भोगिक
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]भोगिक संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. अश्वरक्षक । सारथी । साईस ।
२. गांव या प्रात का शासक । उ॰—प्रांतीय शासकों को भोगिक, भोगपति, गोप्ता, उपरिक, महाराज, राजस्थानीय आदि की उपाधियाँ मिलती थी ।—आदि॰, पृ॰ ४०१ ।