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मर्मवाणी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मर्मवाणी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ मर्म+वाणी] भेदभरी वाणी । गूढ़ बात । मर्मवाक्य । उ॰— श्रीमुख से श्रीकृष्ण के सुना था जहाँ भारत ने गीतगीत सिंहनाद मर्मवाणी जीवन संग्राम की, सार्थक समन्वय ज्ञान कर्म भक्ति योग का ।—अनामिका, पृ॰ ५८ ।