महना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]महना पु ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ मथन, मन्थन]
१. दही या मठा आदि मथना । महना । बिलोना ।
२. किसी बात या विषय का आवश्यकता से अधिक विवेचन करना । बहुत पिष्टपेषण करना । यौ॰—महनामत्थन = व्यर्थ का बहुत अधिक वाद विवाद करना । महनामथ = हाय तोबा । चीख पुकार । उ॰—बस इत्ता सुनता था कि जैसे हाथों के तोते उड़ गए, वह महनामथ मचाई कि तोबा ही भली ।—सैर कु॰, पृ॰ ७ ।
महना ^२ संज्ञा पुं॰ मथानी । रई ।