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भूतभैरव

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भूतभैरव संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. भैरव की एक मूर्ति का नाम ।

२. वैद्यक मेँ एक प्रकार का रस । विशेष— यह हरताल और गंधक आदि से बनाया जाता है । इसके सेवन से ज्वर, दाह, वात प्रकोप और कुष्ट आदि का दूर होना माना जाता है ।