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भुजङ्गप्रयात

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भुजंगप्रयात संज्ञा पुं॰ [सं॰ भुजङ्गप्रयात] एक वर्णिक छंद जिसके प्रत्येक चरण में बारह वर्ण होते हैं, जिनमें पहला, चौथा, सातवाँ और दसवाँ वर्ण लघु और शेष गुरु होते है; अथवा प्रत्येक चरण चार यगण का होता है । उ॰—कहूँ शोभना दुंदभी दीह बाजै । कहूँ भीम भकार कर्नाल साजै । कहूँ सुंदरी वेनु बीना बजावैं । कहूँ किन्नरी किन्नरी लय सुनावै ।