सामग्री पर जाएँ

भोमपलाशी

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

भोमपलाशी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] संपूर्ण जाति की एक संकर रागिनी जिसके गाने का समय २१ दंड से २४ दंड तक है । यह धनाश्री और पूर्वी को मिलाकर वनाई गई है । इसमें गांधार, धैवत और निषाद तीनों स्वर कोमल और बाकी शुत लगते हैं । इसमें पंचम नादी और मध्यम संवादी होता है । कुछ लोग इसे श्रीराम की पुत्रवधू भी मानते हैं ।