मनोरमा
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]मनोरमा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]
१. गोरोचन ।
२. सात सरस्वतियों में से चौथी का नाम ।
३. वौद्ध धर्मानुसार बुद्ध की एक शक्ति का नाम ।
४. छंदोमंजरी के अनुसार एक छंद जिसके प्रत्येक चरण में दस वर्ण होते हैं जिनमें पहला, दूसरा, तीसरा, सातवाँ और नवाँ वर्ण लघु और शेष गुरु होते हैं ।
५. महाकवि चंद्रशेखर के अनुसार आर्या के ५७ भेदों में एक जिसमें १२ गुरु और ३३ लघु वर्ण होते हैं ।
६. दस अक्षर के एक वर्णिक वृत्त का नाम जिसके प्रत्येक चरण में नगण, रगण और अंत में गुरु होता है । जैसे,— लहत मुक्ति पाप हो क्षमा ।
७. केशव के मतानुसार चौदह अक्षरों का एक वर्णिक वृत्त जिसके प्रत्येक पाद में
४. सगण और अंत में दो लघु होते हैं । जैसे,— यह शासन पठए नृप कानन ।
८. केशव के मतानुसार दोधक छंद का एक नाम जिसके प्रत्येक चरण में
४. भगण और दो गुरु होते हैं ।
९. सूदन के मातनुसार दस अक्षरों को एक वर्णिक वृत्त का नाम जिसके प्रत्येक चरण में तीन तमण और एक गुरु होता है । जैसे,— वीते कुछ घोस ही में जहाँ ।
१०. मार्कंडेय पुराणानुसार इंदीवर नामक एक गंधर्व की कन्या का नाम ।