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महरा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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महरा ^१ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ महता] [स्त्री॰ महरी]

१. कहार । उ॰— सइयाँ, महरा मोर डोलिया फँदावै हो ।—धरम॰ श॰, पृ॰ ७४ ।

२. नोकर । सेवक । उ॰—महरा ने आकर कहा सरकार कोई स्त्री आपसे मिलने आई है ।—मान॰, भा॰, ५, पृ॰ २७४ ।

३. असुर के लिये आदरसूचक शब्द । (चमार) ।

४. सरदार । नायक । उ॰—दसवँ दाँव के गा जो दसहरा । पलटा सोइ नाव लेइ महरा ।—जायसी (शब्द॰) ।

५. दे॰ 'मेहरा' ।

महरा ^२ वि॰ प्रधान । श्रेष्ठ । बड़ा ।

महरा ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ माष + हिं॰ एरा] दे॰ 'महेला' ।