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मनोराज

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मनोराज संज्ञा पुं॰ [सं॰ मनोगज्य] मानसिक कल्पना । मन की कल्पना उ॰— राग को न साज न बिराग जोग जाग जिय, काया नहिं छोड़े देत ठाठिबो कुठाट को । मनोराज करत अकाज भयो आजु लागि, चाहै चारु चीर पै लहै न टूक टाट को । —तुलसी (शब्द॰) ।