भावयोग
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]भावयोग संज्ञा पुं॰ [सं॰ भाव+योग] वह जिसमें भावों का योग हो । उ॰— कविता क्या है नामक प्रबंध में काव्य को हमने भावयोग कहा है ।—रस॰, पृ॰ ८७ ।
भावयोग संज्ञा पुं॰ [सं॰ भाव+योग] वह जिसमें भावों का योग हो । उ॰— कविता क्या है नामक प्रबंध में काव्य को हमने भावयोग कहा है ।—रस॰, पृ॰ ८७ ।