मनुष्यगति
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]मनुष्यगति संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] जैन शास्त्रानुसार वह कर्म जिसके करने से मनुष्य बार बार मरकर मनुष्य का ही जन्म पाता है । ऐसे कर्म परस्त्रीगमन, मांसभक्षण, चांरी आदि वतलाए गए हैं ।