मनसूर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]मनसूर संज्ञा पुं॰ [अ॰] एक प्रसिद्ध मुसलमान साधु जो सूफी मत का आचार्य माना जाता है । उ॰—रोशन दिलों के बीच भक्ति ज्यों झटा पठा । माखन लिया मनसूर दूर काढ़ दे मठा ।— तुलसी॰ श॰, पृ॰ १४१ । विशेष—यह नवीं शताब्दी में बैजानगर में हुसेन हल्लाज के घर उत्पन्न हुआ था । यह 'अनहलक' अर्थात् 'अहं ब्रह्मास्मि' कहा करता था । बगदाद के खलीफा मकतदिर ने इसे इस्लाम का विरोधी समझकर सन् ९१९ ईस्वी में सूली पर चढ़ा दिया और इसके शब को भस्म करा दिया था ।