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भुजबल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भुजबल संज्ञा पुं॰ [हिं॰ भुज + बल]

१. शालिहोत्र के अनुसार एक भोरी जो घोडे के अगले पैर में ऊपर की ओर होती है । लोगों का विश्वास है कि जिस घोड़े को यह भौंरी होती है, वह अधिक बलवान होता है ।

२. भुजाओं की शक्ति । बहुबल ।*****