महण
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]महण ^१ संज्ञा पुं॰ [डिं॰] समुद्र । उ॰—मुरझ थाँन मेवाड़, राँण राजाँन सरीखा । महण देख अबंध, करै कुण बंध परीखा ।— रा॰ रू॰, पृ॰ २३ ।
महण ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ मथन, प्रा॰ महण] मंथन । मंथना । यौ॰—महणारंभ = मथना । मथने की क्रिया । उ॰—मन समुद्र गुरु कमठ ह्वै किया जू महणारंभ ।—रज्रव॰, पृ॰ ४ ।