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मत्य

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मत्य संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. हेंगा । सिरावन

२. दाँती या हँसिया की की मूठ ।

३. ज्ञान अर्जन का साधन ।

४. हेंगाने की क्रिया । खेत आदि को हेंगा से समतल करना [को॰] ।