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भूरज

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भूरज पु ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ भूर्ज] भोजपत्र का पेड़ । उ॰— भूरज तर सम संत कृपाला । पर हित नित सह बिपति बिसाला ।— तुलसी (शब्द॰) ।

भूरज ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ भू + रज] पृथ्वी की धूलि । गर्द । मिट्टी । उ॰— भूरज तो जाके सोधि परै बहुतेरे हमैं देखि द्वार भूज्ज के चित्त चित्त चाह है ।—(शब्द॰) ।