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भावकोश

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भावकोश संज्ञा पुं॰ [सं॰ भाव + कोश] भावों का क्षेत्र । भावचक्र । मन की गति का वह अंश जहाँ तक भाव जा सकते हैं । उ॰— प्रीति वैर गर्व अभिमान तृष्णा इंद्रियलोलुपता इत्यादि भावकोश ही माने गए हैं । — रस॰, पृ॰ १७० ।