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मकु

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मकु अव्य॰ [सं॰ म]

१. चाहे । उ॰—(क) तिभिर तरुन तरनिहिं मकु गिलई । गगन मगन मकु मेघहिं मिलई ।— तुलसी (शब्द॰) । (ख) मसक फूँक मकु मेरु उड़ाई । होइ न नृपमद भरतहि भाई ।—तुलसी (शब्द॰) ।

२. बल्कि । वरन् । उ॰—पाउँ छुवइ मकु पावउँ एहि मिस लहरइ देहु ।—जायसी (शब्द॰) ।

३. कदाचित् । क्या जाने । शायद । उ॰—मकु यह खोज होइ निसि आई । तुरइ रोग हरि माँथइ जाई ।—जायसी (शब्द॰) ।