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मरुत्त

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मरुत्त संज्ञा पुं॰ [सं॰] पुराणानुसार एक चक्रवर्ती राजा जो चंद्रवंशी महाराज करंधर के पुत्र अवोक्षित का पुत्र था । विशेष— इसने अनेक बार बड़े बड़े यज्ञ किए थे जिनमें समस्त यजपात्र सोने का बनवाए थे । इसके प्रभावती, सौवीरा, सुकेशी, केकयी, सैरंध्री, वसुमती और सुशोभना नाम की सात रानियाँ थीं, जिनसे अठारह लड़के पत्पन्न हुए थे । भागवत में इसे यदुवंशी और करंधर का पुत्र लिखा है ।