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भारना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भारना पु क्रि॰ स॰ [हिं॰ भार]

१. बोझ लादना । भार डालना । बोझना । लादना ।

२. दबाना । भार देना । उ॰—आपुन तरि तरि औरन तारत । असन अचेत पखान प्रगट पानी में बनकर डारत । इहि बिधि उपलै सुतरु पातु ज्यों तदपि सेन अत भारत । बूड़ि न सकत, सेतु, रचना रचि राम प्रताप बिचारत ।—सूर (शब्द॰) ।