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मढना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मढना ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ मण्डन]

१. आवेष्टित करना । चारों ओर से घेर देना । लपेट लेना । जैसे, तसवीर पर चौखटा मढ़ना, टेबुल पर कपड़ा मढ़ना ।

२. बाजे के मुंह पर बजाने के लिये चमड़ा लगाना । उ॰—(क) कमठ खपर मढ़ि खाल निसान बजावहीं ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) मढ़यौ दमामा जात क्यों सौ चूहे के चाम ।—बिहारी (शब्द॰) । मुहा॰—मढ़ आना=घिर आना (जैसे बादलों का) । उ॰— राति ह्वै आई चले को दसहू दिस मेघ महा मढ़ि आए ।—केशव (शब्द॰) ।

३. बलपूर्वक किसी पर आरोपित करना । किसी के गले लगाना । थोपना । जैसे,—अब तो आप सारा दोष मुझपर ही मढ़ेंगे । संयो॰ क्रि॰—डालना ।—देना ।