मनमोहन
विशेषण
[सम्पादित करें]मनमोहन
- जो मन को मोह ले; अत्यंत आकर्षक या मनभावन।
- रूप, व्यवहार या गुणों से मन को आकर्षित करने वाला।
- भगवान कृष्ण का एक विशेषण भी।
उच्चारण
[सम्पादित करें]उदाहरण वाक्य
[सम्पादित करें]- वह बालक अपनी मनमोहन मुस्कान से सबका प्रिय बन गया।
- राधा ने मनमोहन कृष्ण की आराधना की।
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]मनमोहन ^१ वि॰ [हिं॰ मन + मोहन] [वि॰ स्त्री॰ मनमोहनी]
१. मन को मोहनेवाला । मन को लुभानेवाला । चिताकर्षक । मुग्धकारक । उ॰—(क) रूप जगत मनमोहन जेहि पद्यावति नाउँ । कोटि तरब तुहि देहौं आनि करेसि इक ठाउँ ।—जायसी (शब्द॰) । (ख) पटुली कनक की तिही वानक की बनी मन- मोहनी ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ ३७५ ।
२. प्रिय । प्यारा ।
मनमोहन ^२ संज्ञा पुं॰
१. श्रीकृष्णचंद्र का एक नाम । उ॰—मनमोहन खेलत चौगान । द्वारवती कोट कंचन में रच्यो रुचिर मैदान ।—सूर (शब्द॰) ।
२. एक मात्रिक छंद का नाम जिसके प्रत्येक चरण में चौदह मात्राएँ होती हैं, जिनमें से अंतिम मात्राओं का लघु होना आवश्यक है । जैसे,—तुमहि निहोरे खुले करम तुमही भजे पावही धरम ।
३. एक प्रकार का सदाबहार वृक्ष । विशेष—यह वृक्ष बरमा, जावा आदि देशों में होता है । यह सीधा और ऊँचा होता है । इसकी लकड़ी साफ होती है और इसपर रंग खूब खिलता है । इसके फूल बहुत सुगंधित होते हैं जिनसे अतर निकाला जाता है । इस इतर को 'इलंग' कहते हैं और यूरोप में इसको बहुत खपत होती है । इसे अब लोग बंगाल में भी बागों में लगाते हैं । यह बीजों से उगता हैं ।