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मलोला

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मलोला संज्ञा पुं॰ [अ॰ मलुल या बलवला]

१. मानसिक व्यथा । दुःख । रंज । उ॰—राबे अहो हरि भावत का भरिकं भुज भौटए मेटि मलोलै ।—देव (शब्द॰) । मुहा॰—मलोला या मलोल आना=दुःख होना । पछतावा होना पश्चात्ताप होना । मलोले खाना=मानसिक व्यथा सहना । दुःख उठना । उ॰—उन्होने मसोसे के मलोले खा के कहा ।—इंशाअल्लाह (शब्द॰) । दिल के मलोले निकालना=भड़ास निकलना । कुछ बक झक्कर मन का दुःख दुर करना ।

२. वह इच्छा जो उमड़ उमड़कर मानसिक व्याकुलता उत्पन्न करे । अरमान । जैसे,—मेरे मन का मलोला कब होगा । (गीत) । क्रि॰ प्र॰—आना ।—उठना ।—निकलना ।