मध्यमराजा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]मध्यमराजा संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह राजा जो कई परस्पर विरुद्ध राजाओं के मध्य में हो । विशेष—इसमें इतनी शक्ति का होना आवश्यक है कि शांति तथा युद्धकाल में दोनों पक्षों के निग्रह तथा अनुग्रह में समर्थ हो ।