महरि
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]महरि संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ महर]
१. एक प्रकार का आदरसूचक शब्द जिसका व्यवहार ब्रज में प्रतिष्ठित स्त्रियों के संबंध में होता है । विशेष—कभी कभी इस शब्द का व्यवहार केवल यशोदा के लिये भी बिना उनका नाम लिए ही होता है ।
२. गृहस्वामिनी । मालकिन । घरवाली । उ॰—बाल बोलि डहिक बिरावत चरित लखि गोपीगन महरि मुदित पुलकित गात ।— तुलसी (शब्द॰) ।
३. ग्वालिन नामक पक्षी । दहिंगल । उ॰— दही दही कर महरि पुकारा । हारिल विनवइ आपु निहारा ।— जायसी (शब्द॰) ।