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मर्दक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मर्दक वि॰ [सं॰] दे॰ 'मर्द्दक' ।

मर्दक संज्ञा पुं॰ [सं॰] दे॰ 'मर्द्दन' । उ॰—(क) तेरा नाम तभी है, जब तू इस रावण सरीखे शत्रु का मुकुट अपने चरणतल में मर्दन करे ।— राधाकृष्ण (शब्द॰) । (ख) मर्दनीक मर्दन करै बढ़ै धात तन बेल ।— पृ॰ रा॰, ६ । १३० ।