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मर्त्त

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मर्त्त प्रत्यक्षीकरण संज्ञा पुं॰ [सं॰] अमूर्त को मूर्त रूप देना । अगोचर पदार्थ को गोचर रूप देना । रूपरहित भावनाओं और विचारों को वस्तुरूप में व्यक्त करना । ठोस रूप देना । उ॰— तीव्र अंतरदृष्टिवाले कवि अपने सूक्ष्म विचारों का बड़ा ही रसणीय मूर्त्त प्रत्यक्षीकरण करते हैं ।—चिंतामणि, भा॰ २, पृ॰ ६६ ।