निगमनंसारं, निष्कर्षं---निष्कर्षसारांश---
1770निष्कामविशेषणविशेषण---(व्यक्ति) जिसके मन में कामनाएं या वासनाएं न हों, निर्लिप्त;(कार्य) जो बिना किसी प्रकार की कामना के किया जाए।---निशकाम----बेग़रज़----बेलागबेलाग---निष्कामु----निष्काम, निर्लिप्तनिष्काम कर्म---निष्कामनिष्काम कर्म---निष्काम, निरासक्तनिष्काम---निष्कामकामना बासनाहीन---निष्काम----निष्कामुडु, निर्लिप्तुडुनिष्कामकर्म---कामवासनैयट॒ट॒पलनै ऎदिर पारादु सॆय्युम् बेलै---निर्लिप्तन्निष्कामं---अनासक्तनिष्काम---
1771निष्कासनपुंलिंग----किसी को किसी पद, क्षेत्र, स्थान, वर्ग, दल आदि से निकालना, बाहर करना या हटाना।----छेकणा, कड्ढणा----इख़्राज----बरतरफ----नेकाली----हाकलून लावणें, वडतर्फ करणें----बरतरफ करवुं ते----निष्काशन, बहिष्कार----बहिष्कार----निष्कासन----बहिष्कारमु----पदवियिलिरुन्दु अगट॒ट॒ळ्----निष्कासनं पुर॒त्ताक्कल्----नॆगॆदु हाकु----
1772निष्क्रियविशेषणविशेषण---किसी क्रिया, कार्य या व्यापार से रहित, निश्चेष्ट;अकर्मण्य, आलसी।---सक्खणा, किरिआहीनआलसी---ग़ैरफ़आ़ल----बॆकारआलुछ़---सुस्तु, निकमोआलसी---निष्क्रियअकर्मण्य, आळशी---निष्क्रियअकर्मण्य---निष्क्रिय, निश्चेष्टअकर्मण्य---निष्क्रियएलेहुबा---निष्क्रिय----निष्कियुडु, सोमरिसोमरि---शॆयलट॒ट॒, मुयर्चिक्कादशेम्बेरि---निष्क्रियन्मटियन्---निश्चेष्टसोमारि---
1773निष्ठास्त्रीलिंगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग--मन में होनेवाला दृढ़ निश्चय या विश्वास;आस्था, श्रद्धा, भक्ति;ईमानदारी, वफादारी।--निशचा----ए़तिक़ादअ़क़ीदतईमानदारी, वफ़ादारी--यकीन, बरोसु॑अकीदथ, श्रदा एतिमादईमानदारी, वफादारी--विश्वासु, वेसाहुश्रद्धावफ़ादारी--निष्ठाव विश्वासनिष्ठा, श्रद्धाप्रामाणिकपणा, ईमानदारी--निष्ठाश्रद्धाप्रमाणिकता, ईमानदारी--निष्ठा, विश्वासनिष्ठा, श्रद्धासतता, बिश्वस्तता--निष्ठाश्रद्धा-भक्तिबिश्वास--निष्ठा----निष्ठनिष्ठनिष्ठ--निष्टैदिड नंबिक्कैईडुपाटु--दृढ़विश्वासंभक्तिनिष्ठ--निष्ठॆआस्थॆप्रामणिकतॆ, नंबिकॆ--
1774निष्पक्षविशेषणविशेषण---(व्यक्ति) जो किसी पक्ष या दल में सम्मिलित न हो, तटस्थ;पक्षपात-रहित।---निरपक्ख----ग़ैरजानिबदार----नातरफदारनातरफदार---बेतर्फ़दारुपास्ख़ातिरीअ खां परे---तटस्थनिष्पक्ष---निष्पक्षसमदर्शी---तटस्थ, निर्दलीयपक्षपात शून्य---निरपेक्षनिरपेक्ष---निष्पख्यपख्यपातशून्य---इंडेपेंडेंटुपक्षपातमुलेति---पारपक्षमट॒ट॒, नडु निलैयानपारपक्षभट॒ट॒, नडु निलैयान---निष्पक्षन्पक्षपातमिल्लात्त---तटस्थनिष्पक्ष---
1775निष्पादनपुंलिंग----आज्ञा, आदेश, नियम, निश्चय आदि के अनुसार कोई काम ठीक तरह से पूरा करना।----सिरे चाढ़णा----त़ामील----ता॑मीलि, हुकुम, सरंजामी----अमलु, पोइवारी, ठीक नमूने पूरो करण जी हालति----निश्चय व आदेशानुसार काम नीट पुरे करणें----निष्पादन----निष्पादन----निष्पादन----निष्पादन----निर्वहण----वेलै मुडित्तल्----निर्वहणं----पूरैसुविकॆ----
1776निस्पंदविशेषण----जिसमें किसी प्रकार की क्रिया या क्रिया का भाव न हो, स्थिर।----थिर, सथिर----ग़ैरहरकी----बेहरकथ----बेहर्कत----निस्पंद, स्थिर----निस्पंद, स्थिर----निस्पन्द, स्थिर----स्थिर----निस्पंद----चलन रहितमु----तुडिप्पट॒ट॒, अशैयाद----इळकात्त स्थिरं----स्थिर----
1777निस्संदेहविशेषणक्रिया विशेषण---जिसमें संदेह न हो असंदिग्ध।निश्चित रूप से, अवश्य।---निरसंदेह----बेशकबिलाशक, यक़ीनन---बेशकजॊरूर---बेशक----निस्संदेहअवश्य, निश्चितपणें---निस्संदेह----नि:सन्देह, असन्दिग्धअवश्यइ---नि:संदेहनि:संदेहे---निस्सन्देह----निस्संदेहमुगतप्पक---सन्देहमट॒ट॒कट्टायम्---संशयमिल्लात्तसंशयमन्ये---संशयविल्लदखंडित---
1778नींदस्त्रीलिंग----निद्रा।----नींद----नींद----न्यंदु॑र----निंड----निद्रा, झोप----नींद----निद्रा, घुम----निद्रा, टोपनि----निद----निद्र----तूक्कम्----निद्र, उर॒क्कं----निद्दॆ----
1779नींवस्त्रीलिंग----दीवार का जमीन के अंदर का निचला हिस्सा, बुनियाद;----नींह----बुनियाद (बिना)----बुनियाद----बुन्यादु, पीढ़ि----पाया----पायो----भित्ति, बुनियाद----भेंटि----निंअ, भित्ति, मूळदुआ----पुनादि----अडिक्कल्----अस्थिवारं----अस्तिभार----
1780नीचाविशेषणविशेषण---ऊंचाई, अधिकार, पद, मर्यादा आदि की दृष्टि से जो औरों से घटकर हो, छोटा;जो किसी सम धरातल या स्तर से निम्न स्तर पर स्थित हो, निम्न।---नीवां----कमतरनीचा---बॅनबॅन---नंढोहेठाहों---लहाननिम्न---नीचुंहलकुं---छोटो, निचुनिचु, निम्न---सरुनिम्न---नीच्च, नीच, छोटछोट, निम्न---क्रिंदिक्रिंदि---ताऴ्न्दताऴ्न्द---ताऴ्न्नताऴ्न्न---किरियतग्गु---
1781नीचेक्रिया विशेषणक्रिया विशेषण---किसी की तुलना में निम्न धरातल पर;किसी की अधीनता या वश में।---हेठां----नीचेमातहत---तलु॑, बॅनु॑तल---हेठि----खाली, तळाशीआधीन---नीचेहेठळ---नीचे, निम्नेअधीने---तलतअधीनत---नीच रे, त्तळरे अधनिरे, तळरेअधनिरे, तळरे---किंदकिंद---कीऴेपिर॒रुक्कु कीऴप्पडिन्दु---ताऴॆकीळिल्---कॆळगॆअधीनतॆयल्लि---
1782नीतिस्त्रीलिंगस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग--सदाचार, सद्व्यवहार आदि के नियम ढंग या रीतियां;राज्य या शासन की रक्षा और व्यवस्था के लिए स्थिर किए हुए सिद्धान्त (पालिसी);युक्ति, तरकीब, चालाकी।--नीती----अख़्लाक़ीयातपालीसी (हिकमतेअ़मली)तदबीर तरकीब--अखलाकपालु॑सीतरकीब--नीती, रीतीनीति---नीतिराज्यनीति, पॉलिसीयुक्ति, उपाय--नीतिराजनीतियुक्ति, उपाय--नीति, नियमनीतियुक्ति, उपाय--रीति-नीतिसिद्धान्तयुक्ति, उपाय--नीतिनीति, सिद्धान्त, नियम---आचारमु, परिपाटिसिद्धांतमु, पालिसीयुक्ति, उपायमु--नल्लोऴुक्कम्अरशियल् कॊळ्गैसामर्त्तियम्--नीतिनयंतन्त्रं--नीतिराज्यनीतिउपाय--
1783नीलामीस्त्रीलिंग----वस्तुओं की वह सार्वजनिक बिक्री जिसमें सबसे अधिक या बढ़कर दाम लगाने वाले के हाथ वस्तुएं बेची जाती हैं (आक्शन)।----निलामी----नीलामी----लीलाम----नीलामी----लिलाव----लिलाम, हराजी----निलामी----निलाम, लिलाम----निलाम----एलमु----एलम्----लेलं----हराजु----
1784नीहारिकास्त्रीलिंग----रात के समय आकाश में दिखाई पड़ने वाले घने कोहरे की तरह के प्रकाश-पुंज।----कहकशां----कह्कशाँ----तारखमाल, कहकशाँ----धुंधु, नेबूला----तारामंडल----निहारिका----नीहारिका----नीहारिका----नीहारिका, छाया-पथ----पोगमंचु---------नीहारिक----नीहारिक----
1785नुकसानपुंलिंगपुंलिंग---हानि, घाटा;किसी प्रकार होनेवाली खराबी या विकार।---नुकसान----नुक़्सान----नॅकसान, गाटु॑नॅकसान, गाटु॑---नुक्सानु----हानि, नुकसान, तोटानुकसान---नुकसाननुकसान---लोकसानविकार/विकृति---हानिहानि---लोकसान, नोकसानहानि, ख्यति---नष्टमुनष्टमु---नष्टम्तीमै---नष्टंदोषं, कुट॒टं॒---नष्टकॆडकु---
1786नेतापुंलिंगपुंलिंग---नायक;धार्मिक संप्रदाय अथवा राजनैतिक या सामाजिक दल का वह व्यक्ति जो अनुयायी लोगों का मार्ग-दर्शन करे।---लीडर, आगू, नेता----रहनुमा, लीडर----ज़्युठ, लीडर, राहनुमाराहनुमा, वतु॑हावुक---नेता, आग॒वानु----नायक, नेतानेता, पुढारी---नेतानेता---नायकनेता---नेतानेता, गुरियाल---नेता----नायकुडुनायकुडु---तलैवर्मदगुरु अरशियल् वळिकाट्टि---नेतावुनेतावु---यजमानमुखंड---
1787नेतृत्वपुंलिंग----नेता का पद तथा कार्य।----लीडरी, नेतागीरी----रह्नुमाई----रहनुमा॑यी, लीडरी----अग॒वानी----नेतृत्त्व----नेतृत्व----नेतृत्व----नेतृत्व----नेतृत्व----नेतृत्वमु, नायकत्वमु----तलैमै----नेतृत्वं----नायकत्व, यजमानिकॆ----
1788नैतिकविशेषणविशेषण---नीति-संबंधी;नीति-सम्मत।---सदाचारक, नैतिक----अख़्लाक़ी----अखलाकीअखलाकी---नीतीअ सां वास्तेदारुइख्लाक़ी---नीति-संबंधी, नैतिकनीति-मान्य, नैतिक---नैतिक----नैतिकनीति-सम्मत---नैतिकनीतिसन्मत---नैतिकनीति-सम्मत---नीतिकि संबंधिंचिननैतिकमयिन---नीदि (कॊळ्गै) संबन्दमानकॊळ्गैक्कु ऒत्त---नयंसंबन्धिच्चनीतियुक्तं, नैतिकं---नैतिकनीति-सम्मत---
1789नौकरपुंलिंगपुंलिंग---सेवक;कर्मचारी।---नौकर----नौकर----नोकरनोकर---नौकरु----नोकर, गडीकर्मचारी---नोकरकर्मचारी---चाकरकर्मचारी---चाकरकर्मचारी---नौकर, चाकर, सेबक----नौकरुउद्योगि---पणियाळ्अळुवलर्, उद्दियोगस्तन्---भृत्यन्, वेलक्कारन्उद्योगस्थन्---आळु, सेक्कनौकर---
1790नौकरीस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---नौकर बनकर सेवा अथवा कार्य करते रहने की अवस्था या भाव;वह पद या काम जिसके लिए वेतन मिलता हो, रोजगार।---नौकरी----नौकरी----नोकरीनोकरी---नौकरी----नोकरीरोजगार---नोकरी----चाकरीरोजगार---चाकरिआजीविका---नौकरि, चाकेरि----सेव, नौकरिउद्योगमु---पणिउद्दियोगम्---वेलजोलि, तॊऴिल्---कॆलसउद्योग---
1791नौकास्त्रीलिंग----नाव, किश्ती।----बेड़ी, किशती----कश्ती----नाव----बे॒ड़ी----नाव, होडी, नौका----नौका----नौका, डिंगा----नाओ----नौका, डंगा, नाआ----नाव, पडव, नौक----पडगु----तोणि, वळ्ळं----दोणि----
1792पंकजविशेषण, पुंलिंग----कीचड़ से उत्पन्न, कमल।----कमल----कंवल----पंपोश----गप में पैदा थियलु, कमलु----पंकज, कमळ----पंकज, कमळ----पंकज, कमल----पदुम----पंकज, पद्म----पंकजमु, कमलमु----तामरैप्पू----पंकजं----तावरॆ----
1793पंक्तिस्त्रीलिंगस्त्रीलिंग---कतार;छपे हुए अक्षरों की एक सीध में पढ़ने के क्रम से लगी हुई श्रृंखला (लाइन)।---पाल, पंगतपंकती---क़तार (सफ़)सत्र---कतारला॑न---कतारसिट---पंक्ति, रांगओळ---पंक्ति, हारलीटी---पंक्ति, श्रेणीलाइन---श्रेणीशारी---पंक्ति, धाड़ी----पंक्ति, वरुसवरुस, पंक्ति---बरिशैवरि (अच्चडित्त शॊर्कळिन्)---वरि, पंक्ति, पन्तिपंक्ति, वरि---सालुसालु, पंक्ति---
1794पंखपुंलिंग----पक्षियों तथा कुछ जंतुओं का वह अंग जिससे वे उड़ते है, पर।----खंभ, पर----पर----पख----खंभु, परु----पंख----पंख, पांख----डाना----डेउका----पंख, डेणा----रेक्क----इरगु----चिर॒कु----रॆक्कॆ----
1795पंखापुंलिंग----ताड़ अथवा धातु आदि का वह उपकरण जिससे हवा का वेग बढ़ाया जाता हो (फ़ैन)।----पक्खा----पंखा----पंखु॑, वावु॑ज----पंखो (बिहजलीअ वारो); विञिणों (हथ वारो)----पंखा----पंखो, वींजणो----पाखा----बिचनि----पंखा, बिंचणा----विसिनकर्र, फ्यानु----विशिरि----विशरि॒----बीसणिगॆ, फ्यानु----
1796पंचागपुंलिंग----वह पंजी या पुस्तिका जिसमें प्रत्येक मास या वर्ष के तिथियों, वारों, नक्षत्रों, योगों और कारणों का समुचित निरूपण या विवेचन होता हो, जंत्री, पत्रा।----जंत्री, पंचांग----तक़्वीम----नॆछि प॑तु॑र----टिपिणो, जन्त्री----पंचांग----पंचांग, केलेन्डर----पांजि----पंचांग, पत्रा----पांजी----पंचागमु----पंचांगम्----पंचांगं----पंचांग----
1797पंचायतस्त्रीलिंग----गांव या बिरादरी के चुने हुए सदस्यों की सभा जो लोगों के झगड़ों का विचार और निर्णय करती है।----पंचाइत----पंचायत----पंचायथ----पैंचाति पंचायति----पंचायत----पंचायत----पंचायेत----पंचायता----पंचायत----पंचायिति----पंचायत्तु----पंचायत्तु----पंचायिति----
1798पंछीपुंलिंग----पक्षी, परिंदा।----पंछी----परिंदा----जानावार----पखी----पक्षी----पक्षी, पंखी----पक्षी, पाखि----च़राइ----पक्खी, चेड़ेइ, बिंहग----पक्षि, पिट्ट----पखै----पक्षि----हक्कि----
1799पंडितविशेषणपुंलिंग---कुशल, निपुण।शास्त्रों आदि का ज्ञाता; ब्राह्मण।---पंडित----आ़लिम, कामिलपंडित, ब्रह्मण---पंडिथपंडिथ---पंडितु----पंडित, कुशल, निपुणपंडित, विद्वान, ब्राह्मण---पंडितपंडित, विद्वान, ब्राह्मण---पंडित, निपुणब्राह्मण---निपुणपंडित---पंड़ित----पण्डितुडुबाह्मडु---निबुणर्शस्तिर वल्लुनर---पंडितन्आचार्यन्---बुद्धिवंतपंडित---
1800पंथपुंलिंगपुंलिंग---मार्ग, रास्ता;धार्मिक मत या संप्रदाय।---पंधपंथ---मस्लक----वथमथ, वथ---रस्तो, वाटपंधु---मार्ग, रस्ता, पंथधार्मिक मत, संप्रदाय, पंथ---पंथ, मार्गधर्मनो सम्प्रदाय---पथ, रास्तापन्था---रास्ता, आलिमत, पंथा---पथ, बाट, रास्तामत, पथा, (धार्मिक, सांप्रदायिक)---मार्गमु, दारिसम्प्रदायमु---वाऴि, पादैमदप्पिरिवु---वऴिमतप्रस्थानं---दारिमत, संप्रदाय---