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मध्यचारी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मध्यचारी पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ मध्याचार्य ] वह वेष्णव जो मध्वा- चार्य के मत को मानता हो । उ॰—मध्यानारी होइ तौ तूँ मधुर मत कों बिचारि मधुर मधुर धुनि हृदै मध्य गाइए ।— सुंदर॰ ग्र॰, भा॰ २, पृ॰ ६१२ ।