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मत्तमयूर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मत्तमयूर संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. पंद्रह अक्षरों का एक वृत्त जिसके प्रत्येक चरण में मगण, तगण, यगण, सगण और मगण (/?/) होते हैं । इसका दूसरा नाम माया भी है । जैसे,—कोऊ बोली ता कहँ लै आव सयानी । माया या पै डार, दई री, हम जानी ।

२. मेघ को देखकर उन्मत्त होनेवाला मोर ।

३. मोर को उन्मत्त करनेवाला—मेध ।