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मध्यमान

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मध्यमान संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक प्रकार का ताल जिसमें ८ हृस्व अथवा ४दीर्घ मात्राएँ होती हैं तथा ३ आघात और १ खाली होता है । इसके तबले के बोल ये हैं—धा धिन ताक् धिन, धा धिन ताक् धिन, धा तिन ताक् तिन, ता धिन ताक् धिन । धा ।