भूमिहार
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]भूमिहार संज्ञा पुं॰ [सं॰ भूमिहार] एक जाति जो प्रायः बिहार में और कहीं कहीं संयुक्त प्रात में भी पाई जाती है । विशेष— इस जति के लोग अपने आपको 'बाभन' कहते हैं । इस जाति की उत्पत्ति के संबध में अनेक प्रकार की बातें सुनने में आती है । कुछ लोग कहते हैं कि जब परशुराम ने पृथ्वी को क्षत्रियों से रहित कर दिया था, तब जिन ब्राह्मणों को उन्होंने राज्य का भार सौपा था उन्हीं के वंशधर ये भूमिहार या बाभन है । कुछ लोगों का कहना है कि मगध के राजा जरासंध ने अपने यज्ञ में एक लाख ब्राह्मण बुलाए थे । पर जब इतनी संख्या में ब्राह्मण न मिले, तब उनके एक मंत्री ने छोटी जाति के बहुत से लोगों को यज्ञोंवीत पहनाकर ला खड़ा किया था, और उन्हीं की संतान ये लोग हैं । जो हो, पर इसमें संदेह नहीं कि इस जाति में ब्राह्मणों के यजन याजन आदि कर्मो का नितांत अभाव देखने में आता है और प्रायः क्षत्रियों की अनेक बातों इनमें पाई जाती है । ये लोग दान नहीं लेते और प्रायः खेती बारी या नौकरी करके अपना निर्वाह करते हैं ।