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भिदुर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भिदुर ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. वज्र । उ॰— अशनि कुलिस पवि भिदुर पुनि वज्र ह्लादिनी आहिं ।—नंददास (शब्द॰) ।

२. भिदना । फटना ।

३. नष्ट होना ।

४. पाकर का पेड़ ।

५. हाथी के पैर का सिक्कड़ ।

भिदुर ^२ वि॰

१. भेदने या छेदनेवाला ।

२. जो आसानी से टूट जाय । तनुक ।

३. मिश्रित । मिला जुला [को॰] ।