भुजबाथ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]भुजबाथ पु संज्ञा पुं॰ [हिं॰ भुज+बाँधन] अँकवार । उ॰— दृग मोचन मृगलोचनी भरेउ उलटि भुजबाथ । जान गई तिय नाथ को हाथ परस ही हाथ । —बिहारी (शब्द॰) ।
भुजबाथ पु संज्ञा पुं॰ [हिं॰ भुज+बाँधन] अँकवार । उ॰— दृग मोचन मृगलोचनी भरेउ उलटि भुजबाथ । जान गई तिय नाथ को हाथ परस ही हाथ । —बिहारी (शब्द॰) ।