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भुनगा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भुनगा संज्ञा पुं॰ [अनु॰] [स्त्री॰ भुनगी]

१. एक छोटा उड़नेवाला कोड़ा जो प्रायः फूलों और फलों में रहता है और शिशिर ऋतु में प्रायः उड़ता रहता है ।

२. कोई उड़नेवाला छोटा कीड़ा । पतिंगा ।

२. बहुत ही तुच्छ या निबल मनुष्य उ॰— बड़ा जरार आदमी है । एक भुनगे के लिये इतने सवारों को लाना पड़ा ।—फिसाना॰, भा॰ ३, पृ॰ १०५ ।