भालि
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]भालि ^१ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ भाला का स्त्री अल्पा॰]
१. बरछी । साँग ।
२. शूल । काँटा । उ॰— (क) बापुरी मंजुल अंब की डार सु भालि सी है उर में अरती क्यों । — देव (शब्द॰) । (ख) प्यारे के मरने को मूखँ लोग हृदय में गडी़ हुई भाली मानेत हैं । — लक्ष्मण सिंह (शब्द॰) ।
भालि ^२ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ भाल] दे॰ 'भालू' । उ॰— भालि बीर बाराह हक्की बज्जी चार्वाद्दसि । मुक्कि यान पँचान मिले सूर संमूह धसि ।— पू॰ रा॰, १७ ।२ ।