मध्यलोक
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]मध्यलोक संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. पृथ्वी ।
२. जैनों के अनुसार वह मध्यवर्ती लोक जो मेरु पर्वत पर १०००४०योजन की ऊँचाई पर है ।
मध्यलोक संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. पृथ्वी ।
२. जैनों के अनुसार वह मध्यवर्ती लोक जो मेरु पर्वत पर १०००४०योजन की ऊँचाई पर है ।