भोँगाल
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]भोँगाल संज्ञा पुं॰ [अं॰ व्यूगल] वह बड़ा भोंपा जिसका एक ओर का मुँह बहुत छोटा ओर दूसरी ओर का मुँह बहुत अधिक चौड़ा तथा फैला हुआ होता है । विशेष—इसका छोटे मुंहवाला सिरा जब मुँह के पास रखकर कुछ बोला जाता है, तब उसका शब्द चौड़े मुँह से निकलकर बहुत दूर तक सूनाई देता है इसका व्यवहार प्रायःभीड़ माड़ के समय बहुत ले लोगों को कोई बात सुनाने के लिये होता है ।