भोंवर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]भोंवर ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ भ्रमण]
१. चारों ओर घूमना या चक्कर काटना । घूमरी लेना । परिक्रमा करना । उ॰— जो तोहि पिये सो भाँवर लेई । सीस फिरै पँथ पैग न देई ।— जायसी (शब्द॰) ।
२. हल जोतने के समय एक बार खेत के चारों ओर घूम आना ।
३. अग्नि को वह परिक्रमा जो विवाह के समय वर ओर वधू मिलकर करते हैं । क्रि॰ प्र॰—फिरना ।—लेना ।