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मसकरा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मसकरा पु संज्ञा पु॰ [अ॰ मसखरा] दे॰ 'मसखरा' । उ॰—(क) जूझैगे तब कहैगे अब क्या कहें वनाय । भीर परै मन मसकरा लडै कियौ भगि जाय । —कबीर (शब्द॰) । (ख) दादू यहु मन मसकरा, जिनि कोई पतियाइ । —दादू॰, पृ॰ २०९ ।