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मन्थान

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मंथान संज्ञा पुं॰ [सं॰ मन्थान]

१. मथानी ।

२. मदर नामक पर्वत ।

३. महादेव ।

४. अमलतास ।

५. एक वर्णिक छद जिसके प्रत्येक चरण में दो तगण होते हैं । उ॰—बाणी कही बान । कीन्ही न सो कान । अद्यापि आनीन । रे बादिका- नीन ।—केशव (शब्द॰) ।

६. भैरव का एक भेद ।