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महशर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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महशर संज्ञा पुं॰ [अ॰ मह्शर]

१. महाप्रलय ।

२. कयामत का दिन । मुसलमानी धर्म के अनुसार वह अंतिम दिन जब ईश्वर सब प्राणियों का न्याय करेगा । उ॰—रखता हूँ क्यूँ जफा को तुझ पर रवा ऐ जालिम । महशर में तुझसे आखिर मेरा हिसाब होगा ।—क॰ कौ॰, भा॰ ४, पृ॰ ८ ।

३. कयामत का मैदान । बहुत से लोगों के एकत्र होने का स्थान ।

४. हंगामा । उपद्रव । मुहा॰—महशर बरपा होना = भारी हंगामा मचना ।