सामग्री पर जाएँ

मर्मस्थल

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

मर्मस्थल संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. मर्मस्थान । विशेष दे॰ 'मर्म' ।

२. हृदय । मन । अंतस्तल । उ॰— कविता अपनी मनोरंजन शक्ति द्वारा पढ़ने या सुननेवाले का चित्त रमाए रहती है, जीवनपट पर उक्त कर्मों की सुदरता या विरूपता अंकित करके हृदय के मर्मस्थलों का स्पर्श करती है ।— रस॰, पृ॰ २७ ।