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मतना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मतना पु॰ ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ मत + ना (प्रत्य॰)] संमति निश्चित करना । राय कायम करना । उ—विनय करहिं जेते गढ़पती । का जिउ कौन्ह कौन मति मती ।—जायसी (शब्द॰) ।

मतना ^२ क्रि॰ अ॰ [सं॰ मत्त] नशे आदि में चूर होना । मत्त होना । मतवाला होना ।