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मत्ताकीड़ा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मत्ताकीड़ा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ मत्त + आक्रीड़ा] तेईसं अक्षरों का एक छंद जिसके प्रत्येक चरण में दो मगण, एक तगण, चार नगण और अंत में एक लघु और एक गुरु अक्षर होता है । जैसे,—यों रानी माघो की बानी सुनि कह कस तिय असत कहत री ।