भ्रमरावली
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]भ्रमरावली संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]
१. भँवरों की श्रेणी ।
२. एक वृत्त का नाभ जिसे नलिनी या मनहरण भी कहते है । इसके प्रत्येक पाद में पाँच सगण होते हैं । जैसे,—ससि सों सु सखी रघुनंदन को पदना । लखिकै पृलकीं मिथिलापुर की ललना । तिनके सुख में दिश फूल रहीं दश हूँ । पुर मैं नलिनी बिकसीं जनु ओर चहूँ ।—जगन्नाथ (शब्द॰) ।