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मरबुली

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मरबुली संज्ञा स्त्री॰ [देश॰] एक प्रकार का कंद जो पहाड़ी प्रदेशों में उत्पन्न होता है । विशेष—इसके टुकड़े गज गज भर कै गड्ढे खोदकर बोए जाते हैं । बोवाई सदा हो सकती है; पर गर्मि के दिनों में इसमें पानी देने की आवश्यकता होती है । यह दो प्रकार की होती है— मीठी और तीक्ष्ण या गला काटनेवाली । दोनों से तीखुर बनाया जाता है । इसकी जड़ को आलू या कंद भी कहते हैं । कंद को धोकर उसके लच्छे बनाते हैं । फिर लच्छे को दबाकर या कुचलकर रस निकालते हैं जिसे सुखाकर सत्त बनता है जो तीखुर कहलाता है । रस निकले हुए खोइए को भी मुखा और पीसकर कोका के नाम में बेचते है । इसकी खेती पहाड़ों में अधिकता से होता हैं ।