भिश्त
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]भिश्त पु † संज्ञा स्त्री॰ [फ़ा॰ विहिश्त] वैकुंठ । स्वर्ग । उ॰— अलख अकल जानै नही जीवल जहन्नम लोय । हरदम हरि जान्या नहीं मिश्त कहाँ ते होय ।—कवीर (शब्द॰) ।
भिश्त पु † संज्ञा स्त्री॰ [फ़ा॰ विहिश्त] वैकुंठ । स्वर्ग । उ॰— अलख अकल जानै नही जीवल जहन्नम लोय । हरदम हरि जान्या नहीं मिश्त कहाँ ते होय ।—कवीर (शब्द॰) ।